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मिलनसार स्वभाव के थे जालान

Wed, 29 Jul 2015 12:20 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर Updated Wed, 29 Jul 2015 12:20 AM IST
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Jalan conviviality were
संतोष जालान काफी मिलनसार थे। उनकी पत्नी और बेटे की पहले ही मौत हो चुकी है। एक बेटी है जिसकी शादी हो चुकी है। जालान अपने सेंट्रल पब्लिक स्कूल के बाहर कटरा वाले मकान में अकेले रहते थे। उनकी मौत की घटना को लेकर हर किसी में आक्रोश था।
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संतोष जालान की कसबा में सेंट्रल पब्लिक स्कूल, रेलवे स्टेशन के पास हेतिमपुर महिला महाविद्यालय, आईटीआई तथा कोल्डस्टोरेज है। एक बेटी है ससुराल में है। कसबा वासियों की मानें तो जालान काफी मिलनसार स्वभाव के थे।
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उनका किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। वह सबकी दिक्कत-परेशानी में भागीदारी कर उसका समाधान कराते थे। उनकी मौत से कसबा का हर कोई दुखी था और पुलिस को इस बात के लिए कोस रहा था कि अपराधियों में पुलिस
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का जरा भी खौफ नहीं रह गया है। यही कारण है उन्होंने दिनदहाड़े हत्या जैसी संगीन घटना को अंजाम दे दिया।

गोली की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोगों ने सोचा कि शायद किसी चारपहिया वाहन की टायर फटा है। आवाज होते ही आसपास के लोगों की नजर आवाज वाली दिशा की तरफ हो गई। जब लोगों को कोई वाहन नजर

 नहीं आया तो लोग मौके पर पहुंचे तो देखा कि संतोष जालान खून से लथपथ होकर पड़े थे। लोगों ने देखा कि उनका गनर भी आसपास नहीं है। जब लोग गनर को ढूंढने के लिए गए तो देखा कि वह कांप रहा था। कुछ ही

देर में आसपास के मौके पर एकत्र हो गए और जालान को उपचार के लिए लेकर वाराणसी रवाना हुए। लोगों में इस बात की चर्चा थी कि अगर गनर ने साहस दिखाते हुए अपनी गन का प्रयोग किया होता तो शायद बदमाश

जालान को गोली मारने में सफल नहीं हो पाते। दिनदहाड़े तहसील के सामने गोली मारकर की गई संतोष जालान की हत्या को लेकर कस्बा में जबरदस्त आक्रोश था। जैसे-जैसे दूकानदारों को घटना की जानकारी होती गई, वैस-वैसे

 उनके शटर गिरने लगे। कुछ देर में बड़े दूकानों सहित चाय-पान की दूकानें बंद हो गई और लोग सड़क पर उतर गए। हत्यारों की गिरफ्तारी और कोतवाल के हटाने की मांग को लेकर लोगों ने गाजीपुर-जमानिया मार्ग पर चक्काजाम

कर दिया। जाम होते ही दोनों तरफ वाहनों के पहिए थमने लगे। कुछ ही देर में वाहनों की लंबी लाइन लग गई। जाम कर रहे आक्रोशित लोग पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। इस दौरान जाम में फंसे लोगों की सांसे

इस बात से टंगी रही कि कही गुस्साएं लोग वाहनों में तोड़-फोड़ करना न शुरू कर दें। मौके पर पर्याप्त संख्या में पुलिस फोर्स पहुंचने पर लोगों की जान में जान आई। चार घंटे तक जाम की वजह से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

जाम कर रहे लोगों का कहना था कि घटनास्थल से सौ मीटर की दूरी पर कोतवाली, दस मीटर दूर कचहरी और दस मीटर ब्लाक है। बावजूद इसके घटना की सूचना देने के 45 मिनट बात पुसिस मौके पर पहुंची।


अगर सौ मीटर की दूरी से पुलिस को आने में 45 मिनट का समय लग गया तो दूर के क्षेत्रों में घटना होने पर पुलिस कई घंटे में पहुंचेगी। पुलिस की सुस्ती से हर किसी में आक्रोश था।
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