{"_id":"663cbf6cb7891968f6092f73","slug":"lok-sabha-election-record-was-made-in-ghazipur-28-years-ago-2024-05-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lok Sabha Election: गाजीपुर में 28 साल पूर्व बना था रिकॉर्ड, 57 उम्मीदवारों ने की थी जोर आजमाइश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lok Sabha Election: गाजीपुर में 28 साल पूर्व बना था रिकॉर्ड, 57 उम्मीदवारों ने की थी जोर आजमाइश
Thu, 09 May 2024 05:51 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अंकुर शुक्ला, अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर
अंकुर शुक्ला, अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Thu, 09 May 2024 05:51 PM IST
सार
Lok Sabha Election: वर्ष 1999 में 17, वर्ष 2004 में 16, 2009 में 15, 2014 चुनाव में 18 और 2019 में 14 धुरंधरों के बीच जोर आजमाइश हुई थी। पिछले चुनाव में बसपा के प्रत्याशी अफजाल अंसारी ने भाजपा के प्रत्याशी मनोज सिन्हा को एक लाख 19 हजार 392 मतों से हराया था और 12 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी।
विज्ञापन
कचहरी पर की गई बैरिकेडिंग से होकर निकलते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सातवें चरण में गाजीपुर सीट के लिए नामांकन शुरू हो गया है, जो 14 मई तक चलेगा। ऐसे में प्रत्याशियों के नामांकन को लेकर चर्चाएं होनी लाजमी है। साथ ही लोगों में यह भी जानने की जिज्ञासा होगी की इसके पहले कब सबसे अधिक प्रत्याशियों ने चुनावी समर में जोर आजमाइश किया था।
विज्ञापन
चुनावी आंकड़ों पर नजर डाले तो जनपद में हुए पहले दो लोकसभा चुनावों में सबसे कम पांच-पांच उम्मीदवारों ने ताल ठोकी थी। जबकि सबसे अधिक दावेदारों की संख्या 1996 में रही, तब चुनाव में कुल 57 प्रत्याशियों ने जोर आजमाइश की थी।
विज्ञापन
इस चुनाव में पहली बार मनोज सिन्हा भाजपा से चुनाव जीते थे। उन्होंने बसपा के युनूस को एक लाख पांच हजार 499 मतों से हराया था। यही नहीं, इस चुनाव में कुल 83 लोगों ने नामांकन किया था। इसमें एक महिला और बाकी 82 पुरुष उम्मीदवार थे। लेकिन, महिला प्रत्याशी समेत 26 लोगों ने नामांकन वापस ले लिया और इस तरह 57 लोगों ने नामांकन किया था। यही नहीं, 54 लोगों की जमानत तक जब्त हो गई थी।
विज्ञापन
इसके बाद इतने प्रत्याशी एक साथ गाजीपुर सीट पर कभी चुनाव नहीं लड़े। वहीं, इस बार गाजीपुर संसदीय सीट के लिए एक जून को मतदान कराया जाएगा। चुनावी जंग फतह करने के लिए उम्मीदवारों ने भागदौड़ तेज कर दी है। इस सीट के लिए नामांकन की प्रक्रिया सात मई से शुरू हो गई है।
चुनाव में भाजपा से पारसनाथ राय, सपा से अफजाल अंसारी और बसपा से डॉ. उमेश कुमार सिंह समेत कई निर्दलियों ने नामांकन अलग-अलग तिथियों पर करने की तैयारी की है। ऐसे में चुनावी आंकड़ों पर नजर डाले तो 1952-57 के लोकसभा चुनाव में सबसे कम प्रत्याशियों ने ताल ठोकी थी। इन दोनों चुनाव में पांच-पांच दावेदार चुनाव मैदान में थे।
1967 एवं 1977 के चुनाव में सात-सात और 1971 के लोकसभा चुनाव में छह उम्मीदवारों ने किस्मत आजमाई थी। वर्ष 1980 में 11, वर्ष 1984 में 15, 1989 में 13, वर्ष 91 में 24, वर्ष 1996 में सर्वाधिक 57 और 1998 के लोकसभा चुनाव में 12 प्रत्याशियों के बीच चुनावी घमासान हुआ था।
दो दिन में सपा से तीन लोग ले चुके हैं नामांकन के लिए पर्चे
नामांकन के दूसरे दिन सपा से एक और दावेदार ने पर्चा खरीदा है। इसके पहले सीटिंग सांसद अफजाल अंसारी और उनकी बड़ी बेटी नुसरत अंसारी के नाम से एक दिन पहले ही चार-चार सेट में पर्चे खरीदे गए थे। सपा से नामांकन पत्र खरीदने वाले जगत मोहन बिंद शहर के बड़ी बाग निवासी हैं।
वह हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं। साथ ही सपा के प्रदेश कार्यकारिणी में विशेष आमंत्रित सदस्य भी हैं। इसके अलावा अखिल भारतीय बिंद समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने कहा कि मैंने सपा से पर्चा लिया है। शीर्ष नेतृत्व का निर्देश जैसा होगा मैं वैसे ही करूंगा। यदि अफजाल अंसारी चुनाव लड़ते हैं तो वे उनके साथ हैं।