ई-फार्मर रजिस्ट्री: गाजीपुर में 54336 में सिर्फ 21682 किसानों का पंजीकरण, 258 गांवों के लिए 305 कर्मचारी तैनात
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में ई-फार्मर रजिस्ट्री पर मात्र 40 प्रतिशत किसान ही जुड़ सके हैं। पंजीकरण में आधी से ज्यादा आबादी वंचित है। प्रशासन की तरफ से शिविर लगाकर रजिस्ट्री की प्रक्रिया तेज करने की कवायद की जा रही है।
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E-Farmer Registry in UP: शासन की तमाम कोशिशों और जागरूकता अभियानों के बावजूद स्थानीय तहसील क्षेत्र में ई-फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया तय समय सीमा के भीतर पूरी नहीं हो सकी है। आंकड़ों के अनुसार कुल 54336 लाभार्थी किसानों में से अब तक सिर्फ 21682 किसानों ने ही अपना पंजीकरण कराया है।
यह लक्ष्य का महज 40 प्रतिशत है। शेष 60 प्रतिशत यानी 32654 किसान अब भी इस प्रक्रिया से वंचित हैं। शासन ने यह अभियान दिसंबर 2024 में शुरू किया था। इसके तहत प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े लाभार्थियों को ई-फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य किया गया है।
पहले इसकी अंतिम तिथि 31 जनवरी 2025 तय की गई थी, जिसे बढ़ाकर 31 अप्रैल 2025 कर दिया गया। बावजूद इसके आधे से कम किसानों का पंजीकरण हो सका है। तहसील क्षेत्र में कुल 258 गांव हैं, जहां शासन ने रजिस्ट्री प्रक्रिया को पूरा कराने के लिए 305 कर्मियों को तैनात किया है।
इनमें 120 रोजगार सेवक, 150 कॉमन सर्विस सेंटर संचालक, 28 लेखपाल और सात कृषि विभाग के कर्मचारी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त प्रशासन की ओर से जगह-जगह कैंप लगाकर रजिस्ट्री प्रक्रिया तेज करने की कोशिश की जा रही है।
प्राथमिकता के ताैर पर चल रहा काम
तहसीलदार राम रामायण वर्मा ने बताया कि शासन से ई-फार्मर रजिस्ट्री के लक्ष्य को शीघ्र पूरा करने के सख्त निर्देश प्राप्त हुए हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वह शीघ्र अपना पंजीकरण करा लें। उन्होंने स्पष्ट किया कि ई-फार्मर रजिस्ट्री शासन की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है।
ई-फार्मर रजिस्ट्री के लिए किसान को विभिन्न जानकारियां देना अनिवार्य हैं, जैसे किसान का नाम, पिता का नाम, स्वामित्व वाले सभी गाटा नंबर, सह खातेदारी की स्थिति में अंश की जानकारी, मोबाइल नंबर, आधार नंबर और ई-केवाईसी का विवरण। प्रशासन ने दोहराया है कि रजिस्ट्री के बिना भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना संभव नहीं होगा।