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Ghazipur News: पेश नहीं हुआ मुख्तार, अगली सुनवाई 3 जनवरी को

Wed, 21 Dec 2022 05:30 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 21 Dec 2022 05:30 AM IST
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Mukhtar did not appear, next hearing on January 3
गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश एमपी एमएलए कोर्ट दुर्गेश की अदालत में 21 वर्ष पुराने बहुचर्चित मुहम्मदाबाद थाना के उसरी चट्टी हत्याकांड में अभियोजन की तरफ से मंगलवार को कोई गवाह उपस्थित नहीं हुआ। ऐसे में न्यायालय ने तीन जनवरी की अगली तिथि नियत की है।
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अभियोजन की तरफ से विशेष लोक अभियोजक नीरज कुमार श्रीवास्तव की तरफ से वादी मुख्तार अंसारी का बयान वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कराने का आवेदन दिया गया था, जिस पर आरोपियों के अधिवक्ता की तरफ से आपत्ति की गई। न्यायालय ने एसपी गाजीपुर को आदेश दिया कि वादी मुकदमा मुख्तार अंसारी को व्यक्तिगत रूप से 20 दिसंबर को न्यायालय में उपस्थित करें। साथ ही आदेश की एक प्रति जिला कारागार बांदा को भेजने का आदेश देते हुए कहा था कि नियत तिथि पर किसी प्रकार का स्थगन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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लेकिन मुख्तार अंसारी को बांदा जेल से लाकर पेश नहीं किया गया। मालूम हो कि 15 जुलाई 2001 को मुख्तार अंसारी अपने निर्वाचन क्षेत्र मऊ जा रहे थे। दोपहर में उसरी चट्टी पर उनके काफिले पर पहले से तैयार हमलावरों ने स्वचालित हथियारों से फायरिंग की थी। जिसमें मुख्तार अंसारी के सरकारी गनर रामचंदर उर्फ प्रदीप की मौके पर मौत हो गई थी, वही रुस्तम उर्फ बाबू घायल हो गया था। इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई थी।
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वहीं हमलावरों में से एक की मौत हो गई थी। मुख्तार के साथ चलने वाले हमराहियों को भी चोट आई थीं। इस मामले में मुख्तार अंसारी ने बृजेश सिंह व त्रिभुवन सिंह को नामजद करते अन्य 15 अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया। विवेचना के बाद पुलिस ने चार लोगों के विरुद्ध आरोप-पत्र प्रेषित किया। जिसमें से दो आरोपी की विचारण के दौरान मौत हो गई।
न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए गवाह
गाजीपुर। बहुचर्चित देवकली पंप कैनाल लूटकांड के मामले में मंगलवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शरद कुमार चौधरी के न्यायालय में गवाह उपस्थित नहीं हुए। इस कारण शेष साक्ष्य के लिए तीन जनवरी की तिथि नियत की गई है।

तीन दिसंबर 1990 को सुबह 7.30 बजे सरफराज अंसारी सैदपुर थाना इलाके में नहर में निर्मित कार्य कर रहा था। तभी कार से आरोपी त्रिभुवन सिंह, विजयशंकर सिंह और बृजेश सिंह और दो अज्ञात व्यक्ति राइफल से लैस होकर पहुंचे। वे काम कर रहे लोगों को पकड़कर मारने पीटने लगे और सरफराज के बैग में रखे रुपये को छीन लिए। दहशत पैदा करके मजदूरों को भगा दिया और इसके बाद साइड पर खड़ी ट्रक के टायर में गोली मारकर टायर फाड़ दिए। उसके सहयोगी को पीटकर भगा दिया। वादी की सूचना पर थाना सैदपुर में आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ जिसका विचरण चल रहा है।
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