गाजीपुर। जिला कारागार में शनिवार को बंदियों को रचनात्मक कार्यों से जोड़कर उन्हें जिम्मेदारी का बोध कराने और बंदियों और अधिकारियों के बीच संवाद पैदा के उद्देश्य से जेल संसद का गठन किया गया। इसमें प्रधानमंत्री, गृहमंत्री सहित छह मंत्रियों को उनके चरित्र सत्यापन के आधार पर एक वर्ष के लिए पद एवं गोपनीयता की शपथ भी दिलाई गई। प्रत्येक मंत्री को उसका दायित्व भी समझाया गया। गठित संसद में प्रधानमंत्री के रूप में बंदी अरुण कुमार तिवारी (बीटेक खड़गपुर), गृहमंत्री बंदी भरत राय (स्नातक), स्वास्थ्य मंत्री बंदी विनय राय (बीएचएमएस) को चुना गया। विभाग आवंटित करते समय मंत्रीगण की योग्यता रुचि एवं उनके पूर्व में किए गए कार्य के आधार पर किया गया। प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री प्रतिदिन कार्य प्रगति की समीक्षा करके जेल प्रशासन को प्रस्तुत करेंगे। वहीं स्वच्छता मंत्री जेल के प्रत्येक बैरकों में स्वच्छता के प्रति जागरूक करेंगे। स्वास्थ्य मंत्री बैरक में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक माहौल पैदा करना एवं अस्वस्थ, अवसाद ग्रस्त व बुजुर्ग बंदियों की समुचित चिकित्सा व्यवस्था कारागार चिकित्साधिकारी के माध्यम से दिलाएंगे और उच्चाधिकारियों को सूचित करेंगे। भोजन एवं जल मंत्री अपने बैरक में भोजन एवं जल की बर्बादी को रोकने के प्रति प्रयत्नशील रहेंगे एवं इसके उपयोगिता के बारे में बंदियों को जागरूक करेंगे। शिक्षा एवं सांस्कृतिक मंत्री प्रत्येक अहाते में तैयार किए गए पार्क में निरक्षर बंदियों को साक्षर करने में सहयोग करेंगे। रोजगार परक प्रशिक्षण से जोड़ना तथा कारागार में संचालित कार्यक्रम के लिए उन्हें प्रेरित करेंगे। योग शिक्षा मंत्री अपने अहाते में प्रतिदिन डेढ़ घंटा बंदियों को योग कराएंगे व इससे होने वाले लाभ के प्रति जागरूक करेंगे। विधि मंत्री बंदियों को न्यायालय से संबंधित सभी समस्याओं से उच्चाधिकारियों को अवगत कराएंगे। मूल्यांकन करके प्रतिदिन प्रधानमंत्री, गृहमंत्री व जेल अधिकारी की ओर से प्रत्येक बैरक का स्वच्छता, शिक्षा एवं स्वास्थ्य का मूल्यांकन किया जाएगा। प्रतिदिन मूल्यांकन के लिए ग्रेडिंग सिस्टम अपनाया जाएगा। जिससे बैरकों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा व अच्छे वातावरण का निर्माण तथा प्रत्येक माह मंत्रियों को उनके अच्छे कार्य के लिए पुरस्कृत किया जाएगा। अध्यक्षता जेल अधीक्षक हरिओम शर्मा ने की। जेलर शिवकुमार यादव, उपकारापाल अरविंद सिंह यादव, कमलचंद आदि रहे।