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बाबा नगरिया दूर है, जाना जरूर है
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Mon, 15 Aug 2016 01:11 AM IST
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बाबा नगरिया दूर है, जाना जरूर है
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सावन के अंतिम सोमवार को बाबा का जलाभिषेक करने के लिए सैकड़ों कांवरिए रविवार को शहर में पहुंचे। ददरीघाट घाट सहित अन्य घाटों पर स्नान करने के बाद कांवर जल लेकर बाबा नगरिया दूर है, जाना जरूर है, बोल बम का नारा है, बाबा एक सहारा आदि का जयघोष करते हुए जिला मुख्यालय से 26 किमी दूर मरदह के महाहर धाम के लिए पदयात्रा करते हुए रवाना हुए।
कावंरियों के जत्थे में छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल थे, जिनके पैर आस्था के जोश के साथ धाम की तरफ बढ़ रहे थे।
कांवरियों के आवागमन में परेशानी न हो, इसके लिए कई मार्गों पर आवागमन प्रतिबंधित करने के साथ ही कई को वनवे किया गया था।पूरे सावन माह में अंतिम सोमवार को भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए रविवार को शहर में सैकड़ों कावंरिया पहुंचे। दोपहर बाद से इनके आने का क्रम शुरू हो गया। ट्रेन, यात्री वाहन और निजी वाहन से कावंरिया यहां पहुंचे। सजी दूकानों से पूजा सामग्री की खरीददारी करने के बाद शहर के ददरीघाट घाट पर पहुंचे। यहां पर हर-हर महादेव के जयघोष के साथ भक्तों ने गंगा स्नान किया। इसके बाद कांवर में जल भरकर पूजन-अर्चन किया।
बोल-बम आदि, हर-हर महादेव आदि का जयघोष करते हुए 26 किलोमीटर दूर मरदह के महाहर धाम पर भोले का जलाभिषेक करने के लिए रवाना हुए। देर रात तक कावंरियों के यहां आने और गंगा घाट से जल लेकर महाहर धाम जाने का सिलसिला बना रहा। कावंरियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए गंगा घाटों सहित मार्गों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस कर्मी तैनात रहे। कुछ मार्गों पर जहां वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित किया गया था, वहीं कई मार्गों को वनवे कर दिया गया, कई स्थानों पर समाजसेवियों की तरफ से कावंरियों के लिए शिविर का आयोजन किया गया था।
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कावंरियों के जत्थे में छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल थे, जिनके पैर आस्था के जोश के साथ धाम की तरफ बढ़ रहे थे।
कांवरियों के आवागमन में परेशानी न हो, इसके लिए कई मार्गों पर आवागमन प्रतिबंधित करने के साथ ही कई को वनवे किया गया था।पूरे सावन माह में अंतिम सोमवार को भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए रविवार को शहर में सैकड़ों कावंरिया पहुंचे। दोपहर बाद से इनके आने का क्रम शुरू हो गया। ट्रेन, यात्री वाहन और निजी वाहन से कावंरिया यहां पहुंचे। सजी दूकानों से पूजा सामग्री की खरीददारी करने के बाद शहर के ददरीघाट घाट पर पहुंचे। यहां पर हर-हर महादेव के जयघोष के साथ भक्तों ने गंगा स्नान किया। इसके बाद कांवर में जल भरकर पूजन-अर्चन किया।
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बोल-बम आदि, हर-हर महादेव आदि का जयघोष करते हुए 26 किलोमीटर दूर मरदह के महाहर धाम पर भोले का जलाभिषेक करने के लिए रवाना हुए। देर रात तक कावंरियों के यहां आने और गंगा घाट से जल लेकर महाहर धाम जाने का सिलसिला बना रहा। कावंरियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए गंगा घाटों सहित मार्गों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस कर्मी तैनात रहे। कुछ मार्गों पर जहां वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित किया गया था, वहीं कई मार्गों को वनवे कर दिया गया, कई स्थानों पर समाजसेवियों की तरफ से कावंरियों के लिए शिविर का आयोजन किया गया था।
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