{"_id":"5d1113268ebc3e2b022c2b35","slug":"karanda-ghazipur-news-vns4693239177","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब जमानिया से नहीं, करंडा से होकर जाएगा फोरलेन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब जमानिया से नहीं, करंडा से होकर जाएगा फोरलेन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजीपुर। जिला मुख्यालय को जोड़ने वाली जमानियां -सैय्यदराजा मार्ग के फोरलेन बनने का सपना धरा का धरा रह गया। इस सड़क को फोरलेन की स्वीकृति पहले मिली थी, लेकिन अब इसे बदल दिया गया है। गाजीपुर मुख्यालय से जाने वाला फोरलेन अब वाराणसी से गोरखपुर बन रहे फोरलेन पर महाराजगंज और फतेहउल्ल्हपुर के बीच बाईपास से निकलेगा और करंडा ब्लाक के मैनपुर होते हुए गुजरेगा।
अब तक के तीसरे और अंतिम डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) में यह दर्शाया गया है। जिलाधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक फोरलेन के लिए मैनपुर के पास जिगना घाट पर गंगा में पुल बनेगा। उसके बाद फोरलेन जमानियां होते हुए सैय्यदराजा तक जाएगा। इसके लिए गाजीपुर के सदर, करंडा तथा जमानियां ब्लाक के 40 और चंदौली जनपद के 27 राजस्व गांव के भूखंड अधिग्रहित होंगे। राजस्व विभाग की माने तो तीसरा डीपीआर उन गांवों के भूखंडों की पैमाइश के बाद तैयार किया गया, लेकिन उस डीपीआर में कुछ ऐसे भी गांव अंकित कर दिए गए, जो प्रस्तावित फोरलेन से हटकर है। लिहाजा डीपीआर को संशोधित कर फिर मंजूरी के लिए भेजा गया है।
इस फोरलेन का पहला डीपीआर गंगा पार ताड़ीघाट-मलसा होते हुए वाया जमानियां सैय्यदराजा तक बना था, लेकिन राजस्व विभाग के अनुसार इसके लिए घनी आबादी वाली कई बस्तियां उजाड़नी पड़ रही थीं। कई पक्के निर्माण ढहाने पड़ते। उनके मुआवजे भी देने पड़ते। इससे फोर लेन के निर्माण की लागत भी बढ़ रही थी। उसके कारण दूसरा डीपीआर बना। उसमें घनी आबादियों से बाईपास बनाने की जरूरत बताई गई, लेकिन उसे भी खारिज कर तीसरा डीपीआर बना। तत्कालीन केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा की पहल पर पहले गाजीपुर-ताड़ीघाट-सैय्यदराजा मार्ग पर फोरलेन मंजूर हुआ था। इसी साल मार्च में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लखनऊ पहुंच कर इसका शिलान्यास भी कर दिया था। इसके निर्माण पर कुल 1561 करोड़ रुपये की लागत भी बताई गई थी। अब फोरलेन का मार्ग बदलते ही वहां के किसानों में काफी मायूसी छा गई है, जो भूमि अधिग्रहण को लेकर बड़े मुआवजे की ताक में थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
अब तक के तीसरे और अंतिम डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) में यह दर्शाया गया है। जिलाधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक फोरलेन के लिए मैनपुर के पास जिगना घाट पर गंगा में पुल बनेगा। उसके बाद फोरलेन जमानियां होते हुए सैय्यदराजा तक जाएगा। इसके लिए गाजीपुर के सदर, करंडा तथा जमानियां ब्लाक के 40 और चंदौली जनपद के 27 राजस्व गांव के भूखंड अधिग्रहित होंगे। राजस्व विभाग की माने तो तीसरा डीपीआर उन गांवों के भूखंडों की पैमाइश के बाद तैयार किया गया, लेकिन उस डीपीआर में कुछ ऐसे भी गांव अंकित कर दिए गए, जो प्रस्तावित फोरलेन से हटकर है। लिहाजा डीपीआर को संशोधित कर फिर मंजूरी के लिए भेजा गया है।
विज्ञापन
इस फोरलेन का पहला डीपीआर गंगा पार ताड़ीघाट-मलसा होते हुए वाया जमानियां सैय्यदराजा तक बना था, लेकिन राजस्व विभाग के अनुसार इसके लिए घनी आबादी वाली कई बस्तियां उजाड़नी पड़ रही थीं। कई पक्के निर्माण ढहाने पड़ते। उनके मुआवजे भी देने पड़ते। इससे फोर लेन के निर्माण की लागत भी बढ़ रही थी। उसके कारण दूसरा डीपीआर बना। उसमें घनी आबादियों से बाईपास बनाने की जरूरत बताई गई, लेकिन उसे भी खारिज कर तीसरा डीपीआर बना। तत्कालीन केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा की पहल पर पहले गाजीपुर-ताड़ीघाट-सैय्यदराजा मार्ग पर फोरलेन मंजूर हुआ था। इसी साल मार्च में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लखनऊ पहुंच कर इसका शिलान्यास भी कर दिया था। इसके निर्माण पर कुल 1561 करोड़ रुपये की लागत भी बताई गई थी। अब फोरलेन का मार्ग बदलते ही वहां के किसानों में काफी मायूसी छा गई है, जो भूमि अधिग्रहण को लेकर बड़े मुआवजे की ताक में थे।
विज्ञापन