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Ghazipur News: दो हत्याभियुक्तों को आजीवन कारावास
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अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय संजय कुमार यादव की अदालत ने सोमवार को हत्या के मामले में दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा और प्रत्येक को 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही अर्थदंड की राशि से 75 प्रतिशत धनराशि वादिनी को देने का आदेश दिया है। मालूम हो कि खानपुर थाना क्षेत्र के डढ़वल गांव निवासी धनशिरा ने तहरीर दी थी कि 27 नवंबर 2014 की शाम छह बजे खेत में पति राधे मोहन यादव के साथ सिंचाई कर रही थी। उसी समय पुरानी रंजिश को लेकर दाऊदपुर गांव निवासी मंगला यादव और उसके पिता राधे उर्फ राधेश्याम, सुधीर यादव उर्फ डब्बल यादव आए। मंगला यादव ने कट्टे से उनके पति राधे मोहन यादव पर फायर कर दिया, जिससे वह गिरकर छटपटाने लगे। गांव वालों की मदद से सैदपुर अस्पताल ले जाया गया।
जहां पति को बीएचयू वाराणसी रेफर कर दिया गया। दौरान इलाज पति की मौत हो गई। वादिनी की सूचना पर थाना खानपुर में आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस ने विवेचना उपरांत आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश की। दौरान विचारण आरोपी मंगला यादव की मौत हो गई। शेष आरोपियों का विचारण शुरू हुआ और अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता जयप्रकाश सिंह ने कुल दस गवाहों को पेश किया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने उपरोक्त सजा सुनाई है।
अभियोजन की तरफ से नहीं आया कोई गवाह
गाजीपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शरद कुमार चौधरी की अदालत में सोमवार को 21 साल पुराने विधिविरुद्ध जमाव और तोड़फोड़ के मामले में सांसद अफजाल अंसारी और अन्य के मामले में अभियोजन की तरफ से कोई गवाह नहीं आया। शेष गवाही के लिए छह जनवरी की तिथि नियत की गई हैं।
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मालूम हो कि नौ अगस्त 2001 को सपा पार्टी के प्रदेश बंद कार्यक्रम के संबंध में तत्कालीन विधायक अफजाल अंसारी मंडी समिति से चार हजार लोगों के साथ जुलूस लेकर तहसील पहुंचे और मुहम्मदाबाद एसडीएम कार्यालय पहुंचे। सूचना पर तत्कालीन क्षेत्राधिकारी समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन लोगों को करीब 12 बजे दिन में रोकने प्रयास किया गया। इसके बावजूद भी वह कक्ष में प्रवेश कर दरवाजा और खिड़की के शीशे बेंच आदि तोड़ने लगे। उनको गिरफ्तार करने का प्रयास किया गया तो अफजाल अंसारी भीड़ में शामिल होकर सभा करने लगे। इस घटना के बाद पुलिस ने अफजाल अंसारी सहित कुल नौ आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया। विवेचना उपरांत आरोप पत्र प्रेषित किया।
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जहां पति को बीएचयू वाराणसी रेफर कर दिया गया। दौरान इलाज पति की मौत हो गई। वादिनी की सूचना पर थाना खानपुर में आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस ने विवेचना उपरांत आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश की। दौरान विचारण आरोपी मंगला यादव की मौत हो गई। शेष आरोपियों का विचारण शुरू हुआ और अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता जयप्रकाश सिंह ने कुल दस गवाहों को पेश किया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने उपरोक्त सजा सुनाई है।
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अभियोजन की तरफ से नहीं आया कोई गवाह
गाजीपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शरद कुमार चौधरी की अदालत में सोमवार को 21 साल पुराने विधिविरुद्ध जमाव और तोड़फोड़ के मामले में सांसद अफजाल अंसारी और अन्य के मामले में अभियोजन की तरफ से कोई गवाह नहीं आया। शेष गवाही के लिए छह जनवरी की तिथि नियत की गई हैं।
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मालूम हो कि नौ अगस्त 2001 को सपा पार्टी के प्रदेश बंद कार्यक्रम के संबंध में तत्कालीन विधायक अफजाल अंसारी मंडी समिति से चार हजार लोगों के साथ जुलूस लेकर तहसील पहुंचे और मुहम्मदाबाद एसडीएम कार्यालय पहुंचे। सूचना पर तत्कालीन क्षेत्राधिकारी समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन लोगों को करीब 12 बजे दिन में रोकने प्रयास किया गया। इसके बावजूद भी वह कक्ष में प्रवेश कर दरवाजा और खिड़की के शीशे बेंच आदि तोड़ने लगे। उनको गिरफ्तार करने का प्रयास किया गया तो अफजाल अंसारी भीड़ में शामिल होकर सभा करने लगे। इस घटना के बाद पुलिस ने अफजाल अंसारी सहित कुल नौ आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया। विवेचना उपरांत आरोप पत्र प्रेषित किया।