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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Muharram period of Istqbal-e-Aza meetings starts today month of Muharram holds special importance in Islam

Muharram: आज से इस्तकबाल-ए-अजा की मजलिसों का दौर, मजहबे इस्लाम में विशेष महत्व रखता है माहे मुहर्रम

Thu, 26 Jun 2025 09:56 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Thu, 26 Jun 2025 09:56 PM IST
सार

Muharram 2025: मुहर्रम जुलूस के लिए गाजीपुर में रास्तों के निर्धारण से लेकर समय आदि पर बारीकी से मंथन किया जा रहा है। ताजिए और अलम के जुलूस के निर्धारित रास्तों एवं उनके निकलने और संपन्न होने के समय को भी ध्यान में रखा जाएगा।

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Muharram period of Istqbal-e-Aza meetings starts today month of Muharram holds special importance in Islam
मुहर्रम पर निकलेगा जुलूस। (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Ghazipur News: इस्लामिक महीनों के प्रथम महीने का चांद शुक्रवार को दिखाई देने के साथ ही मुहर्रम प्रारंभ हो जाएगा। जिले के शिया बहुल इलाकों में मुहर्रम के मद्देनजर ताजियों, इमाम बारगाहों एवं इमाम चौक आदि की सफाई शुरू हो गई है। शुक्रवार से इस्तकबाल-ए-अजा की मजलिसों का दौर शुरु हो जाएगा। नवास-ए-रसूल तथा उनके कुनबे की शहादत इसी महीने में होने के कारण मजहबे इस्लाम में यह महीना विशेष महत्व रखता है।

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इस्लामिक कैलेंडर के पहले महीने मुहर्रम में कई घटनाक्रम इस्लामी तारीख (इतिहास) में मिलते हैं, लेकिन इनमें नवास-ए-रसूल हजरत इमाम हुसैन एवं उनके कुनबे के साथ अन्य साथियों की शहादत प्रमुख है। जिन्हें कर्बला के मैदान में तीन दिन तक भूखा-प्यासा रहते हुए यौमे आशूरह यानि दस मुहर्रम को यजीदी फौज के द्वारा शहीद कर दिया गया था। 
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इसके बाद सैयदे सज्जाद जिन्हें आबिदे बीमार भी कहा जाता है, उनके सहित औरतों और बच्चों को बंदी बना लिया गया था और यजीद के दरबार ले जाया गया था। मजहब-ए-इस्लाम को मानने वाले विशेष रूप से शिया समुदाय के लोग शोहदाए कर्बला की शहादत को शिद्दत से याद करते हैं। 

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जुटेंगे अकीदतमंद

नौ एवं दस मुहर्रम को रोजा रखते हैं। इसको लेकर तैयारियां प्रारंभ कर दी गई है। जिले के शिया बहुल इलाकों में मुहर्रम के मद्देनजर ताजियों, इमाम बारगाहों एवं इमाम चौक आदि की साफ-सफाई प्रारंभ कर रंग-रोगन किया जा रहा है। आज से इस्तकबाल-ए-अजा की मजलिसों का दौर शुरु हो जाएगा। 

इसको लेकर ओलमा एवं जाकरीन ने मजलिस पढ़ने की तैयारी प्रारंभ कर दिया है। मसाएबे-कर्बला एवं हदीस का पुनर्अध्ययन कर रहे हैं। कुछ ओलमा एवं जाकरीन दूर-दराज के कस्बों एवं गांव में जिक्रे अहलेबैत या मजलिस पढ़ने के लिए पहले से ही तय किए जा रहे हैं। 

वरिष्ठ ओलमा एवं जाकरीन की डिमांड अधिक है। मुहर्रम को लेकर कई नगर पंचायतों, कस्बों और गांवों में साफ-सफाई प्रारंभ करा दी गई है। जुलूस के लिए पारंपरिक रास्तों की साफ-सफाई के साथ ही कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था की जा रही है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर प्रत्येक कोतवाली और थानों में मुहर्रम के मद्देनजर ताजियादारों की बैठक कर मुहर्रम सकुशल संपन्न कराने की कवायद की जा रही है। 

पुलिस पीस कमेटी की बैठक कर इसे शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की कवायद में लगी है। पीस कमेटी की बैठकों में जिम्मेदार नागरिकों से यह अपील की जा रही है कि वह आगे इसे शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में अपनी भूमिका अदा करें।

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