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जर्जर 74 विद्यालय ही किए जा सके ध्वस्त
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जर्जर एवं निस्प्रयोज्य हो चुके परिषदीय विद्यालयों की नीलामी कराकर उन्हें ध्वस्त करने का फरमान जारी किए महीनों बीते गए। इसके बावजूद अभी तक यह कवायद पूरा नहीं की जा सकी है। इसके चलते ऐसे विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र एवं छात्राओं के अभिभावक अपने बच्चों की सलामती को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
जिले में कुल 2269 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 1468 प्राथमिक, 352 उच्च प्राथमिक एवं 449 कंपोजिट विद्यालय हैं। इनमें करीब तीन लाख दस हजार छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। पिछले वर्ष 420 ऐसे विद्यालयों को चिन्हित किया गया जो जर्जर या निस्प्रयोज्य घोषित हो चुके हैं। इनमें अब तक महज 74 विद्यालयों की नीलामी के साथ ही उनके ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी की जा सकी है। शेष 346 की नीलामी एवं उसके ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं की जा सकी है। सुहवल संवाददाता के अनुसार रेवतीपुर ब्लाक अंतर्गत विभिन्न गावों के कुल 13 जर्जर विद्यालयों को चिन्हित कर उसकी नीलामी की प्रक्रिया बीते दिनों शुरू की गई। शिक्षा विभाग की उदासीनता से अभी तक इसे अंजाम तक नहीं पहुंचाया जा सका है। ब्लाक अंतर्गत कुल 104 विद्यालय हैं इनमें 23 कंपोजिट, 18 जूनियर तथा 63 प्राथमिक विद्यालय हैं जिनमें करीब 15500 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। ऐसे विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं।
सभी खंड शिक्षाधिकारियों (बीईओ) को सख्त हिदायत दी गई है कि बीस मई तक इस प्रक्रिया को हर हाल में पूरा कर लिया जाए। इसमें कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - हेमंत राव, बेसिक शिक्षाधिकारी
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जिले में कुल 2269 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 1468 प्राथमिक, 352 उच्च प्राथमिक एवं 449 कंपोजिट विद्यालय हैं। इनमें करीब तीन लाख दस हजार छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। पिछले वर्ष 420 ऐसे विद्यालयों को चिन्हित किया गया जो जर्जर या निस्प्रयोज्य घोषित हो चुके हैं। इनमें अब तक महज 74 विद्यालयों की नीलामी के साथ ही उनके ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी की जा सकी है। शेष 346 की नीलामी एवं उसके ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं की जा सकी है। सुहवल संवाददाता के अनुसार रेवतीपुर ब्लाक अंतर्गत विभिन्न गावों के कुल 13 जर्जर विद्यालयों को चिन्हित कर उसकी नीलामी की प्रक्रिया बीते दिनों शुरू की गई। शिक्षा विभाग की उदासीनता से अभी तक इसे अंजाम तक नहीं पहुंचाया जा सका है। ब्लाक अंतर्गत कुल 104 विद्यालय हैं इनमें 23 कंपोजिट, 18 जूनियर तथा 63 प्राथमिक विद्यालय हैं जिनमें करीब 15500 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। ऐसे विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं।
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सभी खंड शिक्षाधिकारियों (बीईओ) को सख्त हिदायत दी गई है कि बीस मई तक इस प्रक्रिया को हर हाल में पूरा कर लिया जाए। इसमें कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - हेमंत राव, बेसिक शिक्षाधिकारी
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