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Ghazipur News: बांदा जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मुख्तार पेश
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गैंगस्टर मामले में सुनवाई 27 को
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश एमपी/एमएलए कोर्ट अरविंद कुमार मिश्र की अदालत में बुधवार को मुख्तार अंसारी के गैंगस्टर मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट ने मामले में सुनवाई के लिए 27 सितंबर की तिथि नियत की गई है। इस दौरान वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्तार अंसारी बांदा जेल से न्यायालय में पेश थे।
वर्ष 2009 में करंडा थाना क्षेत्र के सबुआ निवासी कपिलदेव सिंह की हत्या और मुहम्मदाबाद के अमीर हसन की हत्या के प्रयास के मामले को आधार बनाकर मुख्तार अंसारी के विरुद्ध गैंगस्टर अधिनियम के तहत करंडा थाने में मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। मुख्तार के अधिवक्ता लियाकत अली ने बहस पूरी कर ली।
सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसले के लिए 22 अगस्त की तिथि तय कर दी थी। सहायक शासकीय अधिवक्ता नीरज श्रीवास्तव ने न्यायालय में दरखास्त दिया कि कुछ साक्षी सबूत उन्हें पेश करना है, इसके लिए उन्हें अवसर दिया जाए।
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इस आधार पर उनके दरखास्त को स्वीकार करते हुए न्यायालय ने भी मौका दिया। तब से इस मामले की सुनवाई चल रही है। आज पीठासीन न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी और उपरोक्त तिथि नियत की गई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश एमपी/एमएलए कोर्ट अरविंद कुमार मिश्र की अदालत में बुधवार को मुख्तार अंसारी के गैंगस्टर मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट ने मामले में सुनवाई के लिए 27 सितंबर की तिथि नियत की गई है। इस दौरान वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्तार अंसारी बांदा जेल से न्यायालय में पेश थे।
वर्ष 2009 में करंडा थाना क्षेत्र के सबुआ निवासी कपिलदेव सिंह की हत्या और मुहम्मदाबाद के अमीर हसन की हत्या के प्रयास के मामले को आधार बनाकर मुख्तार अंसारी के विरुद्ध गैंगस्टर अधिनियम के तहत करंडा थाने में मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। मुख्तार के अधिवक्ता लियाकत अली ने बहस पूरी कर ली।
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सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसले के लिए 22 अगस्त की तिथि तय कर दी थी। सहायक शासकीय अधिवक्ता नीरज श्रीवास्तव ने न्यायालय में दरखास्त दिया कि कुछ साक्षी सबूत उन्हें पेश करना है, इसके लिए उन्हें अवसर दिया जाए।
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इस आधार पर उनके दरखास्त को स्वीकार करते हुए न्यायालय ने भी मौका दिया। तब से इस मामले की सुनवाई चल रही है। आज पीठासीन न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी और उपरोक्त तिथि नियत की गई है।