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आउट आफ स्कूल: बच्चों के चिन्हीकरण के लिए चलेगा अभियान
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गाजीपुर। शैक्षिक सत्र 2020-21 में आउट ऑफ स्कूल बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए स्कूल हर दिन आएं अभियान चलाया जा रहा है। दो चरणों में चलने वाला पहली फरवरी से शुरू अभियान 15 अप्रैल तक चलाया जाएगा। दूसरा चरण 21 मई से शुरू होकर 15 जुलाई तक चलेगा। सहायक अध्यापक, शिक्षामित्र और अनुदेशक अभियान के दौरान घर-घर आउट ऑफ स्कूल बच्चों का चिह्नीकरण, पंजीकरण और नामांकन करेंगे।
नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के अंतर्गत छह से 14 आयु वर्ग के सभी बालक-बालिकाओं को नि:शुल्क प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान है। इस आयु वर्ग के ऐसे बच्चे जिन्हें किसी विद्यालय में नामांकित नहीं किया गया है अथवा नामांकन के बाद वह अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण नहीं कर सके हैं, उनका चिह्नीकरण करते हुए उनका नामांकन आयु संगत कक्षा में कराया जाए। अन्य विद्यार्थियों के समकक्ष लाने के लिए उन बच्चों को विशेष प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की जाए। अभियान में पांच से 14 वर्ष की आयु के सभी आउट आफ स्कूल बच्चों को परिषदीय स्कूलों में प्रवेश दिलाने का लक्ष्य रखा है। राज्य परियोजना निदेशक की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों का चिह्नीकरण भी हाउस होल्ड सर्वे के साथ किया जाए ताकि ऐसे विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों के नामांकन एवं शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा सके। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्रवण कुमार गुप्ता ने बताया कि पांच प्लस से चौदह आयु वर्ग के आउट आफ स्कूल बच्चों का चिह्नीकरण विद्यालय के प्रधानाध्यापकों-अध्यापकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों की तरफ से हाउस होल्ड सर्वे के माध्यम से दो चरणों में किया जाएगा।
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नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के अंतर्गत छह से 14 आयु वर्ग के सभी बालक-बालिकाओं को नि:शुल्क प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान है। इस आयु वर्ग के ऐसे बच्चे जिन्हें किसी विद्यालय में नामांकित नहीं किया गया है अथवा नामांकन के बाद वह अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण नहीं कर सके हैं, उनका चिह्नीकरण करते हुए उनका नामांकन आयु संगत कक्षा में कराया जाए। अन्य विद्यार्थियों के समकक्ष लाने के लिए उन बच्चों को विशेष प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की जाए। अभियान में पांच से 14 वर्ष की आयु के सभी आउट आफ स्कूल बच्चों को परिषदीय स्कूलों में प्रवेश दिलाने का लक्ष्य रखा है। राज्य परियोजना निदेशक की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों का चिह्नीकरण भी हाउस होल्ड सर्वे के साथ किया जाए ताकि ऐसे विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों के नामांकन एवं शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा सके। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्रवण कुमार गुप्ता ने बताया कि पांच प्लस से चौदह आयु वर्ग के आउट आफ स्कूल बच्चों का चिह्नीकरण विद्यालय के प्रधानाध्यापकों-अध्यापकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों की तरफ से हाउस होल्ड सर्वे के माध्यम से दो चरणों में किया जाएगा।
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