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Ghazipur News: शिक्षकों का हेलमेट लगाना जरूरी, लागू हुई व्यवस्था
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भीमापार। सड़क दुर्घटनाओं के प्रति छात्र-छात्राओं को जागरूक करने के लिए परिषदीय स्कूलों में राष्ट्रीय सुरक्षा का पाठ पढ़ाया जाएगा। साथ ही विद्यालयों के शिक्षकों को वाहन चलाते समय हेलमेट लगाना जरूरी होगा। 31 जनवरी तक चलने वाले कार्यक्रम में परिषदीय स्कूलों के बच्चों की सक्रिय सहभागिता होगी।
15 जनवरी के बाद जब स्कूल खुलेंगे तो बच्चों को राष्ट्रीयकृत पाठ्य-पुस्तकों में समाहित सड़क सुरक्षा एवं यातायात के नियम से संबंधित पाठ पढ़ाए जाएंगे। स्कूल के शिक्षक व कर्मी जो दो पहिया वाहन से आते होंगे, उन्हें अनिवार्य रूप से हेलमेट लगाना होगा।
सचेत करने के लिए परिसर में बोर्ड भी लगाया जाएगा। जिसकी निगरानी की जिम्मेदारी विद्यालय के प्रधानाध्यापक की होगी। बिना हेलमेट आने वाले कर्मियों से विभाग स्पष्टीकरण भी लेगा। शिक्षा निदेशक बेसिक प्रताप सिंह बघेल की ओर से बीएसए उपासना रानी वर्मा को जारी पत्र में कहा गया है कि प्रत्येक स्कूली वाहनों के चालकों का सामान्य स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण राजकीय चिकित्सालयों में कराया जाएगा। सड़क सुरक्षा विषय पर प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके शिक्षकों (मास्टर ट्रेनर्स) द्वारा सभी शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों के मध्य क्विज, चित्रकला तथा भाषण प्रतियोगिताएं भी कराई जाएंगी। छह से आठ तक के परिषदीय व अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में गठित रोड सेफ्टी क्लब के माध्यम से 18 वर्ष से कम आयु के विद्यार्थियों को वाहन न चलाने के लिए जागरूक किया जाएगा।
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शिक्षा विभाग का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को जन आंदोलन का रूप देना है। सड़क सुरक्षा को लेकर बच्चे शपथ भी लेंगे। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में स्काउट गाइड के विद्यार्थियों के जरिए भी जागरूकता कार्यक्रम होंगे। कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों को वाहन न चलाने के लिए हिदायत दी जाएगी। प्रत्येक विद्यालय में सड़क सुरक्षा नोडल भी नामित किए जाएंगे।
वहीं बीएसए उपासना रानी वर्मा ने बताया कि बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ यातायात नियमों की जानकारी दी जाएगी। स्कूल की दीवारों पर यातायात के नियम लिखवाए जाएंगे।
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15 जनवरी के बाद जब स्कूल खुलेंगे तो बच्चों को राष्ट्रीयकृत पाठ्य-पुस्तकों में समाहित सड़क सुरक्षा एवं यातायात के नियम से संबंधित पाठ पढ़ाए जाएंगे। स्कूल के शिक्षक व कर्मी जो दो पहिया वाहन से आते होंगे, उन्हें अनिवार्य रूप से हेलमेट लगाना होगा।
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सचेत करने के लिए परिसर में बोर्ड भी लगाया जाएगा। जिसकी निगरानी की जिम्मेदारी विद्यालय के प्रधानाध्यापक की होगी। बिना हेलमेट आने वाले कर्मियों से विभाग स्पष्टीकरण भी लेगा। शिक्षा निदेशक बेसिक प्रताप सिंह बघेल की ओर से बीएसए उपासना रानी वर्मा को जारी पत्र में कहा गया है कि प्रत्येक स्कूली वाहनों के चालकों का सामान्य स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण राजकीय चिकित्सालयों में कराया जाएगा। सड़क सुरक्षा विषय पर प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके शिक्षकों (मास्टर ट्रेनर्स) द्वारा सभी शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों के मध्य क्विज, चित्रकला तथा भाषण प्रतियोगिताएं भी कराई जाएंगी। छह से आठ तक के परिषदीय व अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में गठित रोड सेफ्टी क्लब के माध्यम से 18 वर्ष से कम आयु के विद्यार्थियों को वाहन न चलाने के लिए जागरूक किया जाएगा।
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शिक्षा विभाग का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को जन आंदोलन का रूप देना है। सड़क सुरक्षा को लेकर बच्चे शपथ भी लेंगे। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में स्काउट गाइड के विद्यार्थियों के जरिए भी जागरूकता कार्यक्रम होंगे। कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों को वाहन न चलाने के लिए हिदायत दी जाएगी। प्रत्येक विद्यालय में सड़क सुरक्षा नोडल भी नामित किए जाएंगे।
वहीं बीएसए उपासना रानी वर्मा ने बताया कि बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ यातायात नियमों की जानकारी दी जाएगी। स्कूल की दीवारों पर यातायात के नियम लिखवाए जाएंगे।