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PGI Fire Case: बेटे की मौत पर मां का छलका दर्द, बोली- अपने लाल को भर पेट दूध भी नहीं पिला सकी

Wed, 20 Dec 2023 10:33 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर Published by: प्रगति चंद Updated Wed, 20 Dec 2023 10:33 AM IST
सार

बेटे के रूप में दूसरी संतान को लेकर मां-बाप के साथ पूरा परिवार खुश था, लेकिन इस खुशी पर ग्रहण लग गया। बेटे की मौत पर बिलख रही मां की जुबान पर सिर्फ एक ही बात थी कि अभी तो अपने लाल को भर पेट दूध भी नहीं पिला सकी थी...। यह क्या हो गया मेरे लाल के साथ...।

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PGI fire incident painful story of mother over death of newborn from Ghazipur
रोते-बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में इंडोक्रान विभाग के आपरेशन थिएटर (ओटी) में लगी आग के चलते धुएं से गाजीपुर के एक माह के बच्चे की जान चली गई थी। नवजात के दिल में छेद होने की शिकायत पर उसका आपरेशन चल रहा था। इसी दौरान घटना हो गई। मंगलवार को क्षेत्रीय लेखपाल ने रिपोर्ट तैयार करने के बाद मुख्यमंत्री सहायता राशि के लिए रिपोर्ट तहसील के उच्चाधिकारियों को सौंप दी।

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मां का बिलखना देख रो पड़े लोग
जिले के करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के सद्दोपुर गांव निवासी बृजभूषण यादव का दूसरी संतान के रूप में बेटा पैदा हुआ था। उसकी मौत से परिवार के साथ मोहल्ले में भी मातम पसरा है। वहीं, दरवाजे पर सांत्वना देने के लिए ग्रामीणों की भीड़ लगी हुई थी। बिलख रही मां की जुबान पर सिर्फ एक ही बात थी कि अभी तो अपने लाल को भर पेट दूध भी नहीं पिला सकी थी...। यह क्या हो गया मेरे लाल के साथ...। जिसे सुनकर वहां मौजूद लोगों का कलेजा फटा जा रहा था।
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इसे भी पढ़ें, PGI Fire Case: 100 लोग थे फंसे... किसी को छत तो किसी को खिड़की तोड़कर निकाला; ओटी में भयावह अग्निकांड की कहानी
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नवजात के दादा रामसुजान यादव ने बताया कि पुत्र वधू नेहा को बीते 16 नवंबर को प्रसव पीड़ा होने के बाद पास ही धर्मापुर स्थिति चिकित्सक के यहां ले जाया गया। जहां आपरेशन से बच्चा पैदा हुआ, लेकिन उसको सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। उसे उपचार के लिए बलिया स्थित डॉक्टर को दिखाया गया, लेकिन फायदा नहीं होने पर मऊ ले जाया गया। जहां चिकित्सक ने एसजीपीजीआई रेफर कर दिया। वहां ले जाने पर उसे इमरजेंसी में भर्ती करा दिया गया।

PGI fire incident painful story of mother over death of newborn from Ghazipur
घटना के बाद परिजनों को ढांढस बंधाते गांव के लोग। - फोटो : अमर उजाला

चिकित्सकों ने बताया कि नवजात के दिल में छेद है। इसके बाद आपरेशन की तारीख दे दी गई। बीते 18 दिसंबर को सुबह दस बजे बच्चे को लेकर ओटी में चले गए, लेकिन थोड़ी ही देर में अस्पताल में आग लगने की सूचना पर सभी लोग भागने लगे। जब आग पर काबू पाया गया, तब घरवालों को बुलाकर बताया गया कि नवजात की मौत हो गई है। इधर जानकारी होते ही परिजनों के रोने- बिलखने से गांव में चीख- पुकार मच गई।

दादी आशा देवी के बिलखने से वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। नवजात के पिता बृजभूषण यादव के दूसरे संतान के रूप में लड़का पैदा हुआ था। इसके पूर्व पांच वर्ष की पुत्री रिया यादव है। गांव के लोग परिजनों को ढांढस बंधाने में जुटे रहे। क्षेत्रीय लेखपाल शराफत अली ने बताया कि मुख्यमंत्री सहायता राशि के लिए रिपोर्ट तैयार कर तहसील के उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। 

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