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सड़कों पर पार्किंग, यातायात पर जाम की जकड़न

Sun, 17 Oct 2021 11:00 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 17 Oct 2021 11:00 PM IST
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Parking on roads, tightness of traffic jams
गाजीपुर। शहरी इलाके में वर्षों बाद भी पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे लोगों को रोज जाम की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। शहर के बाजारों, कचहरी, कलेक्ट्रेट सहित अन्य मुख्य इलाकों में दो पहिया और चार पहिया वाहन खड़ा करने को लेकर लोगों को सौ बार सोचना पड़ता है। ऐसे में इन जगहों पर लोग बेतरतीब ढंग से सड़क किनारे वाहन खड़ा कर देते हैं। इससे सड़कें बेहद सकरी हो जाती हैं और दिनभर जाम की समस्या बनी रहती है।
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सुबह, शाम और दोपहर तीनों पहर लाल दरवाजा, पंच रस्ता, नखास, रूई मंडी, लंका बस स्टैंड, स्टेशन रोड, मालगोदाम रोड, कचहरी, महुआबाग सहित के अन्य इलाकों में धक्के खाकर ही निकलना पड़ता है। नगर पालिका की मानें तो बाजार वाले इलाके में सरकारी जमीन का अभाव होने से पार्किंग को लेकर कोई अब तक कोई योजना नहीं बन पाई है। शहरी प्रशासन और जिला प्रशासन के पास कोई योजना नहीं होने से रोजाना करीब 80 हजार वाहनों का आवागमन शहरी क्षेत्र में होता है। आरटीओ विभाग की मानें तो जिले में ढाई लाख के करीब पंजीकृत वाहन हैं, जिनमें से करीब-करीब 80 हजार वाहन वाहनों का रोजाना शहरी क्षेत्र में आना-जाना होता है। यह आंकड़ा त्योहार और शादी-ब्याह के सीजन में बढ़कर एक लाख के करीब पहुंच जाता है। बावजूद इसके पूरे शहर में एक भी पार्किंग स्थल नहीं है। इससे दो पहिया और चार पहिया वाहनों की भरमार सड़कों पर रहती है।
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खास कर शहर के एटीएम, बैंक और अस्पताल वाले इलाके वाहनों से पटे रहते हैं। सड़क की दोनों पटरियों पर ये वाहन अड्डा बनाए रहते हैं। शाम के समय तो एटीएम वाली जगहों से दो पहिया वाहन वाहन लेकर भी निकलना दूभर हो जाता है।
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ऐसे में शहर के बीचोबीच बाजार वाले इलाके में पार्किंग की व्यवस्था करना समय की मांग है। इसके लिए टाउन हाल परिसर, जिला महिला अस्पताल और सीटी इंटर कॉलेज के बड़े परिसर का कुछ हिस्सा लेकर पार्किंग के तौर पर विकसित किया जा सकता है। साथ ही कचहरी, कलेक्ट्रेट और लंका मैदान के आसपास भी कई ऐसी शासकीय जमीन हैं, जिन पर पार्किंग को लेकर मुक्कमल योजना तैयार की जा सकती है। लेकिन, शहरी प्रशासन और जिला प्रशासन शहर की पार्किंग व्यवस्था को सुचारु रूप से विकसित करने को लेकर मजबूत इच्छाशक्ति नहीं दिखा पा रहे।
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