{"_id":"61acf8865a056c763005ca55","slug":"omicron-special-watch-on-those-coming-from-abroad-and-other-states-ghazipur-news-vns6262969164","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओमिक्रॉन: विदेशों और गैर प्रांतों से आने वालों पर विशेष नजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओमिक्रॉन: विदेशों और गैर प्रांतों से आने वालों पर विशेष नजर
विज्ञापन
कोरोना के नये वैरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। विदेशों और दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही है। सर्विलांस की टीम यात्रियों की सूची तैयार करने में जुटी है। इसके साथ ही मुंबई, दिल्ली, महाराष्ट्र, केरल और गुजरात से आने वाले यात्रियों का रेलवे स्टेशनों एवं बस स्टैंडों पर स्वैब लेकर आरटीपीसीआर जांच के लिए बीएचयू भेजा जा रहा है। कोरोना से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें और सक्रिय कर दी गई हैं।
अमेरिका से हैदराबाद होते गाजीपुर शहर में आए चार लोग पिछले दिनों कोरोना संक्रमित मिले थे। उनके संपर्क में आए 21 लोगों की भी जांच कराई गई थी। हालांकि संपर्क में आए लोगों की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई थी। कुछ देशों में कोरोना के नये वैरिएंट ओमिक्रॉन का प्रभाव होने की बात सामने आने पर जिले में सतर्कता बढ़ा दी गई है। आपात स्थिति के लिए जिला अस्पताल में ओमिक्रॉन पीड़ितों के लिए अलग से वार्ड बनाया गया है। वहीं जीवन रक्षक दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था की जाने लगी है। इसके साथ ही गठित 190 सर्विलांस टीम को एक बार फिर सक्रिय करने के साथ विदेशों से आने वाले यात्रियों की सूची तैयार की जा रही है। इसके साथ ही जोखिम भरे प्रांतों से आने वाले प्रत्येक यात्रियों की जांच कराने के साथ उनकी निगरानी भी शुरू कर दी गई है ताकि संक्रमण के फैलने से पहले ही अंकुश लगाया जा सके और बीमार मरीज को तत्काल इलाज की सुविधा मुहैया कराई जा सके।
कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमितों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य व्यवस्था डगमगा गई थी। सबसे विषम परिस्थिति का तो यहां के लोगों को उस समय सामना करना पड़ा था, जब ऑक्सीजन की कमी के चलते अपनों को दम तोड़ते देखा गया था। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से ठोस कदम उठाए जाने के बाद संक्रमितों की संख्या में कमी आनी शुरू हो गई थी। वहीं ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कराने के साथ दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता ने संक्रमण से जिले को अलग करने काम किया था।
विज्ञापन
0000
इनसेट
अब तक 2711259 को लगा कोरोना का टीका
गाजीपुर। जिले में अब तक 2711259 लोगों को कोरोना का टीका लग चुका है। इसमें 18 वर्ष से 44 वर्ष तक के 1503175 लोग शामिल हैं। जबकि 45 से 60 वर्ष तक के 1208084 लोग शामिल हैं। विभाग के आंकड़ों को देखा जाए तो 18 वर्ष से 60 वर्ष तक 1893870 लोगों ने प्रथम डोज और 817389 लोगों ने दूसरे डोज का टीका लगवा लिया है। विभाग की ओर से लगातार टीकाकरण अभियान चल रहा है।
0
इनसेट
जांच के लिए लगाई र्गइं 85 टीमें
गाजीपुर। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में कोविड की जांच के लिए 85 टीमें लगाई हैं। इसमें 65 मोबाइल टीम और 19 स्टेटिक टीमें लगाई गई हैं। जिले में अब तक सक्रिय मरीजों की संख्या पांच पहुंच गई है। मौत का आंकड़ा शून्य है। पांच मार्च 2020 से अब तक 330800 आरटीपीसीआर, 739425 एंटीजन और 3581 लोगों की जांच ट्रूूनैट के माध्यम से हो चुकी है। इसमें 1049806 निगेटिव और 21649 पॉजिटिव मिले हैं। जबकि 2351 की रिपोर्ट अभी भी लंबित हैं।
