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Ghazipur News: नहीं लगानी होगी कतार, अब मुलाकात के लिए ऑनलाइन आवेदन
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गाजीपुर। जिला कारागार हाईटेक होने की राह पर है। बंदियों से मुलाकात के लिए परिजनों और रिश्तेदारों को 10 रुपये की पर्ची कटवाकर कतारबद्ध होना पड़ता था। लेकिन, अब मुलाकात के लिए मोबाइल से ऑनलाइन भी आवेदन किया जा सकता है। जिला जेल प्रशासन का दावा है कि एक-दो दिनों में यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।
वर्तमान में जिला जेल में विभिन्न मामलों में 716 बंदी निरुद्ध हैं। इनमें 34 महिलाएं और छह बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी उम्र छह वर्ष तक है। साथ ही सजायाफ्ता बंदी 35 से 40 हैं। अब तक जिला कारागार में बंदियों से मुलाकात के लिए मुलाकातियों को कतार लगानी पड़ती थी। सुबह सात से 11 बजे तक मुलाकात का दौर चलता था। रोज औसतन 140 मुलाकाती मुलाकात करते थे। अब नई व्यवस्था लागू होने से लाभ यह होगा कि लोग अपने मोबाइल या फिर लैपटॉप से ऑनलाइन ही मुलाकात के लिए आवेदन कर सकते हैं। उनको कतारबद्ध होने से मुक्ति मिल जाएगी। इससे बंदियों के परिजनों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों को काफी सहूलियत मिलेगी। इसके लिए ई-प्रिजन पोर्टल पर पंजीयन कराना होगा। साथ ही मुलाकात की व्यवस्था पूरी तरह से निशुल्क रहेगी। बशर्ते परिजन बंदियों से रविवार को छोड़कर किसी दिन भी मुलाकात कर सकते हैं। मुलाकात के अलावा बंदियों को सप्ताह में दो दिन पांच-पांच मिनट अपने परिजनों से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर बात करने की भी सुविधा दी जाएगी।
ऐसे होगा ऑनलाइन आवेदन
गाजीपुर। बंदियों के परिजन एंड्राइड फोन या लैपटाप में जाकर eprison.nic.in पर जाकर ई-मुलाकात अथवा न्यू रजिस्ट्रेशन पर क्लिक करेंगे। विजिटर डिटेल वाले कालम में मुलाकाती अपना विवरण और बंदी का नाम भरकर फिजिकल बाक्स में सम्मिट करने पर मोबाइल पर ओटीपी आएगा। इसके बाद उसे भरकर ओके करने पर रिफरेंस नंबर मिलेगा। रिफरेंस नंबर को इंटर योर रजिस्ट्रेशन नंबर वाले कालम में भरकर क्लिक करेंगे तो कारागार से मुलाकात की स्वीकृति मिल जाएगी। इसके बाद परिजन अपने मेल से पर्ची का फोटो कापी लेकर जिला जेल पहुंचकर मुलाकात काउंटर से संपर्क कर मुलाकात कर सकेंगे।
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बंदियों से मुलाकात के लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था एक-दो दिनों में लागू हो जाएगी। इससे बंदियों के परिजनों को काफी सहूलियत मिलेगी। घर बैठे ही अपने मोबाइल से मुलाकात के लिए आवेदन किया जा सकता है।-आरके वर्मा, प्रभारी जेल अधीक्षक
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वर्तमान में जिला जेल में विभिन्न मामलों में 716 बंदी निरुद्ध हैं। इनमें 34 महिलाएं और छह बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी उम्र छह वर्ष तक है। साथ ही सजायाफ्ता बंदी 35 से 40 हैं। अब तक जिला कारागार में बंदियों से मुलाकात के लिए मुलाकातियों को कतार लगानी पड़ती थी। सुबह सात से 11 बजे तक मुलाकात का दौर चलता था। रोज औसतन 140 मुलाकाती मुलाकात करते थे। अब नई व्यवस्था लागू होने से लाभ यह होगा कि लोग अपने मोबाइल या फिर लैपटॉप से ऑनलाइन ही मुलाकात के लिए आवेदन कर सकते हैं। उनको कतारबद्ध होने से मुक्ति मिल जाएगी। इससे बंदियों के परिजनों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों को काफी सहूलियत मिलेगी। इसके लिए ई-प्रिजन पोर्टल पर पंजीयन कराना होगा। साथ ही मुलाकात की व्यवस्था पूरी तरह से निशुल्क रहेगी। बशर्ते परिजन बंदियों से रविवार को छोड़कर किसी दिन भी मुलाकात कर सकते हैं। मुलाकात के अलावा बंदियों को सप्ताह में दो दिन पांच-पांच मिनट अपने परिजनों से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर बात करने की भी सुविधा दी जाएगी।
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ऐसे होगा ऑनलाइन आवेदन
गाजीपुर। बंदियों के परिजन एंड्राइड फोन या लैपटाप में जाकर eprison.nic.in पर जाकर ई-मुलाकात अथवा न्यू रजिस्ट्रेशन पर क्लिक करेंगे। विजिटर डिटेल वाले कालम में मुलाकाती अपना विवरण और बंदी का नाम भरकर फिजिकल बाक्स में सम्मिट करने पर मोबाइल पर ओटीपी आएगा। इसके बाद उसे भरकर ओके करने पर रिफरेंस नंबर मिलेगा। रिफरेंस नंबर को इंटर योर रजिस्ट्रेशन नंबर वाले कालम में भरकर क्लिक करेंगे तो कारागार से मुलाकात की स्वीकृति मिल जाएगी। इसके बाद परिजन अपने मेल से पर्ची का फोटो कापी लेकर जिला जेल पहुंचकर मुलाकात काउंटर से संपर्क कर मुलाकात कर सकेंगे।
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बंदियों से मुलाकात के लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था एक-दो दिनों में लागू हो जाएगी। इससे बंदियों के परिजनों को काफी सहूलियत मिलेगी। घर बैठे ही अपने मोबाइल से मुलाकात के लिए आवेदन किया जा सकता है।-आरके वर्मा, प्रभारी जेल अधीक्षक