फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Need to register FPO for farmers: DM

किसानों के लिए एफपीओ पंजीकृत कराने की जरूरत : डीएम

Fri, 23 Dec 2022 11:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 23 Dec 2022 11:54 PM IST
विज्ञापन
Need to register FPO for farmers: DM
कृषि उत्पाद निर्यात और प्रधानमंत्री सूक्ष्म उद्योग उन्नयन योजना-पीएम एफपीओ के उन्नय को लेकर विकास भवन में शुक्रवार को कार्यशाला का आयोजन हुआ। इस दौरान सूक्ष्य इकाईयों को 10 लाख तक अनुदान एवं एसएचजी, एफपीओ, सहकारी संस्थाओं को 35 प्रतिशत के अनुदान के संबंध में जानकारी दी गई। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने कहा कि जनपद कृषि प्रधान है। जहां एफपीओ को बनाना किसानों के विकास के लिए प्लेटफार्म साबित होगा। अभी तक जनपद में पांच एफपीओ ही पंजीकृत हैं। एफपीओ पंजीकृत कराने की फीस मात्र 6500 रुपये है। सभी को इस क्षेत्र में कदम बढ़ाना चाहिए।
विज्ञापन

कहा कि गुणवत्तापूर्ण उत्पाद का उत्पादन करने के साथ अपने एफपीओ के अभिलेख दुरुस्त रखें ताकि किसी स्तर पर असुविधा न हो। जिसमें एफपीओ के उन्नयन के लिए समन्वित प्रयास पर जोर दिया जाए। वहीं, कार्यशाला में विभिन्न क्षेत्रों के 61 एफपीओ सम्मिलित हुए। कृषि और प्रसंस्कृत खाद उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) से आनंद ने बताया कि जनपद के सिर्फ पांच एपीओ पंजीकृत होना काफी कम है। सभी के पंजीकृत होने की आवश्यकता है। एफपीओ से किसी भी देश को सीधे निर्यात कर सकते हैं। एफपीओ स्वयं में एक कंपनी है। उन्होंने यह भी बताया कि निर्यात होने वाले उत्पाद में 47 प्रतिशत कृषि उत्पाद ही होता है।
विज्ञापन

मुख्य विकास अधिकारी श्रीप्रकाश गुप्ता ने कहा कि बड़े ऋण लेकर बड़ी संरचना जैसे गोदाम कोलचैन, राइपेनिग चेंबर बना सकते हैं। जिसमें रोजगार उपलब्ध होगा तथा एफपीओ की आय भी बढ़ेगी। गुणवत्तापूर्ण उत्पाद देश के किसी क्षेत्र या विदेश में भेजा जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एफपीओ के सदस्यों ने बैंकों से सहयोग न मिलने की शिकायत की। उसके क्रम में कार्यशाला में उपस्थित एलडीएम और नाबार्ड से राजशेखर ने उनकी समस्या का समाधान बताया। उन्होंने बताया कि आरबीआई की गाइडलाइन की परिधि में रहते हुए बैंकों को ऋण देना पड़ता है। जिससे जमा ऋण अनुपात भी बढ़ेगा। एलडीएम ने हर संभव समाधान का भरोसा दिलाया।

एसएफएसी के रीजनल मैनेजर नरेश यादव ने एपीओ बनाने के तरीके तथा आवश्यक अभिलेख के बारे में बताया। इस दौरान नेशनल डेयरी विकास बोर्ड के आलोक प्रताप सिंह ने किसानों को बताया कि जनपद से अभी 6000 लीटर दूध क्रय किया जाता है। गाजीपुर से डेयरी के क्षेत्र में बहुत संभावनाएं हैं। हम कहीं भी दूध खरीदने के लिए नया रूट बना सकते हैं तथा समय से भुगतान के लिए भी आश्वासन दिया। जिला उद्यान अधिकारी ने एफपीओ को लघु उद्योग पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि इस योजना में 35 प्रतिशत या अधिकतम 10 लाख का अनुदान है। इस योजना के तहत जैम, जैली, अचार, मुरब्बा, आटा चक्की, कोल्हू इत्यादि जैसे लघु उद्योग में लाभ प्राप्त कर सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed