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जिले में 15 सितंबर तक पूर्ण रूप से तैयार हो जाएगा मेडिकल कालेज
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गाजीपुर। डॉक्टरों की नई पौध तैयार करने के लिए जिले को जल्द ही मेडिकल कॉलेज मिल जाएगा। कार्य निरंतर चलता रहा तो नगर के आरटीआई मैदान में निर्माणाधीन राजकीय मेडिकल कॉलेज 15 सितंबर तक तैयार हो जाएगा। इसके बाद कार्यदायी संस्था द्वारा भवन कालेज प्रशासन को सुपुर्द कर दिया जाएगा। कॉलेज में फर्नीचर का कार्य तो शुरू हो ही गया है। तीन विभागों के लिए बने प्रयोगशालाओं में उपकरण लगाए जा रहे हैं।
जिले में बेहतर चिकित्सा की सुविधा के साथ-साथ डॉक्टरों की नई पौध तैयार करने के लिए जिले में करीब चार वर्ष पूर्व आरटीआई मैदान में राजकीय मेडिकल कॉलेज की नींव पड़ी थी। करीब 220 करोड़ की लागत से 25 एकड़ में भवन निर्माण कार्य शुरू हुआ था। कोरोना संक्रमण काल के दौरान निर्माण कार्य की गति थोड़ी धीमी तो जरूर हुई, लेकिन भवन निर्माण का कार्य पूर्ण हो गया है। मेडिकल कॉलेज में प्रशासनिक कक्ष, लाइब्रेरी, एकेडमिक, कैफेटेरिया, लेक्चर हाल, आडिटोरियम के अलावा 100 छात्र-छात्राओं के लिए हास्टल एवं प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसर एवं अन्य कर्मचारियों के लिए आवास का भी निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। कॉलेज का 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका था। जबकि फर्नीचर आदि का 20 प्रतिशत कार्य शेष था। ऐसे में अब फर्नीचर कार्य शुरू हो चुका है, जिससे 15 सितंबर तक पूर्ण कर लिया जाएगा। वहीं बायो केमेस्ट्री, फिजियोलॉजी एवं एनॉटमी विभाग के प्रयोगशाला को उपकरणों को लगाने की कार्रवाई भी तेज हो चुकी है, जिससे कॉलेज में प्रवेश शुरू होने के बाद संचालन में किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।
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इनसेट
कॉलेज में 35 प्रोफेसर तैनात, जूनियर डॉक्टरों की संख्या 50
गाजीपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में अब तक विभिन्न विधा के 35 विभागाध्यक्षों की तैनाती हो चुकी है। इसमें ईएनटी, कम्युनिटी मेडिसिन, बायो केमेस्ट्री, पैथोलॉजी, मानसिक रोग एवं एनेस्थीसिया विभाग के शामिल हैं। वहीं जूनियर डॉक्टरों की संख्या 50 है। हालांकि मेडिकल की पढ़ाई शुरू करने की 15 की संभावित तिथि मानकर तैयारियां तेज हो चुकी है।
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मेडिकल कालेज में 20 प्रतिशत का कार्य शेष था। ऐसे में फर्नीचर का कार्य शुरू हो चुका है। 15 सितंबर तक यह कार्य पूर्ण हो जाएगा। प्रयोगशालाओं को उपकरणों से लैस करने का काम शुरू हो गया है। - डा. राजेश सिंह, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कालेज गाजीपुर
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जिले में बेहतर चिकित्सा की सुविधा के साथ-साथ डॉक्टरों की नई पौध तैयार करने के लिए जिले में करीब चार वर्ष पूर्व आरटीआई मैदान में राजकीय मेडिकल कॉलेज की नींव पड़ी थी। करीब 220 करोड़ की लागत से 25 एकड़ में भवन निर्माण कार्य शुरू हुआ था। कोरोना संक्रमण काल के दौरान निर्माण कार्य की गति थोड़ी धीमी तो जरूर हुई, लेकिन भवन निर्माण का कार्य पूर्ण हो गया है। मेडिकल कॉलेज में प्रशासनिक कक्ष, लाइब्रेरी, एकेडमिक, कैफेटेरिया, लेक्चर हाल, आडिटोरियम के अलावा 100 छात्र-छात्राओं के लिए हास्टल एवं प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसर एवं अन्य कर्मचारियों के लिए आवास का भी निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। कॉलेज का 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका था। जबकि फर्नीचर आदि का 20 प्रतिशत कार्य शेष था। ऐसे में अब फर्नीचर कार्य शुरू हो चुका है, जिससे 15 सितंबर तक पूर्ण कर लिया जाएगा। वहीं बायो केमेस्ट्री, फिजियोलॉजी एवं एनॉटमी विभाग के प्रयोगशाला को उपकरणों को लगाने की कार्रवाई भी तेज हो चुकी है, जिससे कॉलेज में प्रवेश शुरू होने के बाद संचालन में किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।
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कॉलेज में 35 प्रोफेसर तैनात, जूनियर डॉक्टरों की संख्या 50
गाजीपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में अब तक विभिन्न विधा के 35 विभागाध्यक्षों की तैनाती हो चुकी है। इसमें ईएनटी, कम्युनिटी मेडिसिन, बायो केमेस्ट्री, पैथोलॉजी, मानसिक रोग एवं एनेस्थीसिया विभाग के शामिल हैं। वहीं जूनियर डॉक्टरों की संख्या 50 है। हालांकि मेडिकल की पढ़ाई शुरू करने की 15 की संभावित तिथि मानकर तैयारियां तेज हो चुकी है।
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मेडिकल कालेज में 20 प्रतिशत का कार्य शेष था। ऐसे में फर्नीचर का कार्य शुरू हो चुका है। 15 सितंबर तक यह कार्य पूर्ण हो जाएगा। प्रयोगशालाओं को उपकरणों से लैस करने का काम शुरू हो गया है। - डा. राजेश सिंह, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कालेज गाजीपुर