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फर्जी हस्ताक्षर से निकाली गई धनराशि में, शुरू हुई जांच
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बिरनो। कोरोना महामारी के चलते हुए लॉकडाउन का सरकारी कर्मचारियों ने जमकर फायदा उठाया और गोलमाल करने में व्यस्त रहे। कुछ इसी तरह का मामला बिरनो ब्लाक के शेखपुर गांव का प्रकाश में आया है। गांव के विकास के लिए आए 22 लाख में से नौ लाख पांच हजार रुपये फर्जी हस्ताक्षर बनाकर सचिव पर उतारने का आरोप लगा है। ग्राम प्रधान की शिकायत के बावजूद अधिकारियों की तंद्रा टूटने का नाम नहीं ले रही है। इधर डीपीआरओ ने जांच शुरू कर दी है।
ग्राम प्रधान मोहन यादव ने आरोप लगाया कि विकास कार्य के लिए आए करीब 22 लाख रुपये में से नौ लाख 5000 रुपये ग्राम पंचायत अधिकारी के द्वारा फर्जी हस्ताक्षर कर निकाल लिया गया। जब इस बात की जानकारी हुई तो इसकी लिखित शिकायत की, लेकिन कोई भी कार्यवाही नहीं हुई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गोलमाल करने वाला कोई और नहीं बल्कि महिला ग्राम पंचायत अधिकारी है। ग्राम प्रधान ने लिखित रूप से जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी,जिला पंचायत राज अधिकारी, ब्लॉक के सहायक विकास अधिकारी व वीडियो को पत्र देकर बताया कि फर्जी हस्ताक्षर से ग्राम पंचायत अधिकारी बिंदु खरवार ने बैंक से नौ लाख 5000 रुपये निकाल लिए हैं। ग्राम प्रधान ने बताया कि ग्राम निधि प्रथम से आहरण हेतु डोंगल व्यवस्था लागू है तथा सचिव ग्राम पंचायत अधिकारी के पास ही ग्राम प्रधान व सचिव दोनों का डोंगल हैं। मेरा डोंगल मुझे सचिव द्वारा नहीं दिया गया है। ऐसी स्थिति में ग्राम निधि खातों से आहरण किया गया है। उसका दायित्व ग्राम पंचायत अधिकारी का है,जानकारी होने पर लिखित शिकायत उच्च अधिकारियों से की गई है।
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बिरनो। कोरोना महामारी के चलते हुए लॉकडाउन का सरकारी कर्मचारियों ने जमकर फायदा उठाया और गोलमाल करने में व्यस्त रहे। कुछ इसी तरह का मामला बिरनो ब्लाक के शेखपुर गांव का प्रकाश में आया है। गांव के विकास के लिए आए 22 लाख में से नौ लाख पांच हजार रुपये फर्जी हस्ताक्षर बनाकर सचिव पर उतारने का आरोप लगा है। ग्राम प्रधान की शिकायत के बावजूद अधिकारियों की तंद्रा टूटने का नाम नहीं ले रही है। इधर डीपीआरओ ने जांच शुरू कर दी है।
ग्राम प्रधान मोहन यादव ने आरोप लगाया कि विकास कार्य के लिए आए करीब 22 लाख रुपये में से नौ लाख 5000 रुपये ग्राम पंचायत अधिकारी के द्वारा फर्जी हस्ताक्षर कर निकाल लिया गया। जब इस बात की जानकारी हुई तो इसकी लिखित शिकायत की, लेकिन कोई भी कार्यवाही नहीं हुई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गोलमाल करने वाला कोई और नहीं बल्कि महिला ग्राम पंचायत अधिकारी है। ग्राम प्रधान ने लिखित रूप से जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी,जिला पंचायत राज अधिकारी, ब्लॉक के सहायक विकास अधिकारी व वीडियो को पत्र देकर बताया कि फर्जी हस्ताक्षर से ग्राम पंचायत अधिकारी बिंदु खरवार ने बैंक से नौ लाख 5000 रुपये निकाल लिए हैं। ग्राम प्रधान ने बताया कि ग्राम निधि प्रथम से आहरण हेतु डोंगल व्यवस्था लागू है तथा सचिव ग्राम पंचायत अधिकारी के पास ही ग्राम प्रधान व सचिव दोनों का डोंगल हैं। मेरा डोंगल मुझे सचिव द्वारा नहीं दिया गया है। ऐसी स्थिति में ग्राम निधि खातों से आहरण किया गया है। उसका दायित्व ग्राम पंचायत अधिकारी का है,जानकारी होने पर लिखित शिकायत उच्च अधिकारियों से की गई है।
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