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Ghazipur News: महाशिवरात्रि पर आज महाहर धाम में एक लाख श्रद्धालु करेंगे जलाभिषेक

Sun, 15 Feb 2026 12:11 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 15 Feb 2026 12:11 AM IST
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On Mahashivratri, one lakh devotees will perform Jalabhishek at Mahahar Dham today
भैरोपुर गांव में निकली शिव बारात शोभायात्रा शामिल झांकी व कलाकार। संवाद - फोटो : सांकेतिक
मरदह। जनपद की पौराणिक और आध्यात्मिक पहचान के रूप में प्रसिद्ध महाहर धाम आज भी श्रद्धालुओं की आस्था का बड़ा केंद्र बना हुआ है, जहां रविवार को महाशिवरात्रि पर क्षेत्र के करीब एक लाख लोग जलाभिषेक करेंगे। महाशिवरात्रि के दिन से ही यहां मेले का शुभारंभ होगा। महाहर धाम को क्षेत्र में लहुरी काशी के नाम से भी जाना जाता है।
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मंदिर समिति के अध्यक्ष डॉ. रामप्रवेश सिंह ने बताया कि मान्यता है कि यह स्थल चक्रवर्ती सम्राट महाराजा दशरथ के राज्य का पूर्वी भाग था, जहां वे कुछ महीनों तक रहकर साम्राज्य की सुरक्षा व प्रशासनिक देखरेख करते थे। यहां स्थित 13 मुखी प्राचीन शिव प्रतिमा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष श्रद्धा है। जनश्रुति के अनुसार इसी स्थान पर महाराजा दशरथ ने देवाधिदेव महादेव की साकार प्रतिमा की स्थापना कराई थी और वे स्वयं यहां आकर पूजा करते थे। उन्होंने बताया कि महाहर धाम मरदह ब्लाॅक से करीब 5 किमी पूरब सुलेमापुर देवकली ग्रामसभा में स्थित है। गाजीपुर मुख्यालय से इसकी दूरी लगभग 30 किमी है।
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श्रवण कुमार की कथा से जुड़ा है महाहर धाम
मंदिर समिति के अध्यक्ष ने बताया कि जनश्रुतियों के अनुसार, शब्दवेधी बाण से श्रवण कुमार की मृत्यु इसी क्षेत्र में हुई थी। बताया कि श्रवण कुमार अपने अंधे माता-पिता को कांवर पर बैठाकर तीर्थ करा रहे थे। पानी की तलाश में वे महाहर के सरोवर तक पहुंचे थे, जहां वनमृग के भ्रम में दशरथ ने बाण चला दिया था। जिस स्थान पर श्रवण कुमार ने अपने माता-पिता को वृक्ष पर कांवर सहित लटकाया था, वह आज भी सरवनडीह के नाम से प्रसिद्ध है। वहीं, महाहर और सरवनडीह के बीच का भूभाग आज भी रामवन नाम से जाना जाता है, जिससे उस कालखंड में यहां घने जंगल होने की बात पुष्ट होती है।
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महाशिवरात्रि के पूर्व निकली शिव बरात

बिरनो। क्षेत्र के शहीद भैरोपुर गांव में शनिवार को महाशिवरात्रि पर्व को लेकर गाजे-बाजे के साथ भव्य शिव बरात शोभायात्रा निकाली गई। पीला वस्त्र में शामिल महिलाएं सिर पर कलश लेकर मंगलगीत गा रही थी। जबकि, डीजे पर बजते भक्ति धुन और गानों पर झूमते नवयुवक हुए हर-हर महादेव का जयकारा लगा रहे थे। आयोजक हरिद्वार राजभर ने बताया कि भैरोपुर शिवमंदिर से निकली शिव बरात शोभायात्रा बल्लीपुर, महमूदपुर और बद्दूपूर होते हुए वापस शिवमंदिर मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। इस दौरान हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान रहा। वहीं, अगले दिन रविवार को शिव मंदिर पर विशेष पूजन-अर्चन, मेला और सांस्कृतिक कार्यक्रम में काशी से पहुंचे कलाकार शिव तांडव की प्रस्तुति देंगे। अंत में श्रद्धालुओं में प्रसाद का वितरित किया जाएगा। इस मौके पर पुजारी योगेंद्र दास, पंचदेव यादव, यशवंत खरवार, देवनारायण यादव, राजनाथ पुजारी आदि मौजूद रहे।
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