जिले में गंगा के तटवर्ती 32 राजस्व गांवों में बाढ़ से लगभग डेढ़ लाख की आबादी प्रभावित हुई है। जिला प्रशासन राहत कार्य में जुटा है। बाढ़ प्रभावित गांवों में नाव और एनडीआरएफ की टीम लगाने की कार्रवाई चल रही है। प्रभावित गांव में नोडल अधिकारी पहले से तैनात हैं। इसको पुख्ता करने और समय से राहत सामग्री वितरित करने की आवश्यकता है। रात से नदी स्थिर है। अब धीरे-धीरे पानी घटता हुआ दिख रहा है। ऐसे में नदी के तटवर्ती इलाकों में कटान हो सकता है। धनराशि की कमी नहीं है। सिंचाई विभाग के अधिकारी सतर्कता बरतें और संभावित कटान क्षेत्र में कटान अवरोध का कार्य करें। ये जानकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद गहमर इंटर कालेज के परिसर में पत्रकारों को दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनप्रतिनिधि और अधिकारी बिना भेदभाव के पीड़ित परिवारों से मिलने के साथ ही राहत सामग्री वितरित कराएं। कहा कि राजस्थान, मध्यप्रदेश और हरियाणा से अतिरिक्त पानी छोड़ जानेे के कारण यमुना, चंबल और बेतवा नदी में पानी बढ़ जाने के कारण प्रदेश में बाढ़ का व्यापक असर पड़ा है। वर्तमान में गंगा नदी के तटवर्ती 24 जनपदों के 600 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। सीएम ने कहा कि जनप्रतिनिधि राहत कार्य में भाग ले रहे हैं। पुलिस प्रशासन को पेट्रोलिंग करने, राहत शिविरों में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती करने और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए स्वास्थ्य तथा पशु पालन विभाग को निर्देश दिया गया है। कहा, स्वास्थ्य विभाग मेडिकल टीम राहत शिविरों एवं बाढ़ प्रभावित इलाकों में तैनात करे। एंटी रेबीज और एंटी स्नैक वेनम उपलब्ध कराए। पशुपालन विभाग से पशुओं के उपचार और चारे की व्यवस्था कराए। कहा कि जिन 32 राजस्व गांवों में बाढ़ का प्रभाव देखने को मिला है। वहां युद्ध स्तर पर कार्य करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि कोरोना महामारी के दौरान जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने जिस तरह बेहतर प्रदर्शन किया है। उसी तरह वे बाढ़ की आपदा का भी सामना मिलकर करेंगे।
इस दौरान एमएलएसी विशाल सिंह चंचल, जमानिया विधायक सुनीता सिंह, सदर विधायक डा. संगीता बलवंत, मुहम्मदाबाद विधायक अलका राय, जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह, प्रभुनाथ चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।