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44,240 हेक्टेयर से अधिक फसल क्षेत्र में पानी भरा

Sat, 27 Aug 2016 12:33 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर Updated Sat, 27 Aug 2016 12:33 AM IST
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More than 44.240 hectares of crop area, fill the water in the
बाढ़ के पानी में डूबा जमानियां - धीना संपर्क मार्ग से गुजरता ट्रैक्टर ।
जिले में बाढ़ की स्थिति नाजुक बनी हुई है। बाढ़ प्रभावित तीन तहसीलों में तीन  लाख लोग पानी से घिरने होने के बाद जिंदगी से जूझ रहे हैं। गंगा का जलस्तर गुरुवार को 65.040 मीटर पर ठहरा हुआ था। अगले दिन शुक्रवार की सुबह नौ बजे से घटाव शुरू हो गया, जो अपराह्न तीन बजे तक .04 सेंटीमीटर घटा। शाम    में जलस्तर 65.000 मीटर पर ठहराहुआ था।
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  सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि देर शाम से आधा सेंटीमीटर प्रतिघंटा जलस्तर घटने की उम्मीद है। इन दिनों जनपद में 332 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं। जबकि 44,240 हेक्टेयर से अधिक फसल  क्षेत्र पानी से भरे हैं। जिससे खड़ी फसल बर्बाद हो गई है। पिछले दस दिनों से गंगा नदी खतरा निशान 63.105 मीटर से उपर बह रही हैं। इसे देखते हुए राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। इसके लिए एनडीआरएफ, पीएसी सहित जिला प्रशासन की अलग- अलग टीमें लगी हुई हैं। बाढ़ पीड़ितों के लिए 27 शरणालय स्थापित हैं। 57 बाढ़ राहत चौकियां भी बनाई गई हैं। जिला प्रशासन की तरफ से 300 से अधिक नावें अलग-अलग क्षेत्रों में चलाई जा रही हैं।
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शुक्रवार को कमिश्नर रमेश नितिन गोकर्ण ने सदर तहसील का दौरा किया। इसके बाद बाढ़ प्रभावित इलाकों में हेलीकाप्टर से पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचाने का काम किया। भोजन के पैकेट गिराने का कार्य जमानिया तहसील में किया गया। पिछले दस दिनों से गंगा का रौद्र रूप देखने के बाद लोगों को शुक्रवार  को थोड़ी राहत मिली, क्योंकि गंगा एक दिन के ठहराव के बाद धीरे-धीरे पैर सिकोड़ने लगी हैं। हालांकि नदी का जलस्तर कम होने की गति काफी धीमा है। बावजूद बाढ़ पीड़ित राहत की सांस ले रहे हैं,  लेकिन मुसीबत उन इलाकों में बढ़ रही है, जहां पानी अब भी बढ़ रहा है। गंगा, बेसो, गंगी, कर्मनाशा और मगई नदियों में आए उफान से अधिकांश इलाकों में पानी भर गया है। गंगा और मगई नदी एनएच-31 से टकराने के बाद तेजी से गांव और खेतों में फैल रहा है।
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