{"_id":"6a2b01f5fe5d42522e023f17","slug":"need-for-agricultural-fertilizer-locks-hang-on-74-out-of-185-societies-ghazipur-news-c-313-1-gzp1001-154049-2026-06-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghazipur News: खेती के लिए खाद की जरूरत, 185 में \nसे 74 समितियों पर लटक रहे ताले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghazipur News: खेती के लिए खाद की जरूरत, 185 में से 74 समितियों पर लटक रहे ताले
विज्ञापन
सैदपुर में बंद पडी साधन सहकारी समिति। संवाद
गाजीपुर। जनपद में सब्जी की खेती करने वाले किसान परेशान हैं, क्योंकि उनको समितियों पर खाद नहीं मिल रही है। किसानों को खाद देने के लिए जिले में 185 साधन सहकारी समितियां हैं। इनसे 5.31 लाख किसान जुड़े हुए हैं। एक पखवाड़े बाद धान की रोपाई भी शुरू हो जाएगी। ऐसे में खाद की मांग और बढ़ जाएगी।
लेकिन समितियों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। जिले में 1.36 लाख हेक्टेयर में धान की खेती होती है। जबकि सब्जी की खेती 1.65 लाख हेक्टेयर में की जाती है। बृहस्पतिवार को की गई पड़ताल में सामने आया कि 40 प्रतिशत यानी 74 समितियों पर ताला लटक रहा है।
जिले में इस समय सब्जी के साथ ही उड़द की खेती का भी दौर चल रहा है। हालांकि उड़द की खेती कम पैमाने पर 30 से 40 हेक्टेयर में ही की जाती है।
साधन सहकारी समितियों से खाद नहीं मिल पाने के कारण किसान निजी दुकानदारों की शरण में जा रहे हैं। महाराजगंज के शंभू बिंद व नंदगंज के जगन्नाथ प्रसाद ने बताया कि जिले में अब सब्जी की खेती लगभग 12 महीने की जा रही है। साधन सहकारी समितियों पर खाद मिलना तो दूर की बात, वहां पर ताले लटक रहे हैं।
विज्ञापन
अगर समय से खाद सब्जी में न दी जाए, तो वह खराब हो जाएंगी। ऐसे में निजी दुकानदारों से उनकी कीमत पर खाद खरीदना मजबूरी है।
विज्ञापन
लेकिन समितियों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। जिले में 1.36 लाख हेक्टेयर में धान की खेती होती है। जबकि सब्जी की खेती 1.65 लाख हेक्टेयर में की जाती है। बृहस्पतिवार को की गई पड़ताल में सामने आया कि 40 प्रतिशत यानी 74 समितियों पर ताला लटक रहा है।
विज्ञापन
जिले में इस समय सब्जी के साथ ही उड़द की खेती का भी दौर चल रहा है। हालांकि उड़द की खेती कम पैमाने पर 30 से 40 हेक्टेयर में ही की जाती है।
साधन सहकारी समितियों से खाद नहीं मिल पाने के कारण किसान निजी दुकानदारों की शरण में जा रहे हैं। महाराजगंज के शंभू बिंद व नंदगंज के जगन्नाथ प्रसाद ने बताया कि जिले में अब सब्जी की खेती लगभग 12 महीने की जा रही है। साधन सहकारी समितियों पर खाद मिलना तो दूर की बात, वहां पर ताले लटक रहे हैं।
विज्ञापन
अगर समय से खाद सब्जी में न दी जाए, तो वह खराब हो जाएंगी। ऐसे में निजी दुकानदारों से उनकी कीमत पर खाद खरीदना मजबूरी है।

सैदपुर में बंद पडी साधन सहकारी समिति। संवाद