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घरों से मंदिरों तक नवमी पूजन, कन्याओं से लिया आशीष

Sun, 10 Apr 2022 11:03 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 10 Apr 2022 11:03 PM IST
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Navami worship from homes to temples, blessings taken from girls
चैत्र नवरात्र की नवमी पर रविवार को मंदिरों सहित घरों में देवी पूजन का कार्यक्रम आयोजित हुआ। देवी मंदिरों पर सुबह से शाम तक भारी संख्या में आस्था की भीड़ उमड़ी रही। देवी की दरबार से पहुंचे भक्तों ने मां के चरणों में शीश नवाकर सुद्ध-समृद्धि की कामना की। सबसे अधिक भीड़ गहमर के करहिया स्थित मां कामाख्या धाम, करीमुद्दीनपुर स्थित मां कष्टहरणी भवानी, बहादुरगंज स्थित मां चंडी माई और रेवतीपुर स्थित मां भगवती के दरबार में रही।
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इन प्रसिद्ध मंदिरों में सुबह से ही पूजा-अर्चन का कार्य प्रारंभ हो गया, जो शाम तक चलता रहा। वहीं, शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं ने शनिवार रात में देवी की पूजा की। रविवार सुबह में महिलाओं ने देवी आराधना के साथ विशेष पूजन किया। नौ दिन व्रत रहने वाले श्रद्धालुओं ने देवी मंदिरों और घरों पर कन्या भोज भी कराया। ऐसे ही पूरे दिन चारों ओर भक्तिमय वातावरण में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे।
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चैत्र नवरात्र के पहले दिन से ही जिले के देवी मंदिरों में आस्था का बयार बहनी शुरू हो गई थी। लगातार भक्तों द्वारा मां के आराधना का सिलसिला चलता रहा। गहमर के कहरिया स्थित मां कामाख्या धाम पर जिले के साथ ही गैर जनपदों से हजारों की संख्या में भक्त पहुंचे। मां का दर्शन कर उनसे अपने और परिवार के लिए मंगल की कामना की। इसके अलावा करीमुद्दीनपुर स्थित मां कष्टहरणी देवी, बहादुर स्थित मां चंडी, दिलदारनगर में रेलवे स्टेशन पर स्थित सायर माई, मुहम्मदाबाद तहसील में परिसर में स्थित मनोकामना देवी, सैदपुर तहसील स्थित मां काली, देवकली स्थित चकेरी धाम, बहरियाबाद स्थित टढ़वा भवानी, शहर के मिश्रबाजार बाजार में स्थित मां काली, नवाबगंज स्थित मां शीतला माता, जलनिगम कालोनी स्थित मां काली मंदिर सहित जिले के अन्य देवी के दरबाद में नवरात्र में अंतिम दिन दर्शन-पूजन की धूम मची रही। हजारों की संख्या में भक्तों ने मां के दरबार में हाजिरी लगाकर उनसे मंगल की कामना की। देवकली संवाददाता के अनुसार, चकेरी धाम आयोजित रामनवमी के मेले में काफी भीड़ रही। जिसमें बच्चों व महिलाओं की संख्या सर्वाधिक थी। नौ दिनों तक संपूर्ण वातावरण देवीय बना रहा। रामनवमी व पूर्णमासी को मेला प्रतिवर्ष लगता है। जिसमें दूर- दराज से भक्त जन नारियल, चुनरी चढ़ाने यहां आते है। ऐसी मान्यता है कि जो भक्त नवरात्रि में पूजन अर्चन करके मां के दरबार मे मत्था टेकता है । उसकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है। रेवतीपुर संवाददाता के अनुसार, रेवतीपुर की मां काली मंदिर में सुबह से ही दर्शन-पूजन करने वालों का तांता लगा रहा। नवमी के अवसर पर यहां मेले का आयोजन किया गया था।
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व्रती महिला, पुरुषों ने कराया कन्या भोज
गाजीपुर। सुख शांति और शक्ति की कामना को लेकर किया गया नवरात्र का व्रत रविवार को समापन की ओर पहुंच गया। इस अवर पर कई व्रती महिलाओं-पुरुषों ने कुंवारी कन्याओं को घर बुलाकर भोजन कराया। नवरात्र में कुआरी कन्याओं का पूजन देवी के रूप में किया जाता है। इन्हें भोजन, फल, कपड़ा तथा मुद्रा आदि देकर प्रसन्न किया जाता है। इसी परंपरा के निर्वहन के क्रम में व्रती महिलाओं तथा पुरुषों ने घर-घर में कन्या भोज कराया। शहर तथा ग्रामीण इलाकों में घरों में कलश स्थापित कर नवरात्र का व्रत करने के बाद इस परंपरा को निभाया जाता है। कन्या भोज के बाद व्रती खुद भी अन्न ग्रहण कर पारन करते है।
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