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Ghazipur News: स्वास्थ्य मेले में ओपीडी से भी कम रोगी
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जिले के 62 न्यू पीएचसी और स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। इसमें 2632 लोगों ने उपचार कराकर नि:शुल्क दवा भी प्राप्त किया। हालांकि अधिकांश जगहों पर मरीजों की संख्या काफी कम दिखाई पड़े। ऐसे में लोगों ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों के मेले में न बैठने के चलते अब लोग इस सुविधा से धीरे-धीरे मुंह मोड़ते दिखाई पड़ रहे हैं।
सुहवल संवाददाता के अनुसार रेवतीपुर ब्लाक चार प्राथमिक स्वास्थ्य पर 131 ही मरीज पहुंचे थे। लोगों ने बताया कि यह हैरानी की बात है कि जितने मरीज प्रतिदिन रेवतीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के ओपीडी में आते है, उतने मरीज चार पीएचसी मिलाकर पहुंचे। स्थिति तो यह है कि आरोग्य मेले में जीवन रक्षक दवाओं के टोटा और विशेषज्ञ चिकित्सकों के न रहने से लोग अब इससे किनारा कर रहे हैं।
डेढ़गावां पीएचसी पर 23, नगसर 24, उत्तरौली 30 ही मरीज आए, जबकि मेदिनीपुर नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 54 मरीजों ने इस सुविधा का लाभ उठाया। स्थानीय लोगों ने बताया कि स्वास्थ्य मेला महज रस्म अदायगी बनकर रह गया है। मरीजों ने तो यहां तक बताया कि आयोजित मेले को लेकर किसी तरह का प्रचार प्रसार नहीं किया जाता है। इस संबंध में रेवतीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक एवं प्रभारी अधिकारी डा. अनिल कुमार ने बताया कि चार पीएचसी पर कुल 131 आए मरीजों का मेले में उपचार और उन्हें दवाओं का वितरण किया गया।
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बारा संवाददाता के अनुसार सीएचसी भदौरा के चार पीएचसी पर 157 मरीजों का उपचार किया गया। स्वास्थ्य केंद्रों में जुकाम, बुखार एवं चर्मरोग आदि से पीड़ित मरीज इलाज कराने पहुंचे। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बारा में आयोजित मेले में डॉक्टर अजीत के नेतृत्व में 44 मरीजों की जांच कर नि:शुल्क दवा वितरित की गई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गहमर में डॉक्टर शिशिर कपूर की टीम ने 41, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवल में डॉक्टर बालकिशुन के नेतृत्व में 35 और दिलदारनगर में डॉक्टर काजिम अहमद के नेतृत्व में 37 मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श देकर नि:शुल्क दवा वितरित की गई।
भदौरा सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर धनंजय आनंद ने मुख्यमंत्री आरोग्य मेला के संबंध में सभी पीएचसी प्रभारियों से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि सभी पीएचसी पर मरीजों को दवाएं देकर ठंड से बचाव के संबंध में जानकारी दी गई है।
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सुहवल संवाददाता के अनुसार रेवतीपुर ब्लाक चार प्राथमिक स्वास्थ्य पर 131 ही मरीज पहुंचे थे। लोगों ने बताया कि यह हैरानी की बात है कि जितने मरीज प्रतिदिन रेवतीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के ओपीडी में आते है, उतने मरीज चार पीएचसी मिलाकर पहुंचे। स्थिति तो यह है कि आरोग्य मेले में जीवन रक्षक दवाओं के टोटा और विशेषज्ञ चिकित्सकों के न रहने से लोग अब इससे किनारा कर रहे हैं।
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डेढ़गावां पीएचसी पर 23, नगसर 24, उत्तरौली 30 ही मरीज आए, जबकि मेदिनीपुर नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 54 मरीजों ने इस सुविधा का लाभ उठाया। स्थानीय लोगों ने बताया कि स्वास्थ्य मेला महज रस्म अदायगी बनकर रह गया है। मरीजों ने तो यहां तक बताया कि आयोजित मेले को लेकर किसी तरह का प्रचार प्रसार नहीं किया जाता है। इस संबंध में रेवतीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक एवं प्रभारी अधिकारी डा. अनिल कुमार ने बताया कि चार पीएचसी पर कुल 131 आए मरीजों का मेले में उपचार और उन्हें दवाओं का वितरण किया गया।
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बारा संवाददाता के अनुसार सीएचसी भदौरा के चार पीएचसी पर 157 मरीजों का उपचार किया गया। स्वास्थ्य केंद्रों में जुकाम, बुखार एवं चर्मरोग आदि से पीड़ित मरीज इलाज कराने पहुंचे। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बारा में आयोजित मेले में डॉक्टर अजीत के नेतृत्व में 44 मरीजों की जांच कर नि:शुल्क दवा वितरित की गई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गहमर में डॉक्टर शिशिर कपूर की टीम ने 41, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवल में डॉक्टर बालकिशुन के नेतृत्व में 35 और दिलदारनगर में डॉक्टर काजिम अहमद के नेतृत्व में 37 मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श देकर नि:शुल्क दवा वितरित की गई।
भदौरा सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर धनंजय आनंद ने मुख्यमंत्री आरोग्य मेला के संबंध में सभी पीएचसी प्रभारियों से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि सभी पीएचसी पर मरीजों को दवाएं देकर ठंड से बचाव के संबंध में जानकारी दी गई है।