फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Number for youth from call center, was given on the pretext of getting government job

Ghazipur News: कॉल सेंटर से युवाओं के लिए नंबर, सरकारी नौकरी दिलाने का दिया था झांसा

Fri, 18 Oct 2024 02:46 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 18 Oct 2024 02:46 AM IST
विज्ञापन
Number for youth from call center, was given on the pretext of getting government job
गाजीपुर। मर्चेंट नेवी में नौकरी दिलाने के नाम पर आयोजित की गई फर्जी परीक्षा में बड़ा नेटवर्क शामिल होने की आंशका है। पुलिस जांच में जुटी है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि परीक्षा कराने वाली संस्था ने कॉल सेंटर से युवाओं के मोबाइल नंबर इकट्ठा की थी। इसके बाद युवाओं से संपर्क कर उन्हें नौकरी दिलाने के नाम पर परीक्षा में शामिल कराया गया। पुलिस के मुताबिक परीक्षा कराने वाली संस्था अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण दिखाते और मेडिकल और ट्रेनिंग के नाम पर वसूली करने की तैयारी में थी। हालांकि वे एक अभ्यर्थी से कितना लेते यह अभी आरोपियों ने नहीं बताया है।
विज्ञापन

पुलिस से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी दिनेश जाट (23) निवासी बडल्ला थाना बारामील सराना जिला अजमेर, सचिन बगडिया (20) निवासी ग्राम पालडि थाना बालारा जिला सीकर राजस्थान है। दोनों हरियाणा की संस्था नॉर्थ इंडिया मरीन एकेडमी एंड मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े हैं। पूछताछ में दोनों ने बताया कि कॉल सेंटर से बेरोजगारों के मोबाइल नंबर और उनके डेटा एकत्र किया गया। हालांकि ये डेटा किस कंपनी और किस तरीके से एकत्र की इसकी जानकारी नहीं दी। अधिकारियों के मुताबिक डेटा एकत्र करने के बाद संस्था बेरोजगारों से फोन पर संपर्क कर पूछी कि क्या आप मर्चेंट नेवी में सरकारी नौकरी करना चाहते हैं, जवाब हां मिलने पर एक मोबाइल पर लिंक भेजते और कहते की फार्म भर दीजिए कोई शुल्क नहीं देना है। लेकिन एक परीक्षा देनी होगी। इस तरह लखीमपुर खीरी, वाराणसी, गाजीपुर, भदोही, सुल्तानपुर आदि शहरों के कुल 230 युवाओं को अपने झांसे में लिए। इसके बाद गाजीपुर गोराबाजार में सीबीएससी बोर्ड से संचालित अल्टरनेट स्कूल के प्रबंधक का ऑनलाइन नंबर निकालकर उनसे संपर्क किया। उनसे कहा गया कि वे एक परीक्षा कराना चाहते हैैं। स्कूल प्रशासन की सहमति मिलने के बाद दोनों सुबह 9 से 11 बजे तक परीक्षा कराने पहुंच गए। आरोपियों के पास एक बंडल उत्तर पुस्तिका, एक बंडल प्रवेशपत्र और एक पारदर्शी डिब्बे में मुहर थी। यहीं पर वे परीक्षा देने आने वाले अभ्यर्थियोें को मुहर लगाकर प्रवेश पत्र जारी करने लगे। यही देख स्कूल प्रशासन को शक हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दी। जांच में यह बात सामने आ रही है कि वे परीक्षा में अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण दिखाते, इसके बाद मेडिकल और ट्रेनिंग के नाम पर वसूली करते।
विज्ञापन

डीएम ने लिया मामले का संज्ञान, मांगी रिपोर्ट
गाजीपुर। मामले की जानकारी होने पर डीएम आर्यका अखौरी ने जिला विद्यालय निरीक्षक भाष्कर मिश्रा को मौके पर भेजा, जिन्होंने परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया। साथ ही जानकारी हासिल करने के बाद रिपोर्ट तैयार कर डीएम को सौंप दी। जिला विद्यालय निरीक्षक का कहना है परीक्षा पूरी तरह से फर्जी तरीके से आयोजित की गई थी। किसी तरह का कोई विज्ञापन भी नहीं निकाला गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed