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दवाओं की कमी पर संयुक्त सचिव गंभीर
अमर उजाला ब्यूरो /गाजीपुर
Updated Tue, 29 Aug 2017 10:44 PM IST
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निरीक्षण के दौरान रजिस्टर की जांच करती संयुक्त सचिव मनीषा सिंह सेंगर।
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सैदपुर। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का मंगलवार को संयुक्त सचिव डॉ. मनीषा सिंह सेंगर ने सघन निरीक्षण किया। संयुक्त सचिव अस्पताल परिसर में पेयजल की अनुपलब्धता, दवाओं की कमी और जेनरेटर को लेकर काफी गंभीर रहीं। उन्होंने चिकित्साधिकारी डॉ. संजीव कुमार सिंह से इस क्रम में नियमानुसार शासन को अवगत कराने को कहा।
मंगलवार को दोपहर बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंची संयुक्त सचिव ने सबसे पहले अस्पताल के जनरल वार्ड का निरीक्षण किया। वहां मौजूद मरीजों के बेड और चादरों सहित सफाई की जानकारी ली। मरीजों के साथ आये तीमारदारों से मरीज को मिल रही अस्पताल की सुविधाओं के बारे में पूछा। उन्होंने लैब, इमरजेंसी वार्ड के रखरखाव की विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की। भंडार रूम में उन्होंने फार्मासिस्ट से दवाओं की उपलब्धता के बाबत पूछताछ की। फार्मासिस्ट और चिकित्साधिकारी ने बताया कि मांग के अनुरूप उन्हें दवाएं नहीं मिलती है।
बीते 17 अगस्त को अस्पताल की ओर से जिले से 72 प्रकार की दवाओं की मांग की गई, जिसके एवज में सीमित मात्रा में महज 16 प्रकार की दवाएं उपलब्ध कराई र्गइं। चिकित्साधिकारी ने बताया कि मांग की केवल 20 फीसदी दवाएं ही मिल पाती हैं। संयुक्त सचिव ने बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि अस्पताल में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता, अस्पताल परिसर में खराब पड़े ओवरहेड टैंक (पानी टंकी) की जगह नई पानी टंकी का निर्माण और उच्चशक्ति के जेनरेटर के लिए शासन से प्राथमिकता के आधार पर उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी।
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मंगलवार को दोपहर बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंची संयुक्त सचिव ने सबसे पहले अस्पताल के जनरल वार्ड का निरीक्षण किया। वहां मौजूद मरीजों के बेड और चादरों सहित सफाई की जानकारी ली। मरीजों के साथ आये तीमारदारों से मरीज को मिल रही अस्पताल की सुविधाओं के बारे में पूछा। उन्होंने लैब, इमरजेंसी वार्ड के रखरखाव की विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की। भंडार रूम में उन्होंने फार्मासिस्ट से दवाओं की उपलब्धता के बाबत पूछताछ की। फार्मासिस्ट और चिकित्साधिकारी ने बताया कि मांग के अनुरूप उन्हें दवाएं नहीं मिलती है।
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बीते 17 अगस्त को अस्पताल की ओर से जिले से 72 प्रकार की दवाओं की मांग की गई, जिसके एवज में सीमित मात्रा में महज 16 प्रकार की दवाएं उपलब्ध कराई र्गइं। चिकित्साधिकारी ने बताया कि मांग की केवल 20 फीसदी दवाएं ही मिल पाती हैं। संयुक्त सचिव ने बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि अस्पताल में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता, अस्पताल परिसर में खराब पड़े ओवरहेड टैंक (पानी टंकी) की जगह नई पानी टंकी का निर्माण और उच्चशक्ति के जेनरेटर के लिए शासन से प्राथमिकता के आधार पर उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी।
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