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लक्ष्मण झूला बना सिधौना से बिहारीगंज जाने वाला मार्ग
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भीमापार। बनारस-सिधौना से होकर अनौनी, मेहनाजपुर, आजमगढ़ तक जाने वाली सड़क की स्थिति काफी दयनीय हो चुकी है। सिधौना से बिहारीगंज तक दूरी में यह सड़क काफी घातक और जोखिमपूर्ण बन चुकी है। मार्ग पर यातायात काफी जानलेवा हो गया है। लोग इस मार्ग से या तो आवागमन करना नहीं चाह रहे या फिर उनके यातायात के दौरान हादसा होना नियत बन चुका है।
बनारस-सिधौना-आजमगढ़ मार्ग के काफी जर्जर होने की वजह से सिधौना जाने वाले लोग भी अब इस मार्ग से न जाकर पहले औड़िहार जा रहे हैं और फिर सिधौना आते हैं। इस सड़क की उपयोगिता का अंदाजा सिर्फ इस बात से लगाया जा सकता है, कि बनारस से आजमगढ़ को सीधे तौर पर जोड़ने वाली यहीं एक मात्र सड़क है। बिहारीगंज से पांच रास्ते गुजरते हैं। शेष चार रास्तों से होकर बनारस जाने वालों के लिये भी यहीं रास्ता मात्र एक विकल्प है। हालत यह है कि सिधौना-बिहारीगंज की दूरी मात्र तीन किलोमीटर है। बस, इतनी दूरी में सड़क पर कई सौ गड्ढे हैं। इनमें लगभग पचास गड्ढे तो ऐसे हैं जो तालाब का रूप अख्तियार कर चुके हैं। बरसात के दिनों में जब सारे गड्ढों में पानी भर जाता है, तो स्थिति अत्यन्त ही पीड़ादायक हो जा रही है। इतनी दूरी में सैनिक चौराहा और रामपुर बाजार भी है। रहवासियों को रास्ते की गन्दगी और बदबू से पटे होने के कारण रातों को नींद तक नहीं आती।
50 गांवों के नागरिकों की बढ़ी मुश्किलें-
मार्ग के अगल-बगल तकरीबन पचास गांव हैं। जहां के लोगों के लिये बनारस और आजमगढ़ जाने के लिये यहीं एक सुगम मार्ग है। हालत यह है कि इस मार्ग पर आवागमन करने वाले लोग फिसलकर गिर जा रहे हैं। इलाके के लोगों का कहना है कि सिधौना-बिहारीगंज मार्ग का एक सिरा बनारस-गाजीपुर मार्ग में जाकर मिल रहा है। एनएच होने के नाते सड़क सरकार और विभाग की प्राथमिकता में रहती है। जबकि मार्ग का दूसरा सिरा जिऊली-देवगांव मार्ग में मिल रहा है। जिसकी वजह से इस सड़क को स्टेट हाईवे से जुड़ा होने की वजह से दुरूस्त रखा जाता है। जबकि सिधौना बिहारीगंज मार्ग के दुर्व्यवस्था की कभी सुधि तक नहीं ली गई।
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कोट...
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बनारस-सिधौना-आजमगढ़ मार्ग के काफी जर्जर होने की वजह से सिधौना जाने वाले लोग भी अब इस मार्ग से न जाकर पहले औड़िहार जा रहे हैं और फिर सिधौना आते हैं। इस सड़क की उपयोगिता का अंदाजा सिर्फ इस बात से लगाया जा सकता है, कि बनारस से आजमगढ़ को सीधे तौर पर जोड़ने वाली यहीं एक मात्र सड़क है। बिहारीगंज से पांच रास्ते गुजरते हैं। शेष चार रास्तों से होकर बनारस जाने वालों के लिये भी यहीं रास्ता मात्र एक विकल्प है। हालत यह है कि सिधौना-बिहारीगंज की दूरी मात्र तीन किलोमीटर है। बस, इतनी दूरी में सड़क पर कई सौ गड्ढे हैं। इनमें लगभग पचास गड्ढे तो ऐसे हैं जो तालाब का रूप अख्तियार कर चुके हैं। बरसात के दिनों में जब सारे गड्ढों में पानी भर जाता है, तो स्थिति अत्यन्त ही पीड़ादायक हो जा रही है। इतनी दूरी में सैनिक चौराहा और रामपुर बाजार भी है। रहवासियों को रास्ते की गन्दगी और बदबू से पटे होने के कारण रातों को नींद तक नहीं आती।
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50 गांवों के नागरिकों की बढ़ी मुश्किलें-
मार्ग के अगल-बगल तकरीबन पचास गांव हैं। जहां के लोगों के लिये बनारस और आजमगढ़ जाने के लिये यहीं एक सुगम मार्ग है। हालत यह है कि इस मार्ग पर आवागमन करने वाले लोग फिसलकर गिर जा रहे हैं। इलाके के लोगों का कहना है कि सिधौना-बिहारीगंज मार्ग का एक सिरा बनारस-गाजीपुर मार्ग में जाकर मिल रहा है। एनएच होने के नाते सड़क सरकार और विभाग की प्राथमिकता में रहती है। जबकि मार्ग का दूसरा सिरा जिऊली-देवगांव मार्ग में मिल रहा है। जिसकी वजह से इस सड़क को स्टेट हाईवे से जुड़ा होने की वजह से दुरूस्त रखा जाता है। जबकि सिधौना बिहारीगंज मार्ग के दुर्व्यवस्था की कभी सुधि तक नहीं ली गई।
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