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जानलेवा बना हंसराजपुर-भड़सर-मऊ राजमार्ग का सफर

Thu, 16 Jul 2020 09:36 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jul 2020 09:36 PM IST
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Killer journey of Hansrajpur-Bhadsar-Mau highway
गाजीपुर। हंसराजपुर-भड़सर-मऊ मार्ग इन दिनों गड्ढ़े में तब्दील हो गया है। सड़क पर गिट्टियों के बिखरने से यहां आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। राजमार्ग जानलेवा बन चुका है। करोड़ों की लागत से बने राजमार्ग पर के दोनों तरफ दो दर्जन से अधिक गांव बसे हैं। लोगों के आवागमन के लिए यह मार्ग सहारा है। इस पर पैदल चलने वाले राहगीर और बाइक सवार असमय गिरकर चुटहिल होते रहते हैं। सड़क से गिट्टी और पिच उखड़कर बिखर चुकी है। बारिश के बाद और खतरनाक हो चुके इस रास्ते पर लोग अब आवागमन करना नहीं चाहते। लेकिन आपाताकालीन जरूरतों की वजह से घर से निकलने वाले लोग गड्ढे में तब्दील सड़क पर घंटों जूझने के लिए विवश हैं।
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हंसराजपुर-भड़सकर-मऊ मार्ग का निर्माण दो दर्जन गांवों के करीब एक लाख की आबादी के आवागमन के लिए पांच साल पहले कराया गया था। गुुणवत्ता विहीन सड़क दो साल में ही टूट कर बिखर गई। वर्तंमान में बरसात के कुुछ छींटों से अनगिनत गड्ढे साफ दिखाई देने लगे हैं। वाहनों की बात दूर, लोग इस रास्ते से पैदल यात्रा तक नहीं कर पा रहे हैं। जर्जर और गड्ढों में तब्दाील हो चुकी सड़क पर मरीजों का एंबुलेंस तक का आवागमन नहीं कर पा रहा है। हर दूसरे या तीसरे दिन खंदक बन चुकी सड़क पर बाइक सवार और पैदल राहगीरों के हादसाग्रस्त होने की सूचना मिल रही है। कुछ दिन पहले इलाके के लोगों की आवाज के बाद विभागीय अधिकारियों ने भी खस्ताहाल सड़क का दौरा किया। लेकिन सड़क मरम्मत या नव निर्माण की दिशा में कोई योजना नहीं बनाई जा सकी।
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सड़क को लेकर हो चुका है कई बार प्रदर्शन...
मनिहारी। हंसराजपुर-भड़सर-मऊ मार्ग की मरम्मत के लिए इलाके में कई बार प्रदर्शन हो चुका है। कुछ दिन पहले एक सामाजिक संगठन के कार्यकर्ताओं ने सड़क के गड्ढों में जमे पानी एवं कीचड़ में धान की रोपाई करके जिम्मेदारों की उदासीनता का मजाक उड़ाया था। इसके अलावा सड़क पर यातायात करने वाले हजारों लोगों के द्वारा भी धरना-प्रदर्शन और अधिकारियों की चौकट तक समस्या से संबंधित ज्ञापन पहुंचाया जा चुका है। लोकनिर्माण विभाग के द्वारा अपनी जिम्मेदारी की खानापूर्ति करते हुए सड़क पर ईंट का मलबा गिराकर गड्ढों को भरने का प्रयास किया गया। अब बरसात में यह ईंट के टुकड़े पैदल राहगीर और वाहन स्वामियों के लिए एक नई मुसीबत बन गई है।
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