{"_id":"5eb42fcf8ebc3e907a6fdc56","slug":"looting-in-the-name-of-buying-wheat-in-the-district-ghazipur-news-vns523808932","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में गेहूं खरीद के नाम पर लूटखसोट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में गेहूं खरीद के नाम पर लूटखसोट
विज्ञापन
भांवरकोल। किसानों के गेहूं की खरीद को लेकर जहां सरकार गंभीर है। वहीं, साधन सहकारी समिति पर उनसे खरीद के नाम पर तरह-तरह के पेंच लगाए जा रहे हैं। आलम यह है कि पल्लेदारी के नाम पर खुलेआम पैसा लिया जा रहा है। इस तरह का एक मामला ब्लाक अंतर्गत साधन सहकारी समिति मुड़ेरा बुजुर्ग का सामने आया है। पीसीएफ के एक अधिकारी की ओर से केंद्र प्रभारी से गेहूं क्रय के लिए प्रति ट्रक पल्लेदारी के नाम पर पैसा वसूला जा रहा है।
यह मामला भांवरकोल विकासखंड क्षेत्र के न्याय पंचायत सियाड़ी का है। इसके अंतर्गत आने वाले साधन सहकारी समिति मुड़ेरा बुजुर्ग पर पीसीएफ के डीएस की तरफ से क्रय केंद्र प्रभारी केदारनाथ कुशवाहा से गेहूं क्रय के लिए प्रति ट्रक पल्लेदारी के नाम पर 1500 रुपये वसूला जा रहा है। उधर, दो दिन पहले केंद्र प्रभारी केदारनाथ ने इस बात की जानकारी समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार राय को दी तो अध्यक्ष ने संबंधित अधिकारी से बात की। इस पर उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि रुपये देना अनिवार्य है, अन्यथा क्रय केंद्र बंद कर दें। डीएस के आदेश पर अध्यक्ष एवं सचिव मिलकर क्रय केंद्र को ताला लगाकर चले गए हैं। क्रय केंद्र बंद होने से किसानों के सामने समस्या उत्पन्न हो गई है। किसानों को समझ में नहीं आ रहा है कि वह अपना गेहूं कहां बिक्री करें। उनका कहना है कि एक तरफ किसान पहले से ही मौसम की मार से परेशान हैं। इसी क्रम में गेहूं बिक्री के नाम पर शोषण के चलते वह दोहरी मार झेलने को मजबूर हैं। उन्होंने उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया है।
अगर पल्लेदारी के नाम पर पैसा मांगा जा रहा है तो यह गलत है। शिकायत की जांच कराकर दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - सुशील श्रीवास्तव, मुख्य राजस्व अधिकारी, जिला खरीद अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन
यह मामला भांवरकोल विकासखंड क्षेत्र के न्याय पंचायत सियाड़ी का है। इसके अंतर्गत आने वाले साधन सहकारी समिति मुड़ेरा बुजुर्ग पर पीसीएफ के डीएस की तरफ से क्रय केंद्र प्रभारी केदारनाथ कुशवाहा से गेहूं क्रय के लिए प्रति ट्रक पल्लेदारी के नाम पर 1500 रुपये वसूला जा रहा है। उधर, दो दिन पहले केंद्र प्रभारी केदारनाथ ने इस बात की जानकारी समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार राय को दी तो अध्यक्ष ने संबंधित अधिकारी से बात की। इस पर उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि रुपये देना अनिवार्य है, अन्यथा क्रय केंद्र बंद कर दें। डीएस के आदेश पर अध्यक्ष एवं सचिव मिलकर क्रय केंद्र को ताला लगाकर चले गए हैं। क्रय केंद्र बंद होने से किसानों के सामने समस्या उत्पन्न हो गई है। किसानों को समझ में नहीं आ रहा है कि वह अपना गेहूं कहां बिक्री करें। उनका कहना है कि एक तरफ किसान पहले से ही मौसम की मार से परेशान हैं। इसी क्रम में गेहूं बिक्री के नाम पर शोषण के चलते वह दोहरी मार झेलने को मजबूर हैं। उन्होंने उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया है।
विज्ञापन
अगर पल्लेदारी के नाम पर पैसा मांगा जा रहा है तो यह गलत है। शिकायत की जांच कराकर दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - सुशील श्रीवास्तव, मुख्य राजस्व अधिकारी, जिला खरीद अधिकारी
विज्ञापन