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अगले पांच दिनों हल्के बादल के साथ बूदा-बांदी की संभावना
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गाजीपुर। कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, अगले पांच दिनों तक हल्के बादल छाए रहेंगे और 16 से 17 अक्तूबर के बीच हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है। जिले में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेंटीग्रेड व न्यूनतम तापमान 24 से 25 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच रहने की संभावना है। पश्चिमी हवा औसत 7 से 8 किलोमीटर प्रति घंटा से चलने की उम्मीद है।
पीजीसी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि विशेषज्ञ कपिलदेव शर्मा का कहना है कि किसान भाई मौसम की सटीक जानकारी के लिए मेघदूत एप्लीकेशन का प्रयोग करें और आकाशीय बिजली से बचाव के लिउ दामिनी एप्लीकेशन का प्रयोग करें।
कहा कि किसान रबी की फसल में अच्छी पैदावार के लिए गोबर की सड़ी खाद का प्रयोग करें। मटर की बुवाई के लिए अक्तूबर का माह सबसे अच्छा माह माना जाता है। मटर की अगेती किस्मों के लिए प्रति हेक्टेयर 120-150 किग्रा तथा मध्यम व पिछेती किस्मों के लिए 80-100 किग्रा बीज का प्रयोग करें। साथ ही इस माह में आलू की बुवाई शुरू हो जाती है। आलू की बुवाई के लिए खेतों को अच्छे से जोतना चाहिए और खेतों में भरपूर मात्रा में खाद का मिश्रण करना चाहिए। खेतों में खाद डालने के 15 से 20 दिन के बाद ही आलू की बुवाई करनी चाहिए। आलू की अगेती किस्म कुफरी अशोका, कुफरी चंद्रमुखी, कुफरी जवाहर की बुवाई 10 अक्तूबर तक करनी चाहिए।
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कहा कि मध्य एवं पिछेती किस्म कुफरी बादशाह, कुफरी सतलज, कुफरी पुखराज, कुफरी लालिमा की बुवाई 15-25 अक्तूबर तक करनी चाहिए। सब्जियों की नर्सरी व फसलों में सफेद मक्खी तथा चूसक कीटों की निगरानी करें जिसके द्वारा विषाणु जनित रोग फैलते हैं। इसकी रोकथाम के लिए इमिडा क्लोरोप्रिड दवा का छिड़काव 0.3 मिली प्रति लीटर की दर से करें।
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पीजीसी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि विशेषज्ञ कपिलदेव शर्मा का कहना है कि किसान भाई मौसम की सटीक जानकारी के लिए मेघदूत एप्लीकेशन का प्रयोग करें और आकाशीय बिजली से बचाव के लिउ दामिनी एप्लीकेशन का प्रयोग करें।
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कहा कि किसान रबी की फसल में अच्छी पैदावार के लिए गोबर की सड़ी खाद का प्रयोग करें। मटर की बुवाई के लिए अक्तूबर का माह सबसे अच्छा माह माना जाता है। मटर की अगेती किस्मों के लिए प्रति हेक्टेयर 120-150 किग्रा तथा मध्यम व पिछेती किस्मों के लिए 80-100 किग्रा बीज का प्रयोग करें। साथ ही इस माह में आलू की बुवाई शुरू हो जाती है। आलू की बुवाई के लिए खेतों को अच्छे से जोतना चाहिए और खेतों में भरपूर मात्रा में खाद का मिश्रण करना चाहिए। खेतों में खाद डालने के 15 से 20 दिन के बाद ही आलू की बुवाई करनी चाहिए। आलू की अगेती किस्म कुफरी अशोका, कुफरी चंद्रमुखी, कुफरी जवाहर की बुवाई 10 अक्तूबर तक करनी चाहिए।
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कहा कि मध्य एवं पिछेती किस्म कुफरी बादशाह, कुफरी सतलज, कुफरी पुखराज, कुफरी लालिमा की बुवाई 15-25 अक्तूबर तक करनी चाहिए। सब्जियों की नर्सरी व फसलों में सफेद मक्खी तथा चूसक कीटों की निगरानी करें जिसके द्वारा विषाणु जनित रोग फैलते हैं। इसकी रोकथाम के लिए इमिडा क्लोरोप्रिड दवा का छिड़काव 0.3 मिली प्रति लीटर की दर से करें।