UP: मॉर्च्यूरी में शव रखने वाले 12 चैंबर में से सात खराब, चार एसी भी बेकार; गाजीपुर में दो सफाईकर्मी हटाए गए
मेडिकल कॉलेज के मॉर्च्यूरी हाउस में दुर्गंध के कारण लोग बाहर ही डेड बाॅडी रख दे रहे हैं। यहां सफाई की व्यवस्था भी ठीक नहीं होने के कारण दो कर्मचारियों को हटा दिया गया।
विस्तार
मेडिकल कॉलेज के मॉर्च्यूरी हाउस में 12 डेड बाॅडी रखे जाने के लिए चैंबर बनाए गए हैं लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण इसमें से सात चैंबर खराब हैं। चार एसी भी काम नहीं कर रहे हैं। इससे शवों को रखने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
सफाईकर्मी शवों को बाहर रख कर छोड़ देते हैं। हालांकि अब अपनी कमियां छुपाने के लिए दो सफाईकर्मियों को जिम्मेदारों ने हटा दिया है। सड़क हादसा, हत्या और अन्य कारणों से मौत पर पोस्टमार्टम कराने से पूर्व शवों को मॉर्च्यूरी हाउस में सुरक्षित रखवा जाता है।
मिश्र बाजार स्थित पुराने अस्पताल परिसर से मॉर्च्यूरी हाउस को हटाकर गोराबाजार स्थित पुरुष अस्पताल परिसर में बने मॉर्च्यूरी हाउस भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। शवों को सुरक्षित रखने के लिए फ्रीजर भी स्थापित किए गए लेकिन दो वर्ष में ही ये खराब होने लगे।
दुर्गंध से लोग हो रहे थे परेशान
मौजूदा स्थिति यह है कि यहां 12 में से सात शव रखने के लिए बने चैंबर खराब हैं। यही स्थिति एसी की भी है। इस समय भी चार एसी खराब हैं। इससे शवों से कुछ ही घंटे में दुर्गंध आने लगती है। ऐसे में शवों को सफाई कर्मी भी बाहर रखने लगे हैं।
इससे मॉर्च्यूरी में पानी निकासी के लिए बनाए गए होल के रास्ते अंदर चूहे भी आने लगे हैं और वह शवों तक पहुंच जाते हैं। बीते दिनों एक शव को लेकर उनके परिजन आरोप भी लगाए की चूहों ने आंख निकाल ली।
हालांकि बाद में यह आरोप झूठा निकला लेकिन इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं और अब सार्वजनिक होने के डर से जिम्मेदार कार्रवाई शुरू कर दिए। उन्होंने मॉर्च्यूरी में तैनात रहने वाले सफाईकर्मी आउट सोर्सिंग पर तैनात सूरज और प्रीति को हटा दिया है।
बोलें अधिकारी
शवों को बाहर रखकर चले जाने की शिकायत पर आउट सोर्सिंग पर तैनात दो सफाई कर्मियों को हटाया गया है। साथ ही खराब हुए चैंबर और एसी को सही कराने के लिए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को पत्र लिखा गया है। - डाॅ. राजेश सिंह, सीएमएस