गाजीपुर। सदर कोतवाली क्षेत्र के छोटा महादेवा गंगा घाट से छठ पूजा कर लौट रहे महिला-पुरुष और बच्चों सहित करीब 30 लोग दलदल में गिरकर मामूली रूप से चोटिल हो गए। इसको लेकर लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया। युवा बाल कमेटी के सदस्यों के साथ लोग हो-हल्ला करने लगे। सूचना मिलते ही पुलिस के साथ ही नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष के प्रतिनिधि भी वहां पहुंच गए। नाराज लोगों ने उन्हें घेर लिया। मौके पर पहुंचे सदर एसडीएम ने प्रतिनिधि पर नाराजगी व्यक्त करते हुए लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
मालूम हो कि नगर के गोराबाजार में स्थित छोटा महादेवा गंगा घाट जाने वाले मार्ग पर नाला पड़ता है। बाढ़ की वजह से नाले का पाइप धंस गया था और बगल में दलदल था। छठ पूजा के लिए लोगों को आने-जाने के लिए युवा बाल कमेटी के सदस्यों द्वारा लकड़ी का टेबल लगाया गया था। घाट पर जाने के दौरान लोगों केे वजन की वजह से टेबुल थोड़े से दलदल में धंस गया था। पूजा संपन्न होने पर लोगों के एक साथ निकलने के दौरान टेबुल धंस गया और निकलने के दौरान महिला-पुरुष और बच्चों सहित करीब 30 लोग गिरकर नाला के दलदल में फंस गए। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तत्काल इसकी जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही गोराबाजार चौकी इंचार्ज अशोक मिश्रा पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों के साथ कीचड़ में फंसे लोगों को निकालने में जुट गए। बच्चे को निकालते समय पुलिस कर्मी प्रदीप यादव खुद कुछ देर के लिए दलदल में फंस गए। आक्रोशित लोग नगर पालिका के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। जानकारी होते ही नगर पालिकाध्यक्ष सरिता अग्रवाल के प्रतिनिधि विनोद अग्रवाल मौके पर पहुंचे तो गुस्साए लोगों ने उन्हें घेर लिया। कमेटी के अध्यक्ष मोहित यादव, सदस्य टेंगू यादव, सोनू यादव, उमेश यादव, दिव्यांशु, काशी, अरुण यादव ने उनसे कहा कि नगर पालिका की तरफ छठ पूजा के लिए न तो लाइट की व्यवस्था की गई और न ही आने-जाने की। अगर धंसे नाला के पाइप को दुरुस्त करा दिया गया तो यह घटना नहीं होती। सूचना मिलते ही सदर एसडीएम सत्यप्रिय सिंह, कोतवाल धनंजय मिश्रा भी मौके पर पहुंच गए। एसडीएम ने नगर पालिका पर नाराजगी व्यक्त करते हुए रास्ते को दुरुस्त कराने के लिए कहा।