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Ghazipur News: दोहरे हत्याकांड में तीन को आजीवन कारावास, लगाया अर्थदंड

Sun, 01 Sep 2024 02:17 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 01 Sep 2024 02:17 AM IST
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Life imprisonment to three in double murder case, fine imposed
गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर तीन अरविंद मिश्र की अदालत ने चंदौली जनपद के सैयदराजा में हुए दोहरे हत्याकांड में शनिवार को तीन दोषियों को आजीवन कारावास और एक- एक लाख रुपये अर्थदंड लगाया। हाईकोर्ट के आदेश पर चंदौली से मामला जनपद न्यायालय स्थानांतरित होकर आया था। विचारण के उपरांत न्यायालय ने फैसला सुनाया।
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प्रकरण के मुताबिक चंदौली जनपद के सैयदराजा थाना क्षेत्र स्थित पंचदेवरा गांव निवासी नीतिश कुमार पुत्र प्रेम कुमार सिंह ने थाने पर तहरीर देकर बताया कि उसके गांव के अजय सिंह उर्फ संतजी, कुंवर रजनीश सिंह उर्फ बाबू और कुंवर विवेश सिंह उर्फ बिट्टू से जमीन का विवाद चल रहा था। अभियुक्त जमीन को कब्जा कर घेरना चाहते थे। इसका विरोध पिता प्रेम कुमार सिंह और बड़े भाई हेमंत सिंह किया करते थे। बीते 13 जनवरी 2017 को पिता प्रेम कुमार सिंह और बड़े भाई हेमंत सिंह बाइक से कचहरी चंदौली से पंचदेवरा मुख्यमार्ग से होकर घर वापस आ रहे थे। वहीं वादी नीतिश कुमार घर से सैयदराजा बाजार कुछ सामान लेने जा रहा था। जैसे ही वह प्राइमरी पाठशाला के पास पहुंचा। शाम करीब पांच बजे अभियुक्त अजय सिंह, कुंवर रजनीश सिंह और कुंवर विवेश सिंह हाथ में असलहा लेकर उसके पिता और भाई को जान से मारने की नियत से अंधाधुंध फायर कर दियया। गोली लगने से पिता और बड़े भाई बाइक सहित गिर गए। तीनों अभियुक्त वहां से भाग गए। लोगों की मदद से पिता और बड़े भाई को पंडित कमलापति त्रिपाठी अस्पताल ले जाया गया। जहां डाॅक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। इस घटना से अफरा- तफरी मच गई और भय का माहौल हो गया। पिता और बड़े भाई की हत्या योजना बनाकर भूमि विवाद को लेकर की गई है। वादी नीतिश कुमार की तहरीर के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाह पेश किए गए। अभियुक्त कुंवर विवेश सिंह की गिरफ्तारी के समय उसके पास से एक देशी पिस्टल और छह कारतूस बरामद हुआ था। इसके संबंध में मुकदमा दर्ज हुआ, जो पृथक रूप से विचारधीन था। इसमें मुकदमा चलाने के लिए जिला मजिस्ट्रेट से अनुमति नहीं ली गई थी। इस संबंध में न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ को निर्णय की एक प्रति भेजने का आदेश दिया। साथ ही अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता नीरज श्रीवास्तव और बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने के बाद उपरोक्त सजा सुनाई है। मालूम हो कि मामला चंदौली जिले का था। चंदौली न्यायालय में विचाराधीन था। हाईकोर्ट के आदेश पर जनपद गाजीपुर स्थानांतिरत होकर आया और विचारण के उपरांत न्यायालय ने उपरोक्त निर्णय सुनाया।
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