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तीन हत्याभियुक्तों को आजीवन कारावास
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अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय संजय कुमार यादव की अदालत ने शनिवार को हत्या के मामले में तीन अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक अभियुक्तों को 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन के अनुसार थाना शादियाबाद के गांव सरायगोकुल निवासी जयकरन यादव ने नौ अक्टूबर 2008 को तहरीर थाने में दी कि सुबह 7.30 बजे डीजल मशीन से खेत में पानी ले जाना था। वह पाइप लगा रहे थे। उसका भाई जगनू और उसकी भाभी लाली देवी दूसरा पाइप लेने जा रहे थे कि इतने में पीछे से जनार्दन यादव, उसका भाई कन्हैया यादव, छेदी यादव और विजय यादव डंडा लिए हुए आए और मारपीट करने लगे।
मारपीट में वह और उसकी भाभी जान बचाकर भागे, लेकिन उसका भाई जगनू घुटने में दर्द होने के करण भाग नहीं हो सका और चारों अभियुक्तों ने मिलकर लाठी-डंडे से मारकर जगनू को लहूलुहान कर दिया। शोर मचाने पर गांव के लोग आ गए। लोगों के सहयोग से घायल जगनू को उठा कर मशीन पर लाये कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई।
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हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस ने विवेचना उपरांत आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय आरोप पत्र पेश किया। विचारण दौरान आरोपी कन्हैया यादव की मौत हो गई और शेष आरोपियों के विरुद्ध विचारण के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता जयप्रकाश सिंह ने कुल सात गवाहों को पेश किया। सभी गवाहों ने अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराते हुए घटना का समर्थन किया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने उपरोक्त सजा सुनाई है। साथ ही अर्थदंड की राशि से 75 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी लाली देवी को देने का आदेश दिया है।
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अभियोजन के अनुसार थाना शादियाबाद के गांव सरायगोकुल निवासी जयकरन यादव ने नौ अक्टूबर 2008 को तहरीर थाने में दी कि सुबह 7.30 बजे डीजल मशीन से खेत में पानी ले जाना था। वह पाइप लगा रहे थे। उसका भाई जगनू और उसकी भाभी लाली देवी दूसरा पाइप लेने जा रहे थे कि इतने में पीछे से जनार्दन यादव, उसका भाई कन्हैया यादव, छेदी यादव और विजय यादव डंडा लिए हुए आए और मारपीट करने लगे।
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मारपीट में वह और उसकी भाभी जान बचाकर भागे, लेकिन उसका भाई जगनू घुटने में दर्द होने के करण भाग नहीं हो सका और चारों अभियुक्तों ने मिलकर लाठी-डंडे से मारकर जगनू को लहूलुहान कर दिया। शोर मचाने पर गांव के लोग आ गए। लोगों के सहयोग से घायल जगनू को उठा कर मशीन पर लाये कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई।
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हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस ने विवेचना उपरांत आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय आरोप पत्र पेश किया। विचारण दौरान आरोपी कन्हैया यादव की मौत हो गई और शेष आरोपियों के विरुद्ध विचारण के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता जयप्रकाश सिंह ने कुल सात गवाहों को पेश किया। सभी गवाहों ने अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराते हुए घटना का समर्थन किया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने उपरोक्त सजा सुनाई है। साथ ही अर्थदंड की राशि से 75 प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी लाली देवी को देने का आदेश दिया है।