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सुबह नौ बजे से शाम 4 बजे तक 'लू कर्फ्यू '
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भीषण गर्मी रिकार्ड पर रिकार्ड तोड़ रही है। पारा लगातार 42 के पार चल रहा है। सड़कों पर सुबह से ही सन्नाटा छाया रह रहा है। लोग घरों में ही रहने में भलाई समझ रहे हैं। सोमवार को भी सुबह नौ बजे के बाद सड़कें तपने लगीं और दस बजते ही लू के थपेड़े चलने लगे। दोपहर एक बजे तो शरीर को झुलसा देने वाली गर्मी का अहसास होने लगा। तेज धूप और गर्मी के बढ़ने का असर सड़कों और घरों से बाहर निकलने वालों पर पड़ा। दिन भर लोग घरों में दुबके रहे।
हालत यह है कि 13 मई से ही तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के ऊपर ही बना हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक चार वर्ष बाद गर्मी ने रिकार्ड तोड़ा है। इसके पहले वर्ष 2019 में तापमान लगातार तीसरे दिन 46 डिग्री के पार दर्ज किया गया था। सोमवार को भी घर से बाहर निकले लोग दस मिनट बाद ही पस्त हो गए और छांव ढूंढने लगे। भीषण गर्मी से जनजीवन बेपटरी हो गया। आसमान से आग बरसने लगी और तपिश के कारण सड़कें भी आग उगलने लगीं। हालांकि सोमवार को भी छुट्टी का दिन था। यही वजह रही कि लोगों ने भीषण गर्मी से बचने के लिए घरों में रहना ही मुनासिब समझा। घरों में भी चल रहे पंखे और कूलर गर्मी के ताप के आगे फेल नजर आए। इधर ग्रामीण इलाकों में अंधाधुंध हो रही बिजली कटौती ने और भी मुसीबत में डाल रखा है। ग्रामीण पेड़ों की छांव में तो युवा और बच्चे तलाब और पोखरी में जल क्रीड़ा कर गर्मी से निजात पाने का प्रयास कर रहे हैं।
गर्मी में भी नहरें सूखी
मौधा। इतनी प्रचंड गर्मी में भी शारदा सहायक खंड 23 की अमुवारा रजवाहा में पानी का एक बूंद नहीं दिखाई पड़ रहा है। लोग नहर विभाग की लापरवाहियों से तंग आ चुके हैं। खेतों की सिंचाई तो दूर कईं गांवों में हैंडपंप का स्टेटा काफी नीचे चला गया है। फसलें तो सूख ही रही हैं। पशु पक्षी भी पानी के लिए बेहाल हो गए हैं। वे अपनी प्यास बुझाने के लिए दर बदर भटक रहे हैं।
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भीषण गर्मी में भी नहीं खुले प्याऊ
गाजीपुर। गर्मी के मौसम में पारा दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। गर्मी के मौसम में लोगों को प्यास भी अधिक सताती है। इस मौसम में लू से बचने और गला तर करने के लिए शीतल जल की आवश्यकता होती है। लेकिन इस दौर में भी नगर क्षेत्र और सैदपुर नगर के अधिकांश महत्वपूर्ण स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था नहीं है। लोगों को बाजार से बोतल बंद पानी खरीद कर काम चलाना पड़ रहा है।
आम पना, छांछ और शर्बत पर दे रहे जोर
गाजीपुर। गर्मी अपने पूरे शबाब पर है। एसी कूलर भी साथ नहीं दे रहे हैं। ऐसे में जब पूरा परिवार एक साथ होता है। तब गर्मी से बचने के लिए लोग आम पना, छांछ और शर्बत का सहारा लेना अधिक पसंद कर रहे हैं। इसके अलावा मौसमी फलों के जरिए भी लोग गर्मी से राहत पाने का प्रयास कर रहे हैं।
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हालत यह है कि 13 मई से ही तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के ऊपर ही बना हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक चार वर्ष बाद गर्मी ने रिकार्ड तोड़ा है। इसके पहले वर्ष 2019 में तापमान लगातार तीसरे दिन 46 डिग्री के पार दर्ज किया गया था। सोमवार को भी घर से बाहर निकले लोग दस मिनट बाद ही पस्त हो गए और छांव ढूंढने लगे। भीषण गर्मी से जनजीवन बेपटरी हो गया। आसमान से आग बरसने लगी और तपिश के कारण सड़कें भी आग उगलने लगीं। हालांकि सोमवार को भी छुट्टी का दिन था। यही वजह रही कि लोगों ने भीषण गर्मी से बचने के लिए घरों में रहना ही मुनासिब समझा। घरों में भी चल रहे पंखे और कूलर गर्मी के ताप के आगे फेल नजर आए। इधर ग्रामीण इलाकों में अंधाधुंध हो रही बिजली कटौती ने और भी मुसीबत में डाल रखा है। ग्रामीण पेड़ों की छांव में तो युवा और बच्चे तलाब और पोखरी में जल क्रीड़ा कर गर्मी से निजात पाने का प्रयास कर रहे हैं।
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गर्मी में भी नहरें सूखी
मौधा। इतनी प्रचंड गर्मी में भी शारदा सहायक खंड 23 की अमुवारा रजवाहा में पानी का एक बूंद नहीं दिखाई पड़ रहा है। लोग नहर विभाग की लापरवाहियों से तंग आ चुके हैं। खेतों की सिंचाई तो दूर कईं गांवों में हैंडपंप का स्टेटा काफी नीचे चला गया है। फसलें तो सूख ही रही हैं। पशु पक्षी भी पानी के लिए बेहाल हो गए हैं। वे अपनी प्यास बुझाने के लिए दर बदर भटक रहे हैं।
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भीषण गर्मी में भी नहीं खुले प्याऊ
गाजीपुर। गर्मी के मौसम में पारा दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। गर्मी के मौसम में लोगों को प्यास भी अधिक सताती है। इस मौसम में लू से बचने और गला तर करने के लिए शीतल जल की आवश्यकता होती है। लेकिन इस दौर में भी नगर क्षेत्र और सैदपुर नगर के अधिकांश महत्वपूर्ण स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था नहीं है। लोगों को बाजार से बोतल बंद पानी खरीद कर काम चलाना पड़ रहा है।
आम पना, छांछ और शर्बत पर दे रहे जोर
गाजीपुर। गर्मी अपने पूरे शबाब पर है। एसी कूलर भी साथ नहीं दे रहे हैं। ऐसे में जब पूरा परिवार एक साथ होता है। तब गर्मी से बचने के लिए लोग आम पना, छांछ और शर्बत का सहारा लेना अधिक पसंद कर रहे हैं। इसके अलावा मौसमी फलों के जरिए भी लोग गर्मी से राहत पाने का प्रयास कर रहे हैं।