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Ghazipur News: गाजीपुर में घटे संस्थागत प्रसव, बरूईन में सिजेरियन प्रसव शून्य
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सीएचसी बरुइन ज़मानिया। स्रोत सोशल मीडिया
गाजीपुर। जिले के 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में बीते वर्ष सितंबर की तुलना में इस साल सितंबर में संस्थागत प्रसव की संख्या कम हुई है। वहीं, छह सीएचसी पर प्रसव का आंकड़ा बढ़ा है। जननी सुरक्षा योजना के तहत सुरक्षित प्रसव और बेहतर चिकित्सकीय सुविधा का लक्ष्य है। बावजूद इसके, पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष सितंबर माह के आंकड़ों में गिरावट आई है। जिले के पांच सीएचसी सैदपुर, मुहम्मदाबाद, जखनिया, कासिमाबाद, भदौरा और बरूईन को प्रथम संदर्भन इकाई (एफआरयू) बनाया गया है। इन इकाइयों में सिजेरियन प्रसव की व्यवस्था है। हालांकि, एफआरयू बरूईन में शून्य सिजेरियन प्रसव हुआ है। वहीं, भदौरा में केवल दो सिजेरियन प्रसव दर्ज किए गए। यह स्थिति स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
संस्थागत प्रसव में उतार-चढ़ाव
बीते वर्ष सितंबर की तुलना में इस वर्ष सितंबर में सैदपुर में 77, देवकली में 56, मनिहारी में 33 और मुहम्मदाबाद में 135 संस्थागत प्रसव कम हुए हैं। कुल 12 सीएचसी पर प्रसव में कमी दर्ज की गई है। इसके विपरीत, मिर्जापुर सीएचसी पर 96, जमानिया में 160, बाराचवर में 57 और जिला महिला चिकित्सालय में 507 संस्थागत प्रसव की वृद्धि हुई है। अर्बन क्षेत्र में भी 19 प्रसव बढ़े हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इन आंकड़ों में सुधार के निर्देश दिए हैं।
सिजेरियन प्रसव की चुनौती
एफआरयू में बीते अप्रैल माह से अब तक के सिजेरियन प्रसव के आंकड़ों में सैदपुर करीब 144 और मुहम्मदाबाद करीब 36 प्रसव के साथ अव्वल हैं। जखनिया में 33 और कासिमाबाद में 15 सिजेरियन प्रसव हुए हैं। करीब पांच वर्ष बाद भदौरा एफआरयू में सिजेरियन प्रसव शुरू हुआ, जहां सितंबर में दो प्रसव हुए।
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जिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सितंबर माह में संस्थागत प्रसव के आंकड़ों में कमी आई है, उसमें सुधार लाने के निर्देश दिए गए हैं। भदौरा एफआरयू में करीब पांच वर्ष बाद सिजेरियन प्रसव शुरू हुआ है। वहीं, बरूईन सीएचसी एफआरयू में सिजेरियन प्रसव शुरू कराने को लेकर ठोस कदम उठाए जाए रहे हैं। - डॉ. एसके पांडेय, सीएमओ
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संस्थागत प्रसव में उतार-चढ़ाव
बीते वर्ष सितंबर की तुलना में इस वर्ष सितंबर में सैदपुर में 77, देवकली में 56, मनिहारी में 33 और मुहम्मदाबाद में 135 संस्थागत प्रसव कम हुए हैं। कुल 12 सीएचसी पर प्रसव में कमी दर्ज की गई है। इसके विपरीत, मिर्जापुर सीएचसी पर 96, जमानिया में 160, बाराचवर में 57 और जिला महिला चिकित्सालय में 507 संस्थागत प्रसव की वृद्धि हुई है। अर्बन क्षेत्र में भी 19 प्रसव बढ़े हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इन आंकड़ों में सुधार के निर्देश दिए हैं।
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सिजेरियन प्रसव की चुनौती
एफआरयू में बीते अप्रैल माह से अब तक के सिजेरियन प्रसव के आंकड़ों में सैदपुर करीब 144 और मुहम्मदाबाद करीब 36 प्रसव के साथ अव्वल हैं। जखनिया में 33 और कासिमाबाद में 15 सिजेरियन प्रसव हुए हैं। करीब पांच वर्ष बाद भदौरा एफआरयू में सिजेरियन प्रसव शुरू हुआ, जहां सितंबर में दो प्रसव हुए।
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जिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सितंबर माह में संस्थागत प्रसव के आंकड़ों में कमी आई है, उसमें सुधार लाने के निर्देश दिए गए हैं। भदौरा एफआरयू में करीब पांच वर्ष बाद सिजेरियन प्रसव शुरू हुआ है। वहीं, बरूईन सीएचसी एफआरयू में सिजेरियन प्रसव शुरू कराने को लेकर ठोस कदम उठाए जाए रहे हैं। - डॉ. एसके पांडेय, सीएमओ