{"_id":"62c5d4aca3c7d5598a00f242","slug":"nipun-will-make-the-foundation-strong-ghazipur-news-vns6626447121","type":"story","status":"publish","title_hn":"'निपुण' बनाएगा बुनियाद मजबूत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'निपुण' बनाएगा बुनियाद मजबूत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
परिषदीय बच्चों की शैक्षिक क्षमता को मजबूत करने के लिए सरकार तरह-तरह के यत्न कर रही है। अब निपुण भारत मिशन के जरिए सरकार ने प्रत्येक बच्चे को उसके कक्षा तीन के अंत तक पढ़ने, लिखने और सीखने की क्षमता को मजबूत करने की योजना बनाई है। योजना शिक्षा और साक्षरता विभाग की ओर से मिलकर क्रियान्वित की जाएगी। इसके लिए विद्यालयों में एक सक्षम वातावरण बनाया जाएगा। इसमें वर्ष 2026-27 तक प्रत्येक बच्चा कक्षा तीन की पढ़ाई पूरी करते-करते पढ़ने, लिखने और सीखने की प्रक्रिया में निपुण हो जाएगा।
मिशन का पूरा नाम निपुण अर्थात (नेशनल इनिशिएटिव फार प्रोफिशिएंसी इन रीडिंग विद अंडरस्टैंडिंग एंड न्यूमेरेसी) है। इस योजना को पांच जुलाई 2021 को शिक्षा मंत्रालय द्वारा आरंभ किया गया है। इसका उद्देश्य कक्षा तीन में पढ़ाई कर रहे सभी बच्चों को साक्षरता और संख्यात्मकता में निपुण बनाना है। इसमें बच्चों को भाषा और गणित का बेहतर ज्ञान दिया जाएगा। इसके जरिए बच्चों को पढ़ने-लिखने, बोलने और व्याख्या करने योग्य बनाया जाएगा। बच्चों को उनकी रुचि के अनुसार शिक्षा में प्रोत्साहित किया जाएगा। पढ़ाई के दौरान लिंगभेद से मुक्त पुस्तकों, चित्र, पोस्टर और खिलौने आदि को माध्यम बनाया जाएगा। उनके पाठ्यक्रमों में ज्यादातर कविताएं और कहानियां शामिल होंगी। बीच-बीच में बच्चों के सीखने की क्षमता का आंकलन होगा और फिर बच्चे को हो रही समस्या का पता लगाकर उसे दूर भी किया जाएगा। अभिभावकों का मानना है कि इस योजना के लागू होने से बच्चों की बुनियादी शिक्षा मजबूत होगी। इससे उनमें पहले से बेहतर समझ उत्पन्न होगी और वे आगे की कक्षाओं और पाठ्यक्रमों के लिए और अधिक बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।
निपुण भारत मिशन जुलाई 2022 से 2026 तक के लिए लागू है। यह त्रैमासिक लक्ष्य है। वर्ष में चार त्रैमासिक परीक्षाएं आयोजित होंगी। इस वर्ष की त्रैमासिक परीक्षा सितंबर एवं दिसंबर में आयोजित होगी। यू-ट्यूब और आनलाइन सेशन के माध्यम से शिक्षकों को निर्देशित कर दिया गया है- हेमंत राव, बीएसए गाजीपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
मिशन का पूरा नाम निपुण अर्थात (नेशनल इनिशिएटिव फार प्रोफिशिएंसी इन रीडिंग विद अंडरस्टैंडिंग एंड न्यूमेरेसी) है। इस योजना को पांच जुलाई 2021 को शिक्षा मंत्रालय द्वारा आरंभ किया गया है। इसका उद्देश्य कक्षा तीन में पढ़ाई कर रहे सभी बच्चों को साक्षरता और संख्यात्मकता में निपुण बनाना है। इसमें बच्चों को भाषा और गणित का बेहतर ज्ञान दिया जाएगा। इसके जरिए बच्चों को पढ़ने-लिखने, बोलने और व्याख्या करने योग्य बनाया जाएगा। बच्चों को उनकी रुचि के अनुसार शिक्षा में प्रोत्साहित किया जाएगा। पढ़ाई के दौरान लिंगभेद से मुक्त पुस्तकों, चित्र, पोस्टर और खिलौने आदि को माध्यम बनाया जाएगा। उनके पाठ्यक्रमों में ज्यादातर कविताएं और कहानियां शामिल होंगी। बीच-बीच में बच्चों के सीखने की क्षमता का आंकलन होगा और फिर बच्चे को हो रही समस्या का पता लगाकर उसे दूर भी किया जाएगा। अभिभावकों का मानना है कि इस योजना के लागू होने से बच्चों की बुनियादी शिक्षा मजबूत होगी। इससे उनमें पहले से बेहतर समझ उत्पन्न होगी और वे आगे की कक्षाओं और पाठ्यक्रमों के लिए और अधिक बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।
विज्ञापन
निपुण भारत मिशन जुलाई 2022 से 2026 तक के लिए लागू है। यह त्रैमासिक लक्ष्य है। वर्ष में चार त्रैमासिक परीक्षाएं आयोजित होंगी। इस वर्ष की त्रैमासिक परीक्षा सितंबर एवं दिसंबर में आयोजित होगी। यू-ट्यूब और आनलाइन सेशन के माध्यम से शिक्षकों को निर्देशित कर दिया गया है- हेमंत राव, बीएसए गाजीपुर
विज्ञापन