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पीओएस मशीन से लैस होंगी शराब की दुकानें
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गाजीपुर। शराब में मिलावटखोरी और प्रिंट से अधिक दाम पर दुकानदार बिक्री नहीं कर सकेंगे। अब बीयर, देशी और अंग्रेजी शराब की दुकानों को पीओएस मशीन से लैस किया जाएगा। इन दुकानों की मॉनीटरिंग लखनऊ में बैठे उच्चाधिकारियों की तरफ से की जाएगी, जिससे किसी तरह की गड़बड़ी और अनियमितता मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। पहले चरण में जिले के 73 बीयर की दुकानों पर मशीन लगाई जाएगी। मशीन लगाने का कार्य जल्द शुरू हो जाएगा। इसको लेकर आबकारी विभाग की ओर से कवायद तेज कर दी गई है।
जहरीली शराब कांड के बाद शासन ने शराब बिक्री की व्यवस्था में बदलाव की कवायद की है। इसके तहत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पहले चरण में बीयर की दुकानों को पीओएस मशीन से लैस किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में जहां अंग्रेजी और तीसरे चरण में देशी शराब की दुकानों पर भी मशीन लगाई जाएगी।
जिले में अंग्रेजी की 83, देशी 216 और बीयर की 73 दुकानों के अलावा तीन मॉडल शाप भी हैं। इस संबंध में जिला आबकारी अधिकारी वीर अभिमन्यु सिंह ने बताया कि बहुत जल्द ही पीओएस मशीन से अंग्रेजी शराब, बीयर और देशी शराब की बिक्री होगी। इससे मिलावट खोरी एवं अत्यधिक दाम पर बिक्री करने पर अंकुश लग सकेगा। पहले चरण में अक्तूबर के अंतिम सप्ताह तक जिले की 73 बीयर की दुकानों को पीओएस मशीन से लैस किया जाएगा।
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विभाग के पास रहेगा दुकानदार का डेटा
मशीन लगाने के बाद दुकानदार को मशीन से शराब की बोतल पर लगे रेपर को स्कैन कर बेचना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था बीयर की दुकानों पर अक्तूबर के अंतिम सप्ताह तक प्रभावी हो जाएगी। ऐसे में पीओएस मशीन से बोतल पर लगे रेपर के स्कैन होते ही उसकी बिक्री का पूरा ब्योरा दुकान का नाम, उसका सीरियल नंबर आदि विभाग के डाटा बैंक में ट्रांसफर हो जाएगा। यही नहीं इसके जरिए विभाग जिले के किसी भी कोने में स्थित दुकानों पर लखनऊ आदि जगहों से नजर रख सकेगा।
इनसेट
रोज आठ हजार लीटर से ज्यादा होती है अंग्रेजी शराब की खपत
गाजीपुर। जिले में शराब की बिक्री की बात की जाए तो प्रति दिन आठ हजार 33 लीटर अंग्रेजी और 26 हजार 67 लीटर देशी शराब के साथ 10 हजार लीटर बीयर की खपत होती है। वहीं एक माह में करीब ढाई लाख लीटर अंग्रेजी, आठ लाख लीटर देशी शराब और तीन लाख लीटर बीयर की खपत होती है।
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जहरीली शराब कांड के बाद शासन ने शराब बिक्री की व्यवस्था में बदलाव की कवायद की है। इसके तहत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पहले चरण में बीयर की दुकानों को पीओएस मशीन से लैस किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में जहां अंग्रेजी और तीसरे चरण में देशी शराब की दुकानों पर भी मशीन लगाई जाएगी।
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जिले में अंग्रेजी की 83, देशी 216 और बीयर की 73 दुकानों के अलावा तीन मॉडल शाप भी हैं। इस संबंध में जिला आबकारी अधिकारी वीर अभिमन्यु सिंह ने बताया कि बहुत जल्द ही पीओएस मशीन से अंग्रेजी शराब, बीयर और देशी शराब की बिक्री होगी। इससे मिलावट खोरी एवं अत्यधिक दाम पर बिक्री करने पर अंकुश लग सकेगा। पहले चरण में अक्तूबर के अंतिम सप्ताह तक जिले की 73 बीयर की दुकानों को पीओएस मशीन से लैस किया जाएगा।
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विभाग के पास रहेगा दुकानदार का डेटा
मशीन लगाने के बाद दुकानदार को मशीन से शराब की बोतल पर लगे रेपर को स्कैन कर बेचना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था बीयर की दुकानों पर अक्तूबर के अंतिम सप्ताह तक प्रभावी हो जाएगी। ऐसे में पीओएस मशीन से बोतल पर लगे रेपर के स्कैन होते ही उसकी बिक्री का पूरा ब्योरा दुकान का नाम, उसका सीरियल नंबर आदि विभाग के डाटा बैंक में ट्रांसफर हो जाएगा। यही नहीं इसके जरिए विभाग जिले के किसी भी कोने में स्थित दुकानों पर लखनऊ आदि जगहों से नजर रख सकेगा।
इनसेट
रोज आठ हजार लीटर से ज्यादा होती है अंग्रेजी शराब की खपत
गाजीपुर। जिले में शराब की बिक्री की बात की जाए तो प्रति दिन आठ हजार 33 लीटर अंग्रेजी और 26 हजार 67 लीटर देशी शराब के साथ 10 हजार लीटर बीयर की खपत होती है। वहीं एक माह में करीब ढाई लाख लीटर अंग्रेजी, आठ लाख लीटर देशी शराब और तीन लाख लीटर बीयर की खपत होती है।