आल इंडिया आफीसर्स एसोसिएशन एवं कर्मचारी एसोसिएशन के आह्वान पर बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक के कर्मचारी सोमवार को हड़ताल पर रहे। क्षेत्रीय कार्यालय गाजीपुर के अंतर्गत सभी शाखाओं में ताले लटके रहने से बैंक का कार्य बाधित रहा। बैंककर्मियों सभा कर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई। हड़ताल से लगभग 20 करोड़ का व्यवसाय प्रभावित हुआ। लेनदेन के सिलसिले में आए लोगों को बिना काम के वापस लौटना पड़ा। सभा में हड़ताली बैंककर्मियों ने प्रायोजक बैंक मुक्त ग्रामीण बैंक की स्थापना करने, 11वां वेतन समझौता पूर्णरूप से लागू करने, दैनिक वेतन भोगी को नियमित करने और न्यूनतम मजदूरी भुगतान की मांग की। सभा में गौरव कुमार, अजित कुमार, दीपक चंद्रा, अमरीश नंदन, पंकज कुमार, आकाश जायसवाल, दिनेश कुमार, वीके सिंह, राजनारायण सिंह, अभिषेक पांडेय, अमित कुमार, अनुराग गुप्ता, विकास शुक्ला, धनंजय पाठक, अविनाश गुप्ता, राजू ओझा, परशुराम तथा दिनेशचंद्र शर्मा आदि उपस्थित थे। सेवराई : तहसील क्षेत्र के बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक में बैंक कर्मियों की हड़ताल के कारण ताला लटका रहा। इससे अपने विभिन्न कामों से आए उपभोक्ताओं को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। इस अवसर पर बैंक कर्मियों ने कहा कि भारत सरकार के 50 प्रतिशत शेयर प्रायोजक बैंकों को अंतरित करने के प्रस्ताव का हम विरोध करते हैं। प्रशासन के समक्ष प्रायोजक बैंक मुक्त राष्ट्रीय ग्रामीण बैंक की स्थापना, पर्याप्त मानव शक्ति नियोजन, 11वां वेतन समझौता लागू करने की मांग को लेकर हड़ताल की गई है। सरकार अगर हमारी मांगों को नहीं मानती है तो हम सभी अपने संगठन के आदेश के अनुसार प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। हड़ताल के तहत तहसील क्षेत्र के भदौरा, करहिया, दिलदारनगर तथा गहमर शाखा को बंद रखा गया। शनिवार और रविवार को छुट्टी के बाद आज बैंक न खुलने के कारण अपने कार्यों से आए उपभोक्ताओं को खाली हाथ मायूस होकर वापस लौटना पड़ा।