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नंद के घर आनंद भयो
अमर उजाला ब्यूरो /गाजीपुर
Updated Wed, 16 Aug 2017 11:47 PM IST
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मनोहर झांकी
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जनपद में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान चहुंओर जश्न का माहौल रहा। नगर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। इस मौके पर भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित मनमोहक झांकियां सजाई गई थी। झांकी में उनके जीवन से जुड़ी कई घटनाओं को दिखाया गया था। रात 12 बजते ही हर तरफ जय कन्हैया लाल की गूंज के साथ घंटे-घड़ियाल बजाकर नंद के घर आनंद भयो की खुशियां मनाई गई।
जिला मुख्यालय पर जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में, चीतनाथ, मिश्रबाजार, महुआबाग, कचहरी, स्टेशन, लालदरवाजा, शेखपुरा, रौजा, लंका, मालगोदाम रोड, स्टीमरघाट, ददरीघाट, नवापुरा, नौकापुरा, गोराबाजार, पीरनगर, सिंचाई विभाग, वंशीबाजार, भुटहियाटाड़, नखास, नवाबगंज, उर्दू बाजार, सुजावलपुर, अक्कलपुरा, खोया मंडी, झुल्नूलाल चौराहा सहित अन्य मुहल्लों में मंदिरों के साथ लोगों के घर में जन्माष्टमी के मौके पर आकर्षक झांकियां सजाई गई थीं। इन झांकियों में श्रीकृष्ण का जन्म, वासुदेव द्वारा श्रीकृष्ण को सूप में लेकर नदी पार कराना, गोपियों के साथ नटखट कान्हा की अटखेलियां, नागनथैया, कंस का वध तथा कृष्ण का अर्जुन को गीता का उपदेश देना आदि का प्रदर्शन किया गया था। झांकी देखने के लिए सबसे ज्यादा भीड़ कचहरी स्थित डीएम कार्यालय परिसर में रही। अपने अभिभावकों के साथ बड़ी संख्या में बच्चे पहुंचे। बच्चे जिद्द कर काफी देर तक झांकियां देखते रहे। रात के बारह बजते ही घंटे और घडिय़ाल बजाकर कान्हा के जन्म की खुशियां मनाई गई। महिलाओं ने सोहर गाया। हवन-पूजन के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद का वितरण किया गया। कासिमाबाद, भांवरकोल, करीमुद्दीनपुर, खानपुर, सैदपुर, औड़िहार, देवकली, भीमापार, सादात, बहरियाबाद, ,बिरनो, मरदह, जंगीपुर, नंदजंग, जखनिया, दुबिहा, दिलदारनगर, गहमर, सेवराई, सुहवल आदि ग्रामीण क्षेत्रों में भी जन्माष्टमी का पर्व परंपरागत तरीके से मनाया गया।
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जिला मुख्यालय पर जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में, चीतनाथ, मिश्रबाजार, महुआबाग, कचहरी, स्टेशन, लालदरवाजा, शेखपुरा, रौजा, लंका, मालगोदाम रोड, स्टीमरघाट, ददरीघाट, नवापुरा, नौकापुरा, गोराबाजार, पीरनगर, सिंचाई विभाग, वंशीबाजार, भुटहियाटाड़, नखास, नवाबगंज, उर्दू बाजार, सुजावलपुर, अक्कलपुरा, खोया मंडी, झुल्नूलाल चौराहा सहित अन्य मुहल्लों में मंदिरों के साथ लोगों के घर में जन्माष्टमी के मौके पर आकर्षक झांकियां सजाई गई थीं। इन झांकियों में श्रीकृष्ण का जन्म, वासुदेव द्वारा श्रीकृष्ण को सूप में लेकर नदी पार कराना, गोपियों के साथ नटखट कान्हा की अटखेलियां, नागनथैया, कंस का वध तथा कृष्ण का अर्जुन को गीता का उपदेश देना आदि का प्रदर्शन किया गया था। झांकी देखने के लिए सबसे ज्यादा भीड़ कचहरी स्थित डीएम कार्यालय परिसर में रही। अपने अभिभावकों के साथ बड़ी संख्या में बच्चे पहुंचे। बच्चे जिद्द कर काफी देर तक झांकियां देखते रहे। रात के बारह बजते ही घंटे और घडिय़ाल बजाकर कान्हा के जन्म की खुशियां मनाई गई। महिलाओं ने सोहर गाया। हवन-पूजन के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद का वितरण किया गया। कासिमाबाद, भांवरकोल, करीमुद्दीनपुर, खानपुर, सैदपुर, औड़िहार, देवकली, भीमापार, सादात, बहरियाबाद, ,बिरनो, मरदह, जंगीपुर, नंदजंग, जखनिया, दुबिहा, दिलदारनगर, गहमर, सेवराई, सुहवल आदि ग्रामीण क्षेत्रों में भी जन्माष्टमी का पर्व परंपरागत तरीके से मनाया गया।
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