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बच्चों को कमरे से निकाल मां ने लगाई आग, मौत
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कासिमाबाद। थाना क्षेत्र के नसोपुर गांव निवासिनी एक विवाहिता ने शनिवार की सुबह अपने चार बच्चों को कमरा से बाहर निकल अपने को आग के हवाले कर दिया। गंभीर रूप से झुलसने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
क्षेत्र के नसोपुर गांव निवासी सुरेश चौहान पूना में प्राइवेट नौकरी करता है। उसकी पत्नी रितम चौहान (35) अपने बच्चों संगीता (12), अंकिता (10), खुशी (6) एवं एक वर्षीय बच्ची और परिवार के अन्य सदस्यों को घर पर रहती थी।
परिजनों की माने तो शुक्रवार की शाम रितम की तबियत खराब गई थी। इस पर उसे उपचार के लिए कासिमाबाद ले जाया था। वापस आने पर पता चला कि भैस घर से गायब हो गई थी। रितम सहित अन्य लोगों ने इधर-उधर भैस की काफी खोजबीन की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। सुबह रितम ने पूना में काम करने वाले पति के साथ किसी रिश्तेदार को मोबाइल से भैस चोरी ने की जानकारी दी। सुबह करीब पांच बजे ना जाने उसके मन में सूझा कि अपने चारों बच्चों को कमरा से बाहर निकालकर अपने को आग के हवाले कर दिया। कमरा से धुंआ निकलता देख परिवार के लोग वहां पहुंचे तो देखा कि गंभीर रूप से झुलसने से उसकी मौत हो गई थी।
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परिवार के लोगों ने घटना की जानकारी मृतका के मायका वालों को दी। सूचना पर मिलने पर बलिया जनपद के रसड़ा थाना के राजमलपुर गांव निवासी मृतका का भाई संजय चौहान पहुंचा। उसने थाना में तहरीर देकर पोस्टमार्टम का अनुरोध दिया। तहरीर में कहा कि मेरी बहन रितम चौहान कमरा बंद कर आग लगा लिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। इस घटना में परिवार के किसी सदस्य का कोई दोष नहीं है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक बलवान सिंह ने बताया कि मृतका के भाई की तहरीर पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उधर घटना को लेकर लोगों में तरह-तरह की चर्चा होती रही।
बच्चों के सिर से उठा मां का साया
कासिमाबाद। सुबह पांच बजे रितम द्वारा आग लगाकर आत्महत्या करने की घटना के बाद शांत फिजा में परिवार वालों की चीख-पुकार सुनाई देने लगी। जिसे भी घटना की जानकारी हुई, उसके पैर मौके की तरफ बढ़ गए। परिवार के लोगों को रोता देख बच्चे संगीता (12), अंकिता (10), खुशी (6) भी बिलखती रही। जबकि एक वर्षीय बच्ची मां की मौत से अंजान होकर बिलख रहे लोगों को निहारती रही। मामूस बच्चों को देख वहां मौजूद लोगों की आंखें भी छलछला जा रही थी। लोग घटना की चर्चा करते हुए कहते रहे कि बच्चों के सर से मां का साया उठ गया।
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क्षेत्र के नसोपुर गांव निवासी सुरेश चौहान पूना में प्राइवेट नौकरी करता है। उसकी पत्नी रितम चौहान (35) अपने बच्चों संगीता (12), अंकिता (10), खुशी (6) एवं एक वर्षीय बच्ची और परिवार के अन्य सदस्यों को घर पर रहती थी।
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परिजनों की माने तो शुक्रवार की शाम रितम की तबियत खराब गई थी। इस पर उसे उपचार के लिए कासिमाबाद ले जाया था। वापस आने पर पता चला कि भैस घर से गायब हो गई थी। रितम सहित अन्य लोगों ने इधर-उधर भैस की काफी खोजबीन की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। सुबह रितम ने पूना में काम करने वाले पति के साथ किसी रिश्तेदार को मोबाइल से भैस चोरी ने की जानकारी दी। सुबह करीब पांच बजे ना जाने उसके मन में सूझा कि अपने चारों बच्चों को कमरा से बाहर निकालकर अपने को आग के हवाले कर दिया। कमरा से धुंआ निकलता देख परिवार के लोग वहां पहुंचे तो देखा कि गंभीर रूप से झुलसने से उसकी मौत हो गई थी।
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परिवार के लोगों ने घटना की जानकारी मृतका के मायका वालों को दी। सूचना पर मिलने पर बलिया जनपद के रसड़ा थाना के राजमलपुर गांव निवासी मृतका का भाई संजय चौहान पहुंचा। उसने थाना में तहरीर देकर पोस्टमार्टम का अनुरोध दिया। तहरीर में कहा कि मेरी बहन रितम चौहान कमरा बंद कर आग लगा लिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। इस घटना में परिवार के किसी सदस्य का कोई दोष नहीं है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक बलवान सिंह ने बताया कि मृतका के भाई की तहरीर पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उधर घटना को लेकर लोगों में तरह-तरह की चर्चा होती रही।
बच्चों के सिर से उठा मां का साया
कासिमाबाद। सुबह पांच बजे रितम द्वारा आग लगाकर आत्महत्या करने की घटना के बाद शांत फिजा में परिवार वालों की चीख-पुकार सुनाई देने लगी। जिसे भी घटना की जानकारी हुई, उसके पैर मौके की तरफ बढ़ गए। परिवार के लोगों को रोता देख बच्चे संगीता (12), अंकिता (10), खुशी (6) भी बिलखती रही। जबकि एक वर्षीय बच्ची मां की मौत से अंजान होकर बिलख रहे लोगों को निहारती रही। मामूस बच्चों को देख वहां मौजूद लोगों की आंखें भी छलछला जा रही थी। लोग घटना की चर्चा करते हुए कहते रहे कि बच्चों के सर से मां का साया उठ गया।