0000
विदेशों से आने वाले यात्रियों की सूची तैयार की जा रही है। इसके अलावा गैर प्रांतों से आने वाले यात्रियों की जांच भी शुरू कर दी गई है, जिससे संक्रमण के खतरे को रोका जा सके।- डॉ. उमेश कुमार, नोडल एसीएमओ।
विज्ञापन
अमेरिका से हैदराबाद होते गाजीपुर शहर में आए चार लोग पिछले दिनों कोरोना संक्रमित मिले थे। उनके संपर्क में आए 21 लोगों की भी जांच कराई गई थी। हालांकि संपर्क में आए लोगों की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई थी। कुछ देशों में कोरोना के नये वैरिएंट ओमिक्रॉन का प्रभाव होने की बात सामने आने पर जिले में सतर्कता बढ़ा दी गई है। आपात स्थिति के लिए जिला अस्पताल में ओमिक्रॉन पीड़ितों के लिए अलग से वार्ड बनाया गया है। वहीं जीवन रक्षक दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था की जाने लगी है। इसके साथ ही गठित 190 सर्विलांस टीम को एक बार फिर सक्रिय करने के साथ विदेशों से आने वाले यात्रियों की सूची तैयार की जा रही है। इसके साथ ही जोखिम भरे प्रांतों से आने वाले प्रत्येक यात्रियों की जांच कराने के साथ उनकी निगरानी भी शुरू कर दी गई है ताकि संक्रमण के फैलने से पहले ही अंकुश लगाया जा सके और बीमार मरीज को तत्काल इलाज की सुविधा मुहैया कराई जा सके।
विज्ञापन
कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमितों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य व्यवस्था डगमगा गई थी। सबसे विषम परिस्थिति का तो यहां के लोगों को उस समय सामना करना पड़ा था, जब ऑक्सीजन की कमी के चलते अपनों को दम तोड़ते देखा गया था। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से ठोस कदम उठाए जाने के बाद संक्रमितों की संख्या में कमी आनी शुरू हो गई थी। वहीं ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कराने के साथ दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता ने संक्रमण से जिले को अलग करने काम किया था।
विज्ञापन
0000
इनसेट
अब तक 2711259 को लगा कोरोना का टीका
गाजीपुर। जिले में अब तक 2711259 लोगों को कोरोना का टीका लग चुका है। इसमें 18 वर्ष से 44 वर्ष तक के 1503175 लोग शामिल हैं। जबकि 45 से 60 वर्ष तक के 1208084 लोग शामिल हैं। विभाग के आंकड़ों को देखा जाए तो 18 वर्ष से 60 वर्ष तक 1893870 लोगों ने प्रथम डोज और 817389 लोगों ने दूसरे डोज का टीका लगवा लिया है। विभाग की ओर से लगातार टीकाकरण अभियान चल रहा है।
0
इनसेट
जांच के लिए लगाई र्गइं 85 टीमें
गाजीपुर। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में कोविड की जांच के लिए 85 टीमें लगाई हैं। इसमें 65 मोबाइल टीम और 19 स्टेटिक टीमें लगाई गई हैं। जिले में अब तक सक्रिय मरीजों की संख्या पांच पहुंच गई है। मौत का आंकड़ा शून्य है। पांच मार्च 2020 से अब तक 330800 आरटीपीसीआर, 739425 एंटीजन और 3581 लोगों की जांच ट्रूूनैट के माध्यम से हो चुकी है। इसमें 1049806 निगेटिव और 21649 पॉजिटिव मिले हैं। जबकि 2351 की रिपोर्ट अभी भी लंबित हैं।
0000
विदेशों से आने वाले यात्रियों की सूची तैयार की जा रही है। इसके अलावा गैर प्रांतों से आने वाले यात्रियों की जांच भी शुरू कर दी गई है, जिससे संक्रमण के खतरे को रोका जा सके।- डॉ. उमेश कुमार, नोडल एसीएमओ।