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शराब की दूूकान हटाने के लिए लामबंद
ब्यूरो,अमर उजाला/गाजीपुर
Updated Mon, 03 Apr 2017 11:26 PM IST
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नूरपुर गांव में शराब की दुकान खोलने के विरोध में प्रदर्शन करते ग्रामीण।
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नोनहरा थाना क्षेत्र के नूरपुर गांव के ग्रामीणों ने सोमवार को गाजीपुर घाट से चौरहीं रोड के पास स्थापित हुए नए बीयर और देशी शराब की दूकानों को बंद कराने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। साथ ही अबकारी विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
इस मौके पर ग्रामीणों ने कहा कि स्थापित नए दूकान से महज 80 से 100 मीटर की दूरी पर प्राथमिक, माध्यम और बालिका विद्यालय स्थित है। घनी आबादी के बीच हर हाल में दोनों दूकानों को संचालित नहीं होने दिया जाएगा। ग्रामीणों ने शराब और बीयर की दूकान हटाने की मांग की है।
पूर्व प्रधान सुरेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि बीयर और शराब की दूकानों के संचालित होने से इलाके का सुकून छिन जाएगा। पढ़ने वाले छात्रों पर इसका खराब असर पड़ेगा। साथ ही ग्रामीण महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
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उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि नए बीयर और देशी शराब की दूकान को यहां से नहीं हटाया गया तो धरना को धार देने का काम किया जाएगा। प्राथमिक विद्यालय की सहायक शिक्षक प्रतिमा मौर्या ने कहा कि विद्यालय से महज कुछ कदम पर ही बीयर और देशी शराब की दूकान संचालित करने के लिए संचालक ने भवन का निर्माण कराया है। दोनों दूकानों के संचालन होने से पढ़ने वाले बालक-बालिकों को रोजना दिक्कत का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने जिला प्रशासन से दोनों शराब की दूकानों को हटाने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि बीते एक अप्रैल को दोनों शराब की दूकानों को हटाने के लिए जिलाधिकारी को पत्रक सौंपा गया था। जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री और एसपी सुभाष चंद्र दूबे ने आबकारी अधिकारी को इस मामले में जांच कराकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। लेकिन आबकारी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से अभी तक कार्रवाई नहीं करने पर ग्रामीणों काफी रोष व्याप्त है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर देशी शराब और बीयर की दूकानों को हटाया नहीं गया तो ग्रामीण धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर इंद्रासन कुशवाहा, अमीर चंद्र, बिहारी, शमशाद अहमद, अनीस, पुष्पा, शशिकला उपस्थित रहीं।
बिरनो संवाददाता के अनुसार बद्धोपुर गांव के लोगों ने शराब की दूकान गांव के बाहर निकास वाले रास्ते पर खोले जाने पर नाराजगी जताते हुए विरोध जताया। शहीद मनोज कुमार कुशवाहा के गांव के पास देशी शराब, अंग्रेजी शराब और बीयर की दूकान खोलने पर गांव की महिलाओं सहित ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन किया। गांव के लोगों ने बताया कि दूकान से शहीद का घर मात्र 200 मीटर दूर है और शहीद के परिवार सहित गांव के लोगों का यही मुख्य मार्ग भी है।
सोमवार को शहीद की माता शीला देवी और ग्राम प्रधान आकाश राजभर के नेतृत्व में गांव की सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों ने शराब की दूकान पर आकर रास्ता जाम कर प्रदर्शन किया। धरना की जानकारी मिलते ही पहुचे बिरनो थानाध्यक्ष तेजबहादुर सिंह के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए। धरना-प्रदर्शन में प्रियंका कुशवाहा, लीलावती देवी, संतरा देवी, विमला देवी, कैलाश राम, शशि मौर्या, गुड्डू राजभर, पांचू प्रसाद आदि रहे।
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इस मौके पर ग्रामीणों ने कहा कि स्थापित नए दूकान से महज 80 से 100 मीटर की दूरी पर प्राथमिक, माध्यम और बालिका विद्यालय स्थित है। घनी आबादी के बीच हर हाल में दोनों दूकानों को संचालित नहीं होने दिया जाएगा। ग्रामीणों ने शराब और बीयर की दूकान हटाने की मांग की है।
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पूर्व प्रधान सुरेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि बीयर और शराब की दूकानों के संचालित होने से इलाके का सुकून छिन जाएगा। पढ़ने वाले छात्रों पर इसका खराब असर पड़ेगा। साथ ही ग्रामीण महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
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उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि नए बीयर और देशी शराब की दूकान को यहां से नहीं हटाया गया तो धरना को धार देने का काम किया जाएगा। प्राथमिक विद्यालय की सहायक शिक्षक प्रतिमा मौर्या ने कहा कि विद्यालय से महज कुछ कदम पर ही बीयर और देशी शराब की दूकान संचालित करने के लिए संचालक ने भवन का निर्माण कराया है। दोनों दूकानों के संचालन होने से पढ़ने वाले बालक-बालिकों को रोजना दिक्कत का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने जिला प्रशासन से दोनों शराब की दूकानों को हटाने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि बीते एक अप्रैल को दोनों शराब की दूकानों को हटाने के लिए जिलाधिकारी को पत्रक सौंपा गया था। जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री और एसपी सुभाष चंद्र दूबे ने आबकारी अधिकारी को इस मामले में जांच कराकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। लेकिन आबकारी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से अभी तक कार्रवाई नहीं करने पर ग्रामीणों काफी रोष व्याप्त है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर देशी शराब और बीयर की दूकानों को हटाया नहीं गया तो ग्रामीण धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर इंद्रासन कुशवाहा, अमीर चंद्र, बिहारी, शमशाद अहमद, अनीस, पुष्पा, शशिकला उपस्थित रहीं।
बिरनो संवाददाता के अनुसार बद्धोपुर गांव के लोगों ने शराब की दूकान गांव के बाहर निकास वाले रास्ते पर खोले जाने पर नाराजगी जताते हुए विरोध जताया। शहीद मनोज कुमार कुशवाहा के गांव के पास देशी शराब, अंग्रेजी शराब और बीयर की दूकान खोलने पर गांव की महिलाओं सहित ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन किया। गांव के लोगों ने बताया कि दूकान से शहीद का घर मात्र 200 मीटर दूर है और शहीद के परिवार सहित गांव के लोगों का यही मुख्य मार्ग भी है।
सोमवार को शहीद की माता शीला देवी और ग्राम प्रधान आकाश राजभर के नेतृत्व में गांव की सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों ने शराब की दूकान पर आकर रास्ता जाम कर प्रदर्शन किया। धरना की जानकारी मिलते ही पहुचे बिरनो थानाध्यक्ष तेजबहादुर सिंह के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए। धरना-प्रदर्शन में प्रियंका कुशवाहा, लीलावती देवी, संतरा देवी, विमला देवी, कैलाश राम, शशि मौर्या, गुड्डू राजभर, पांचू प्रसाद आदि रहे।