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Ghazipur News: नाबालिग से दुष्कर्म में दोषी को उम्रकैद
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गाजीपुर। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो प्रथम रामअवतार प्रसाद की अदालत ने बुधवार को नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और 40 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही न्यायालय ने अर्थदंड की 50 प्रतिशत राशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
अभियोजन के अनुसार भांवरकोल थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी ने 6 अगस्त 2018 को तहरीर देकर बताया था कि वह अनुसूचित जाति से है।
उसके घर के बगल में श्रीकिशुन राजभर का मकान है। श्रीकिशुन के सगे साढ़ू का लड़का राकेश कुमार उर्फ पिंटू राजभर निवासी कोयरा खोजा, थाना चितबड़ागांव, जनपद बलिया अपने मौसा के यहां 10-15 दिन से आया हुआ था।
आरोप है कि 4 अगस्त 2018 को सुबह करीब आठ बजे वादी की नाबालिग बेटी कक्षा 11 में दाखिले के लिए घर से निकली थी, जिसे आरोपी बहला-फुसलाकर भगा ले गया। वादी की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर पीड़िता को बरामद किया और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मेडिकल परीक्षण कराने के बाद पीड़िता का बयान न्यायालय में दर्ज कराया गया। विवेचना पूरी होने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
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मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रभुनारायण सिंह ने पांच गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाते हुए यह सजा सुनाई।
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अभियोजन के अनुसार भांवरकोल थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी ने 6 अगस्त 2018 को तहरीर देकर बताया था कि वह अनुसूचित जाति से है।
उसके घर के बगल में श्रीकिशुन राजभर का मकान है। श्रीकिशुन के सगे साढ़ू का लड़का राकेश कुमार उर्फ पिंटू राजभर निवासी कोयरा खोजा, थाना चितबड़ागांव, जनपद बलिया अपने मौसा के यहां 10-15 दिन से आया हुआ था।
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आरोप है कि 4 अगस्त 2018 को सुबह करीब आठ बजे वादी की नाबालिग बेटी कक्षा 11 में दाखिले के लिए घर से निकली थी, जिसे आरोपी बहला-फुसलाकर भगा ले गया। वादी की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर पीड़िता को बरामद किया और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मेडिकल परीक्षण कराने के बाद पीड़िता का बयान न्यायालय में दर्ज कराया गया। विवेचना पूरी होने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
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मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रभुनारायण सिंह ने पांच गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाते हुए यह सजा सुनाई।