{"_id":"6718d2bb4962d451030b6223","slug":"non-bailable-warrant-against-11-people-including-mp-pappu-yadav-case-of-disturbance-election-meetings-2024-10-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP : सांसद पप्पू सहित 11 लोगों के खिलाफ वारंट, चुनाव में गड़बड़ी का है मामला; जानें- क्या हुआ था 30 साल पहले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP : सांसद पप्पू सहित 11 लोगों के खिलाफ वारंट, चुनाव में गड़बड़ी का है मामला; जानें- क्या हुआ था 30 साल पहले
Wed, 23 Oct 2024 04:11 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Wed, 23 Oct 2024 04:11 PM IST
सार
Ghazipur News : गाजीपुर के मुहम्मदाबाद थाने में 30 साल पहले मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि बिहार के तत्कालीन विधायक पप्पू यादव और उमेश पासवान चुनावी सभा में अपने लोगों के साथ आ रहे हैं।
विज्ञापन
पप्पू यादव।
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विस्तार
अपर सत्र न्यायाधीश एमपी/एमएलए शक्ति सिंह की अदालत ने बिहार के पूर्णिया के सांसद सहित 11 लोगों के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी की है। सुनवाई के लिए चार नवंबर की तिथि नियत की है।
विज्ञापन
आठ नवंबर 1993 को तत्कालीन थानाध्यक्ष वीएन सिंह ने मुहम्मदाबाद थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसके मुताबिक सुबह 10:30 बजे उन्हें सूचना मिली कि बिहार प्रांत से दो विधायक पप्पू यादव और उमेश पासवान अपने साथ बड़ी संख्या में अवांछनीय तत्वों लेकर उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने वाले हैं।
विज्ञापन
अपने विरोधी राजनीतिक दलों के चुनाव सभाओं में गड़बड़ी उत्पन्न करने के उद्देश्य से उजियार घाट की ओर से उनके प्रवेश करने की सूचना मिली थी। इस मामले में पुलिस ने आरोप पत्र मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में पेश किया। जहां मजिस्ट्रेट न्यायालय ने सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया था।
विज्ञापन
अभियोजन ने आदेश के विरुद्ध जिला जज के न्यायालय में छह सितंबर 2023 को अपील दाखिल की। जिला जज की अदालत ने मामले को एमपी/एमएलए अदालत में सुनवाई के लिए भेज दिया था। वहां बार-बार पुकार के बावजूद भी आरोपियों की तरफ से कोई उपस्थित नहीं हुआ। ऐसे में न्यायालय ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव सहित 11 लोगों के विरुद्ध गैरजमानती वारंट जारी की और पत्रावली पर सुनवाई के लिए 4 नवंबर की तिथि नियत की।