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जिले में बढ़ी महिलाओं की साक्षरता दर
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गाजीपुर। बालिकाओं की साक्षरता दर बढ़ाने और उन्हें शिक्षित करने के उद्देश्य से प्रदेश स्तर पर तमाम योजनाएं एवं कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इन योजनाओं एवं कार्यक्रम का ही असर रहा है कि जिले की महिलाओं की साक्षरता दर बढ़कर 60:30 प्रतिशत हो गई है। नगर क्षेत्र में यह प्रतिशत 73:27 और ग्रामीण क्षेत्र में 59:24 प्रतिशत है। बालिकाओं को शिक्षित करने के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और उनके स्व रोजगार के भी अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
बालिकाओं को समृद्धशाली और सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रति वर्ष 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। जिले में अगर बालिका शिक्षा पर गौर करें तो उनके लिए कई कार्यक्रम चल रहे हैं जिसका लाभ लेकर बालिकाएं प्रगति के पथ पर अग्रसर हैं। उनके लिए बेसिक स्तर पर जो कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं उनमें राष्ट्रीय स्तर पर बालिका शिक्षा कार्यक्रम, एनपीईजीईएल कार्यक्रम, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, नारी सशक्तिकरण कार्यक्रम, मीना मंच कार्यक्रम, स्टूडेंट्स पुलिस कैडेट प्रोग्राम जैसे कार्यक्रम संचालित हो रहे हैं। इन कार्यक्रमों का ही असर रहा है कि जिले में बालिकाओं की शिक्षा का स्तर बेहतर हुआ है और साक्षरता दर का ग्राफ भी ऊंचा उठा है। इस मौके पर जिले के सभी ब्लाकों की 2011 की जनगणना के अनुसार महिला साक्षरता दर को जान लेना उचित होगा। भदौरा में सबसे अधिक महिला साक्षरता दर 63:83 प्रतिशत है जबकि सबसे कम बाराचवर ब्लाक में 55:93 प्रतिशत है। इसके अलावा जखनिया में 58:55, मनिहारी में 57:75, सादात में 59, सैदपुर में 59:72, देवकली में 59:40, बिरनो में 58:95, मरदह में 58:47, सदर में 60:89, करंडा में 61:66, कासिमाबाद में 57:04, मुहम्मदाबाद में 59:29, भांवरकोल में 59:94, जमानिया में 58:74 और रेवतीपुर में 59:60 प्रतिशत है।
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बालिकाओं को समृद्धशाली और सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रति वर्ष 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। जिले में अगर बालिका शिक्षा पर गौर करें तो उनके लिए कई कार्यक्रम चल रहे हैं जिसका लाभ लेकर बालिकाएं प्रगति के पथ पर अग्रसर हैं। उनके लिए बेसिक स्तर पर जो कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं उनमें राष्ट्रीय स्तर पर बालिका शिक्षा कार्यक्रम, एनपीईजीईएल कार्यक्रम, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, नारी सशक्तिकरण कार्यक्रम, मीना मंच कार्यक्रम, स्टूडेंट्स पुलिस कैडेट प्रोग्राम जैसे कार्यक्रम संचालित हो रहे हैं। इन कार्यक्रमों का ही असर रहा है कि जिले में बालिकाओं की शिक्षा का स्तर बेहतर हुआ है और साक्षरता दर का ग्राफ भी ऊंचा उठा है। इस मौके पर जिले के सभी ब्लाकों की 2011 की जनगणना के अनुसार महिला साक्षरता दर को जान लेना उचित होगा। भदौरा में सबसे अधिक महिला साक्षरता दर 63:83 प्रतिशत है जबकि सबसे कम बाराचवर ब्लाक में 55:93 प्रतिशत है। इसके अलावा जखनिया में 58:55, मनिहारी में 57:75, सादात में 59, सैदपुर में 59:72, देवकली में 59:40, बिरनो में 58:95, मरदह में 58:47, सदर में 60:89, करंडा में 61:66, कासिमाबाद में 57:04, मुहम्मदाबाद में 59:29, भांवरकोल में 59:94, जमानिया में 58:74 और रेवतीपुर में 59:60 प्रतिशत है।
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