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लापरवाही पर पांच बंदी रक्षक निलंबित
गाजीपुर
Updated Thu, 18 Jun 2015 11:36 PM IST
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जिला जेल की दीवार फांद कर 11 जून की देर शाम बंदी आलोक राम के फरार होने के मामले में गुरुवार को डीआईजी जेल संतोष कुमार श्रीवास्तव ने जेल के पांच बंदी रक्षकों को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया। इनमें एक सीनियर बंदी
रक्षक भी शामिल है। जालसाजी के मामले में जिला जेल में बंद विचाराधीन बंदी सैदपुर क्षेत्र के भीमापार गांव निवासी आलोक राम 11 जून की शाम करीब सात बजे बांस के सहारे जिला जेल की दीवार फांद कर भाग गया था। वह 2014 से
जेल में था। उसके साथ उसी के बैरक में आगरा के सैमा थाना क्षेत्र के लालू खेड़ा गांव निवासी रवींद्र, सैदपुर के जगदीशपुर गांव निवासी संतोष और कानपुर के जौरा नवाबगंज निवासी छोटू पुत्र को भागने के प्रयास में पकड़ा गया था। इस घटना से
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जेल महकमे में हड़कंप मचा था। मामले में डीआईजी जेल एसके श्रीवास्तव ने 12 जून की दोपहर 12 बजे से देर रात तक जिला जेल का निरीक्षण किया था। पूरे प्रकरण में बंदी रक्षकों की लापरवाही सामने आई थी।
निरीक्षण कर लौटने के बाद डीआईजी कारागार एसके श्रीवास्तव ने लापरवाही बरतने पर प्रधानमंत्री रक्षक तारकेश्वर दुबे, बंदीरक्षक कृष्णकांत मणि, रविशंकर पांडेय, सुरेश दुबे और राजेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। जेल
अधीक्षक उमेश सिंह ने बताया कि बंदी की फरारी के मामले में बंदी रक्षकों की लापरवाही जांच में सामने आई थी। इसके चलते डीआईजी जेल ने पांचों बंदी रक्षकों को निलंबित कर दिया। मालूम हो कि जेल से भागा बंदी आलोक राम अभी पकड़ा नहीं जा सका है।
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रक्षक भी शामिल है। जालसाजी के मामले में जिला जेल में बंद विचाराधीन बंदी सैदपुर क्षेत्र के भीमापार गांव निवासी आलोक राम 11 जून की शाम करीब सात बजे बांस के सहारे जिला जेल की दीवार फांद कर भाग गया था। वह 2014 से
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जेल में था। उसके साथ उसी के बैरक में आगरा के सैमा थाना क्षेत्र के लालू खेड़ा गांव निवासी रवींद्र, सैदपुर के जगदीशपुर गांव निवासी संतोष और कानपुर के जौरा नवाबगंज निवासी छोटू पुत्र को भागने के प्रयास में पकड़ा गया था। इस घटना से
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जेल महकमे में हड़कंप मचा था। मामले में डीआईजी जेल एसके श्रीवास्तव ने 12 जून की दोपहर 12 बजे से देर रात तक जिला जेल का निरीक्षण किया था। पूरे प्रकरण में बंदी रक्षकों की लापरवाही सामने आई थी।
निरीक्षण कर लौटने के बाद डीआईजी कारागार एसके श्रीवास्तव ने लापरवाही बरतने पर प्रधानमंत्री रक्षक तारकेश्वर दुबे, बंदीरक्षक कृष्णकांत मणि, रविशंकर पांडेय, सुरेश दुबे और राजेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। जेल
अधीक्षक उमेश सिंह ने बताया कि बंदी की फरारी के मामले में बंदी रक्षकों की लापरवाही जांच में सामने आई थी। इसके चलते डीआईजी जेल ने पांचों बंदी रक्षकों को निलंबित कर दिया। मालूम हो कि जेल से भागा बंदी आलोक राम अभी पकड़ा नहीं जा सका है।