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Ghazipur News: कार्तिक मास में मोंथा ने कराया सावन का अहसास, रात भर रिमझिम बरसे बदरा

Sat, 01 Nov 2025 11:46 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 01 Nov 2025 11:46 PM IST
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Montha in the month of Kartik evokes the feeling of Sawan, with rain pouring throughout the night.
गोपालपुर गांव में बर्बाद हुई धान की फसल को देखता किसान। संवाद
गाजीपुर। भले ही अभी कार्तिक मास चल रहा है, लेकिन मोंथा ने जनपदवासियों को सावन की फुहारों का अहसास करा दिया। हालांकि बारिश तेज तो नहीं हुई फिर भी शुक्रवार की रात 1 बजे से शनिवार की सुबह सात बजे तक यानी 9 घंटे में 32.57 एमएम बारिश दर्ज की गई। उधर, 28 से 31 तक हुई बारिश ने अधिकतम तापमान को चार तो न्यूनतम तापमान को दो डिग्री सेंटीग्रेट नीचे ला दिया है। अगर पिछले एक सप्ताह के तापमान पर नजर डाले तो पारा छह डिग्री नीचे लुढ़का है। इससे लोग गुलाबी ठंड का अहसास करने लगे है। उधर, शनिवार को पूरे दिन भगवान भाष्कर के दर्शन नहीं हुए। पूरी रात रिमझिम बारिश होने से नगर की सड़कें कीचड़ से सन गईं। गड्ढों में जलभराव रहा। इसके कारण आवागमन में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। कीचड़ पसर जाने के कारण मार्गों पर फिसलन की स्थिति पैदा हो गई। हल्की ठंडी हवाओं के चलने के कारण लोगों ने सिहरन महसूस किया। सबसे अधिक बारिश सदर तहसील में 10.71 एमएम हुई। जबकि सबसे कम बारिश कासिमाबाद तहसील क्षेत्र में 0.28 एमएम हुई। वहीं, लगातार बारिश होने से किसान मायूस हैं। आपदा विशेषज्ञ अशोक राय ने बताया कि अधिकतम तापमान 32.5 व न्यूनतम 21.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जनपद में कुल 32.57 एमएम बारिश हुई।
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धान, मिर्च, टमाटर, मटर और सब्जियों की फसल बर्बाद- चक्रवाती तूफान मोंथा के प्रभाव से जनपद में तीन दिनों से हो रही रुक-रुक कर बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। भांवरकोल, देवकली, गहमर, सुहवल, रेवतीपुर और मुहम्मदाबाद सहित अधिकांश क्षेत्रों में धान, मिर्च, टमाटर, मटर और अन्य सब्जियों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। तेज हवा और लगातार बारिश से खेतों में पानी भर गया है। खड़ी धान की फसल गिरकर सड़ने लगी, वहीं काटकर रखी गई फसल पानी में डूबकर खराब हो रही है। खेतों में पानी निकासी की कोई व्यवस्था न होने से हालात बिगड़ गए हैं। किसान प्रेमनाथ यादव ने बताया कि लाखों रुपये खर्च कर तैयार की गई फसल पूरी तरह चौपट हो गई है। गहमर के घनश्याम उपाध्याय ने कहा कि पूरा खेत पानी में डूबा है, अगर मौसम नहीं सुधरा तो भूखों मरने की नौबत आ जाएगी। वहीं रेवतीपुर और सुहवल क्षेत्र के किसानों का कहना है कि तेज हवाओं और बारिश से खेत तालाब बन गए हैं और धान की फसल बिछ गई है।
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टावर प्लांट पर गिरी बिजली, नेटवर्क ठप-भड़सर। क्षेत्र में शुक्रवार को हुई बारिश के दौरान मेघ गर्जना हुई। यूसुफपुर-हंसराजपुर मार्ग पर स्थित एक निजी कंपनी के टावर प्लांट पर बिजली गिरी। इसके कारण बैट्री व एमएफ पैनल क्षतिग्रस्त हो गई। जिससे संचार नेटवर्क ठप हो गया। इसके कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। संवाद
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