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Ghazipur News: एक शाम गहमर के पुरखों के नाम
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बारा। एक शाम गहमर के पुरखों के नाम का आयोजन स्थानीय गांव के एक मैरेज हाल में शनिवार की शाम किया गया। अतिथियों ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन एवं मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया। नववर्ष की पूर्व संध्या पर आयोजित इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने गहमर उन पुरखों पर विस्तार से चर्चा की जो किसी ना किसी रूप में गांव, क्षेत्र एवं देश का नाम रोशन किए थे।
परिचर्चा की कड़ी में 1857 के अमर सेनानी वीरवर मैगर सिंह, हिंदी जासूसी उपन्यास के प्रथम लेखक और हिंदी साहित्य को जासूस शब्द देने वाले गोपाल राम गहमरी, भोजपुरी के अप्रतिम गीतकार भोलानाथ गहमरी, पटेल आयोग के जनक विश्वनाथ सिंह गहमरी, कपिलदेव द्विवेदी, ठाकुर योगेश्वर सिंह, रामयश सिंह तहसीलदार, मान्धाता सिंह, धामदेव राव, तुलसी नारायण सिंह आदि गहमर के पूर्वजों के बारे में वक्ताओं ने विस्तार से लोगों को बताया।
इस अवसर पर भोलानाथ गहमरी की सुपुत्री ज्योत्सना श्रीवास्तव ने गहमरी के लिखे गीत का वाचन किया। यशवंत सिंह यश ने अपनी ओज की कविता से लोगो में जोश का संचार किया। मुख्य अतिथि जय प्रकाश विश्वविद्यालय छपरा बिहार के पूर्व कुलपति प्रोफेसर हरिकेश सिंह, विशिष्ट अतिथि डॉक्टर सानंद सिंह एवं अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार धीरेंद्र श्रीवास्तव रहे।
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इस अवसर पर जगत सिंह, राजकुमार तिवारी, बाल्मीकि सिंह, पूर्व सूबेदार मेजर मार्कण्डेय सिंह, एडवोकेट धीरेंद्र सिंह, सुनीता सिंह, परीक्षित सिंह, अमजद हुसैन शास्त्री, लक्ष्मीकांत उपाध्याय, प्रधानाचार्य मार्कण्डेय यादव, अमित सिंह सिकरवार, योगेंद्र सिंह मास्टर, दामोदर सिंह मास्टर आदि ने अपने उदगार व्यक्त किए।
संचालन मिथिलेश गहमरी ने किया।अंत में कार्यक्रम के आयोजक विश्वनाथ सिंह गहमरी के सुपुत्र अजय सिंह गहमरी ने सभी आगंतुकों एवं उपस्थित श्रोताओं का नववर्ष की बधाई के साथ आभार व्यक्त किया।
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परिचर्चा की कड़ी में 1857 के अमर सेनानी वीरवर मैगर सिंह, हिंदी जासूसी उपन्यास के प्रथम लेखक और हिंदी साहित्य को जासूस शब्द देने वाले गोपाल राम गहमरी, भोजपुरी के अप्रतिम गीतकार भोलानाथ गहमरी, पटेल आयोग के जनक विश्वनाथ सिंह गहमरी, कपिलदेव द्विवेदी, ठाकुर योगेश्वर सिंह, रामयश सिंह तहसीलदार, मान्धाता सिंह, धामदेव राव, तुलसी नारायण सिंह आदि गहमर के पूर्वजों के बारे में वक्ताओं ने विस्तार से लोगों को बताया।
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इस अवसर पर भोलानाथ गहमरी की सुपुत्री ज्योत्सना श्रीवास्तव ने गहमरी के लिखे गीत का वाचन किया। यशवंत सिंह यश ने अपनी ओज की कविता से लोगो में जोश का संचार किया। मुख्य अतिथि जय प्रकाश विश्वविद्यालय छपरा बिहार के पूर्व कुलपति प्रोफेसर हरिकेश सिंह, विशिष्ट अतिथि डॉक्टर सानंद सिंह एवं अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार धीरेंद्र श्रीवास्तव रहे।
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इस अवसर पर जगत सिंह, राजकुमार तिवारी, बाल्मीकि सिंह, पूर्व सूबेदार मेजर मार्कण्डेय सिंह, एडवोकेट धीरेंद्र सिंह, सुनीता सिंह, परीक्षित सिंह, अमजद हुसैन शास्त्री, लक्ष्मीकांत उपाध्याय, प्रधानाचार्य मार्कण्डेय यादव, अमित सिंह सिकरवार, योगेंद्र सिंह मास्टर, दामोदर सिंह मास्टर आदि ने अपने उदगार व्यक्त किए।
संचालन मिथिलेश गहमरी ने किया।अंत में कार्यक्रम के आयोजक विश्वनाथ सिंह गहमरी के सुपुत्र अजय सिंह गहमरी ने सभी आगंतुकों एवं उपस्थित श्रोताओं का नववर्ष की बधाई के साथ आभार व्यक्त किया।